गजल..... तेरे इश्क में...???
ग़ज़ल
तेरे इश्क में...??
🖋️प्रमोद कुमार सिन्हा
तेरे इश्क में जाम पर जाम पिये जा रहा हूँ,
तेरे इश्क में जाम पर जाम पिये जा रहा हूँ,
हर पल हर घड़ी तेरा नाम लिये जिये जा रहा हूँ,
हो गया तन्हा अब क्या करूँ तुम्हीं कुछ बोलो,
फ़ितरत है तुम्हारी किससे कहूँ तुम ही खोलो,
दिल लगाया है सितम सह रहा हूँ ये जानते हो,
हँस रहा अंतर्मन दीदार तेरा मेरा मानते हो,
हुज़ूर इस कदर दर्श है वयां क्या करूँ मैं
डर है दास्तां - दास्तां उल्फत कैसे करूँ मैं
बस दीदार तेरा होता रहे आँखों से अश्रुपात झरने दो,
चरण रज़ को बून्द - बून्द से अब तो धो लेने दो,
तरस रहे नयन मेरे हुज़ूरे आलम के फिर दीदार में,
मत छोड़ो मझधार में अंक भर रख लो चौकीदार में,
प्रमोद आश लगाये टकटकी है एक तेरी ही ओर,
आता -पता कुछ लगता नहीं जंचर है तेरा किस ओर,
तेरे इश्क में जाम पे जाम.....2..???

Comments