पत्रकारों को उत्पीड़न करना कितना उचित..? दबाव के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता की चुनौती
पत्रकारों को उत्पीड़न करना कितना उचित..? दबाव के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता की चुनौती जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट पुलिस और प्रशासन से सवाल पूछना पत्रकार का दायित्व, लेकिन खबर में तथ्य, प्रमाण और संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन डिजिटल कार्यालय न्यूज डेस्क 30 सितम्बर, 2026)। लोकतंत्र में पत्रकारिता को समाज का प्रहरी माना जाता है। पत्रकार का काम केवल घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सवालों को सामने लाना, व्यवस्था से जवाब मांगना और निष्पक्ष रूप से तथ्यों को समाज तक पहुंचाना भी है। ऐसे में यदि किसी खबर को लेकर पत्रकार पर अनावश्यक दबाव बनाया जाए, धमकाया जाए या उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जाए, तो यह पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संवाद के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है, वहीं पत्रकार समाज और शासन-व्यवस्था के बीच सूचना का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। दोनों की अपनी-अपनी संवैधानिक और संस्थागत जिम्मेदारियां हैं। किसी खबर से असहमति होने ...