ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन का रक्सौल मे हुआ एक दिवसीय जागरूकता सभा का आयोजन

ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन का रक्सौल मे हुआ एक दिवसीय जागरूकता सभा का सफल आयोजन 

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
 ्ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन ECREU क़े द्वारा 8 फ़रवरी 2026 को पटना में होनेवालें लेबर कोड, निजीकरण, NPS/UPS के विरोध मे विशाल जन कन्वेंशन में भारी संख्या मे शामिल हो सफल बनाने की अपील 

नई श्रम नीति, निजीकरण, NPS/UPS कर्मचारी हित मे नहीं : रत्नेश वर्मा

बिहार न्यूज डेस्क, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 5 फरवरी, 2026)। रक्सौल रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कर्मचारियों के बीच नई श्रम नीति, निजीकरण, NPS/UPS के विरोध स्वरुप 8 फ़रवरी 2026 को पटना मे होने वाले ऐतिहासिक जन कन्वेंशन मे शामिल होने की अपील करते हुए, जागरूकता सभा का समापन हुआ । सभा की अध्यक्षता कामरेड एस • पी• साहू तथा संचालन रत्नेश वर्मा ने किया। उपस्थित रेलवे कर्मचारियों से 8 फरवरी 2026 को पटना पहुंचने की अपील की गयी
जन जागरूकता के दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए खूब नारेवाजी की गयी। पूर्व मध्य रेल जोन का एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन ( निबंधन संख्या -4065 ) क़े द्वारा नए लेबर कोड की वापसी, निजीकरण खत्म करने, पुरानी - पेंशन की बहाली तथा कुछ अन्य मुद्दों क़े साथ पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हैं । यूनियन के केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव सह इंडियन रेलवे इम्प्लांइज फेडरेशन के राष्ट्रीय स• महासचिव श्री रत्नेश वर्मा ने बताया कि इस बार पटना में होनेवाला जन कन्वेंशन अनोखा और ऐतिहासिक होगा। पुरानी पेंशन योजना, निजीकरण / निगमीकरण, नई श्रम नीति का विरोध आदि रेलवे कर्मचारी हितों के सभी मुद्दों के समर्थन में विशाल महारैली के द्वारा उचित मुकाम हासिल किया जायेगा। कर्मियों का पेंशन, वेतन बढ़ोत्तरी,भत्ता, बोनस, ड्यूटी रोस्टर आदि मांगने कि चीज नहीं है। यह एक अधिकार है जिसे सरकार को स्वम लागु करना चाहिए। श्री वर्मा ने कहा कि ECREU द्वारा लेबर कोड की वापसी,पुरानी पेंशन बहाली,
 निजीकरण बंद करने हेतु निर्णायक आंदोलन का आह्वान किया गया है, जिसके समर्थन में ECREU के बैनर तले पुरे रेल जोन से हजारों की संख्या में रेलकर्मी इसमें हिस्सा लेंगे। केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड एस• पी• साहू के कहा की रेलवे कर्मचारियों पर जबरदस्ती निजीकरण / निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 क़े सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गयी है।सरकार क़े द्वारा पहले NPS और अब UPS ला दिया गया है। O. P. S. कि चर्चा तक नहीं हो रही है। पुरे देश में सभी कर्मियों के लिए एक ही पेंशन ब्यवस्था OPS होनी चाहिए। मंडल मंत्री का• संजीव मिश्र ने बताया कि नई श्रम नीति मे कार्य के घंटे मे बढ़ोत्तरी तथा वेतन मे कटौती करने कि निति हैं।AICCTU राज्य सचिव कामरेड चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि आज देश क़े मजदूरों कि स्थिति बहुत हीं दयनीय है। कई प्राइवेट ठेका मजदूरों क़ो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है। 29 श्रम संहिताओं क़ो हटाकर केवल 04 ( चार ) लेबर कोड बील लाकर केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों पर कुठाराघात कऱ रही हैं। सभा मे कर्मचारियों ने रेलवे मे सभी गेट पर ओवरब्रिज़ बनाने, प्लेटफार्म पर सुविधा बढ़ाने एवं कई अन्य मांग रखी। मंडल सहायक सचिव श्री संतोष मिश्रा ने केंद्र सरकार से मजदूरों क़े हित में नई श्रम नीति क़ो वापस लेने क़ी मांग क़ी। सिग्नल विभाग पर ध्यान आकृष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सिग्नल स्टाफ को लावारिस कि भांति छोड़कर केवल बन्धुआ मजदूरी करवा रही हैं। न तों ड्यूटी रोस्टर हैं, न हीं मेंटेनर रूम, शौचालय, बाथरूम कुछ नहीं हैं। सिग्नल विभाग रेलवे मे सेफ्टी और स्पीड देने वाला विभाग हैं, इसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मंडल कार्यकारी अध्यक्ष श्री अशोक कुमार के द्वारा जन-जागरूकता सभा मे सरकार क़ी मजदूर विरोधी नीतियों कि जानकारी दी गयी। 
उन्होंने रक्सौल मे रेलवे अस्पताल बनाने कि मांग रखी।जोनल संगठन सचिव श्री चंदन यादव ने कहा कि सरकार लेबर कोड के जरिये यूनियन के अधिकारों को सीमित कर रही हैं।मंडल स• सचिव श्री प्रेम ठाकुर ने कहा क़ी हमें एकमात्र पुरानी पेंशन प्रणाली यानि O. P. S. से कम कुछ भी मंजूर नहीं हैं। रेलवे मे कर्मचारियों कि भारी कमी हैं। रेलकर्मी पर अत्यधिक कार्य का बोझ हैं, जिसक़े चलते हीं कर्मिगण लगातार रन -ओवर भी हो रहे हैं। रेल - लाइन पर कार्य करनेवाले सभी रेलकर्मी को "जीवन रक्षक यन्त्र" दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ क़े जीवन बीमा का प्रावधान हो। श्री अनिल कुमार ने कहा कि पॉइंट्स मैन,गेटमैंन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिज़न स्टॉफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर हीं नहीं हैं। जहां नई रेलवे लाइन बनी है, गेज परिवर्तन, विद्युतिकरण हुआ है वहां नए संशोधित BOS क़े अनुसार रेलकर्मियों कि भर्ती होनी चाहिए। सभा को सम्बोधित करनेवालों मे श्री अंगद शाह , महेंद्र कुमार , मुकेश कुमार, दिनेश कुमार, शत्रुधन प्रसाद आदि प्रमुख थे। वही रत्नेश वर्मा ने मृत्युंजय कुमार 
 केंद्रीय ( जोनल ) महासचिव/ECREU, हाजीपुर जोन ---सह--राष्ट्रीय अपर महासचिव इंडियन रेलवे इम्प्लांइज फेडरेशन (I.R.E.F.) नई दिल्ली के हवाले से 8 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम के मुद्दे की जानकारी सार्वजनिक करते हुऐ बताया की 
 ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) / इंडियन रेलवे इम्प्लांइज फेडरेशन के द्वारा रेलकर्मियों से जुड़े निम्न अहम मुद्दे पर 08 फ़रवरी 2026 को पटना में विशाल जन कन्वेंशन किया जाना है। विशाल जन कन्वेंशन के विभिन्न मुद्दे... पूंजीवाद परस्त चारों लेबर कानून को निरस्त किया जाय ।
NPS/UPS को समाप्त कर OPS लागू किया जाए ।
रेलवे में प्रतिवर्ष 2% इंप्लाई के पोस्ट को सरेंडर करने के आदेश पर अविलंब रोक लगाया जाय ।
रेलवे में सभी रिक्तियों को रिक्रूटमेंट के द्वारा अविलंब भरा जाय ।
रेलवे में कई विभागों के कार्यों को आउटसोर्स द्वारा कराना बंद किया जाय इसकी जगह नई रिक्रूटमेंट कर बहाली किया जाय ।
समान काम समान वेतन के तहत रेलवे में कार्यरत ठेका मजदूरों को समान वेतन दिया जाय ।
8वाँ वेतन आयोग में पति-पत्नी, 2 बच्चे एवं बूढ़े मां-बाप (कुल 6 व्यक्ति) को आधार मानकर वेतन का निर्धारण किया जाय । वेतन निर्धारण फिटमेंट फेक्टर 3.5 गुना रखा जाए।
2024--2025 के P.L.B. बोनस का भुगतान सातवें वेतन आयोग के वेतन को आधार मानकर किया जाए।
14/2 काला कानून को तत्काल समाप्त किया जाय ।
 55/30 के सर्विस रिव्यू पर रोक लगाया जाए ।
 पॉइंट्समैन, गेटमेंन सहित सभी विभागों में आठ घंटा ड्यूटी रोस्टर लागु किया जाए।
 सिग्नल एवं टेलीकौम विभाग में अनुमोदित ड्यूटी रोस्टर एवं नाईट फेलियर गैंग का प्रावधान हो।
 सभी स्टेशनो पर आवश्यकनुसार टी•टी •ई• ट्रांजिट रूम, सिग्नल मेंटेनर रूम, टेलिकॉम मेंटेनर रूम, रनिंग स्टॉफ रेस्ट रूम आदि बनवाया जाए।
 सभी एल • सी • गेट पर C.C.T.V. लगाया जाए।
 टी •ए •, NDA, O.T. आदि भत्तो क़ो समय से वेतन में लगाया जाए।
 रेलवे बोर्ड क़े निर्देश क़े अनुसार सभी ओपेन लाइन कर्मचारियों क़ो सेफ्टी शु, विंटर जैकेट, रेनकोट, बॉटर बोतल समय से मुहैया कराया जाए।
सेफ्टी कैटेगरी क़े स्टाफ क़े लिए सेक्शन में त्रेमासिक फेमिली सेमिनार का आयोजन किया जाए।
 ट्रेक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी विभाग क़े कर्मचारीयों क़ो अविलम्ब जीवन रक्षक यन्त्र दिया जाए।
सभी कर्मचारियों क़े लिए रेलवे आवास, गैंग हट, टूल कक्ष सह विश्राम कक्ष बनवाया जाए।
 रेलवे इम्पैनल्ड अस्पतालो में UMID कार्ड क़े आधार पर ईलाज हो।
 ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार करके पारदर्शी बनाया जाए। प्रायोरिटी लिस्ट / नेमनोटिंग क़े अनुसार ट्रांसफर हो।तथा अफसरशाही बंद हो।
 सभी विभाग क़े आर्टिज़न स्टाफ क़ो रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता दिया जाए। वर्तमान रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता में नियमों के तहत बढ़ोतरी किया जाए।
सभी दर्दनाक रन -ओवर हादसों की न्यायिक / सी•बी•आई• जाँच कराई जाए तथा रेल कर्मचारियों क़ो एक करोड़ का बीमा किया जाए।
L. D. C. E. एवं G. D. C. E. परीक्षा प्रत्येक वर्ष लिया जाए।
रनिंग कर्मचारियों के किलोमीटर भत्ते में टी•ए• के बढ़ोत्तरी के अनुपात में 25% बृद्धि किया जाए। रनिंग कर्मचारियों के BOS को संशोधित करके ड्यूटी ऑवर को कम किया जाए।
रनिंग कर्मचारियों के लिए लागु RAC-1980 फार्मूला को हुबहू लागु करके मायलेज भत्ता दिया जाए।रनिंग भत्ता आयकर से मुक्त हो।
 बेवजह किए जा रहे ट्रांसफर, चार्जेशीट, सस्पेंशन, रिमूभल, छुट्टी / प्रमोशन / एरियर-भत्ता /वेतन आदि रोकने कि उच्चस्तरिए जाँच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाई कि जाए।
ट्रेक - निरीक्षण कार्य में की-मैन के साथ एक सहयोगी निगरानीकर्ता उपलब्ध कराया जाए।
बड़े अस्पतालो/शहरों में रेलवे का हॉलिडे होम स्थापित किया जाए।
TTE/TTI/CTTI कैटेगरी को रनिंग भत्ता प्रदान किया जाए।
1-1-2020 से 31-6-2021 तक 18 माह के D.A. एरियर का भुगतान किया जाए।
 लार्जेश स्कीम को पुनः लागु किया जाए।
 पेट्रोल मैन का बीट स्थाई रूप से सिंगल लाइन में 02 किलोमीटर और डबल लाइन में 01 किलोमीटर किया जाए।
 सभी विभाग के कर्मचारियों को MACP का लाभ प्रत्येक पांच (05) वर्ष पर दिया जाए।
महिला रेल कर्मचारियों को प्रत्येक माह नेचुरल-लिव, तथा कार्यस्थल पर अलग शौचालय वाशरूम आदि सुविधा दिया जाए।
 रेल कर्मचारियों के सभी स्थानीय समस्या, रेलवे आवास, अस्पताल, विजली, पानी आदि कि जाँच करके इसे अभिलंब दूर किया जाए !
शामिल है। 
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा कार्यालय रिपोर्ट प्रकाशित व प्रसारित।

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