राजनीति किसी की विरासत है क्या..?सत्ता पर अधिकार जन्म से नहीं, जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक अधिकार से मिलता है
राजनीति किसी की विरासत है क्या..? सत्ता पर अधिकार जन्म से नहीं, जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक अधिकार से मिलता है! जनक्रांति विशेष विचार आलेख राजनीति आखिर किसी की निजी संपत्ति है क्या..? क्या सत्ता पर अधिकार किसी परिवार, खानदान या पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाली विरासत के रूप में तय होता है..? क्या लोकतंत्र में नेतृत्व करने का अधिकार केवल उन्हीं लोगों को है, जिनके परिवार का पहले से राजनीति में प्रभाव रहा है..? ये सवाल आज भारतीय लोकतंत्र के सामने एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श का विषय हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है। यहां किसी व्यक्ति का राजनीतिक भविष्य उसके जन्म, परिवार या वंश से नहीं, बल्कि उसकी योग्यता, विचारधारा, संघर्ष, जनसेवा और जनता के विश्वास से तय होना चाहिए। राजनीति में परिवारवाद या जनसेवा..? राजनीति में परिवार से आने वाले लोगों का प्रवेश अपने आप में असंवैधानिक नहीं है। प्रत्येक नागरिक को चुनाव लड़ने और सार्वजनिक जीवन में आने का अधिकार है। लेकिन सवाल तब उठता है, जब राजनीतिक दलों और सत्ता के महत्वपूर्ण अवसरों पर सामान्य कार्...