परिवहन विभाग द्वारा जप्त की गई दो पहिया वाहन से वाहन की इंजन हुई चोरी पूर्व परिवहन पदाधिकारी पर बेचने की आशंका जाहिर जांच की मांग
परिवहन विभाग द्वारा जप्त की गई दो पहिया वाहन से वाहन की इंजन हुई चोरी पूर्व परिवहन पदाधिकारी पर बेचने की आशंका जाहिर जांच की मांग
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
परिवहन कार्यालय के पीछे लगा हुआ जप्त दो पहिया वाहन जिसका इंजन हुआ है चोरी स्थानीय लोगों ने की जिला प्रशासन से जांच की मांग
समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क, 10 फ़रवरी, 2026)। परिवहन विभाग द्वारा जप्त की गई दो पहिया वाहन से वाहन की इंजन हुई चोरी पूर्व परिवहन पदाधिकारी पर बेचने की आशंका जाहिर जांच की उठी मांग। समस्तीपुर जिला में कमाल का खेल देखने को मिल रहा है लोगो ने बताया की परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा अजब गजब का खेल शुरू कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जिला परिवहन कार्यालय में जप्त मोटर साइकिल का इंजन खोलकर बेच दिया गया है। जबकी कैंपस या विभाग की चौकसी के लिए 24 घंटा गार्ड नियुक्त रहता है। फिर भी कार्यालय परिसर में लगे मोटर साइकिल का इंजन कैसे खुल गया यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुछ लोगों ने अपना नाम नहीं खोलने के शर्त पर बताया की वर्तमान जिला परिवहन पदाधिकारी जिनका स्थांतरित हुआ है। उनके द्वारा किसी मिस्त्री को बुलाकर इंजन खोलकर बेच दिया गया है। यह तो जांच का विषय है। लेकिन समस्तीपुर जिला पदाधिकारी कार्यालय कैम्पस में अवस्थित जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जप्त गाड़ी का इंजन खोलकर चोरी हो गया है तो इसमें निश्चित रूप से पदाधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना यह है की इस चोरी की प्राथमिकता अभी तक पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं विभाग द्वारा दर्ज कराया गया है। अब देखना यह की चोरी का मामला संज्ञान में आने पर जिला पदाधिकारी या पुलिस अध्यक्ष द्वारा इसकी उच्चस्तरीय जांच किया जाता है या बड़े पदाधिकारी को बचाने के लिए इस घटना को दफन कर दिया जाता है। यह तो आनेवाला समय ही बताएगा। लेकिन ऐसा होते रहा तो भविष्य में समाहरणालय स्थित परिसर में खड़ी गाड़ियों का इंजन खोलकर कभी भी बेचा जा सकता है। क्योंकि दर्जनों गाड़ियां समाहरणालय स्थित परिसर एवं विकास भवन परिसर में रात दिन लगा रहता है।जो भविष्य में चिंता एवं गंभीर रूप धारण कर सकता है। इस लिए समस्तीपुर जिला पदाधिकारी एवं समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक को खुद इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषी व्यक्ति पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

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