Skip to main content

Posts

Featured

पहला ख़याल — बदलता हुआ समाज, बदलती आवाज़ें

पहला ख़याल — बदलता हुआ समाज, बदलती आवाज़ें जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट  पहले लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते थे, अब समय की कमी और व्यस्तता ने रिश्तों को औपचारिक बना दिया है। फिर भी उम्मीद खत्म नहीं हुई है। समस्तीपुर, बिहार। सुबह की पहली रोशनी जब धरती पर गिरती है, तो केवल सूरज नहीं उगता — उम्मीदें भी जन्म लेती हैं। यही पहला विचार मेरे मन में आता है — बदलाव। दुनिया बदल रही है, समाज बदल रहा है, और इंसान की सोच भी धीरे-धीरे एक नई दिशा में आगे बढ़ रही है। कभी गांव की चौपाल पर बैठकर खबरें सुनी जाती थीं, आज मोबाइल की स्क्रीन पर पूरी दुनिया समा गई है। पहले लोग इंतज़ार करते थे अखबार के आने का, अब खबरें सेकंडों में लोगों तक पहुंच जाती हैं। सूचना की इस तेज़ रफ्तार ने लोगों को जागरूक भी बनाया है और जिम्मेदार भी। लेकिन इस बदलाव के साथ चुनौतियाँ भी आई हैं। जहां तकनीक ने दूरी कम की है, वहीं दिलों के बीच की दूरी कभी-कभी बढ़ती भी नजर आती है। पहले लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते थे, अब समय की कमी और व्यस्तता ने रिश्तों को औपचारिक बना दिया है। फिर भी उम्मीद खत्म नहीं हुई है। ...

Latest Posts

First Thought — A Changing Society, A New Voice

स्वगणना कार्यक्रम को लेकर प्रधान कर्मियों व मीडिया संगठनों की बैठक आयोजित

एक अनजान मुसाफ़िर की मुस्कान — जो दिल में बस गई..

A Stranger’s Smile That Stayed With me..

कल का समस्तीपुर और आज का समस्तीपुर — क्या हुआ बदलाव..?

दुनिया में ऐसी कौन-सी जगह है जहाँ मैं कभी नहीं जाना चाहूँगा..? क्यों..?

What Place in the World Do You Never Want to Visit? Why?

ईरान -इज़राइल - संयुक्त राज्य अमेरिका महयुद्ध की रिपोर्ट इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान क़े बहुत बड़े भाग पर किया कब्जा

स्व - मंथन जो अपनों का ना हुआ ,वो गैरों का होगा कैसे ?

निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ नागरिक समाज ने निकाला शहर में प्रतिरोध मार्च