गरीब बाप का बेटा जब अमीर बन जाए तो क्या होता है..?
गरीब बाप का बेटा जब अमीर बन जाए तो क्या होता है..? जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट जिस पिता ने अपनी जरूरतें काटकर बेटे के सपने पूरे किए, वही बेटा दौलत आने के बाद कभी-कभी उन्हीं रिश्तों की कीमत भूल जाता है। बिहार न्यूज़ डेस्क(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 12 अगस्त, 2026)। गरीबी सिर्फ जेब की हालत का नाम नहीं है। गरीबी वह दौर है, जब एक पिता अपने बच्चों की जरूरत पूरी करने के लिए अपनी इच्छाओं को बार-बार कुर्बान करता है। वह अपनी पुरानी कमीज पहन लेता है, लेकिन बेटे के लिए नई कमीज खरीदता है। वह खुद भूखा रह सकता है, लेकिन बच्चों की थाली खाली नहीं देख सकता। वह धूप में तपता है, बारिश में भीगता है, मजदूरी करता है, दुकान लगाता है, खेत में पसीना बहाता है या छोटी-सी नौकरी में दिन-रात खटता है—सिर्फ इसलिए कि उसके बच्चे उससे बेहतर जिंदगी जी सकें। फिर एक दिन वही गरीब घर का बेटा बड़ा हो जाता है। मेहनत करता है, पढ़ता है, कारोबार करता है या नौकरी में ऊंचा मुकाम हासिल करता है। पैसा आता है। मकान बनता है। गाड़ी आती है। बैंक बैलेंस बढ़ता है। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है। लेकिन अस...