विश्व हास्य दिवस : खुशियों का अनमोल उपहार हँसी वह इकलौती 'सरकारी स्कीम' है जिसमें कोई टैक्स नहीं लगता और फायदा हमेशा सौ प्रतिशत मिलता है:
विश्व हास्य दिवस : खुशियों का अनमोल उपहार हँसी वह इकलौती 'सरकारी स्कीम' है जिसमें कोई टैक्स नहीं लगता और फायदा हमेशा सौ प्रतिशत मिलता है: जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान इतना व्यस्त हो गया है कि वह दिल खोलकर हँसना ही भूल गया है : जॉली अंकल इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 1 मई 2026)। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान इतना व्यस्त हो गया है कि वह दिल खोलकर हँसना ही भूल गया है। लोग अक्सर चेहरों पर गंभीरता का मुखौटा ओढ़े रहते हैं, जैसे पूरी दुनिया का बोझ उन्हीं के कंधों पर हो। विश्व हास्य दिवस हमें याद दिलाता है कि हँसना कोई शौक नहीं, बल्कि जीवन की एक अनिवार्य ज़रूरत है। हँसी वह इकलौती 'सरकारी स्कीम' है जिसमें कोई टैक्स नहीं लगता और फायदा हमेशा सौ प्रतिशत मिलता है। स्वामी विवेकानंद जी ने भी कहा था कि लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको, और आज हमारा लक्ष्य केवल हँसना और हँसाना होना चाहिए। खुशहाल जीवन वही है जहाँ हर साँस में आनंद हो और छोटी-छोटी बातें भी आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएं। याद ...