किसान महासभा ने जुलूस निकालकर किसान रजिस्ट्री में वंशावली को शामिल करने की मांग की
किसान महासभा ने जुलूस निकालकर किसान रजिस्ट्री में वंशावली को शामिल करने की मांग की
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
राजस्व महाअभियान में जमा जमाबंदी पंजी को सुधार कर खाता-खेसरा ऑनलाइन करे सरकार- सुरेंद्र प्रसाद सिंह
ताजपुर/समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 1 फरवरी 2026)। किसान रजिस्ट्री में वंशावली को शामिल करने, खाद की कालाबाजारी बंद करने, सभी फसलों पर एमएसपी लागू करने, मनरेगा को पुनर्बहाल करने, बाजार समिति को पुनर्बहाल करने, केसीसी लोन माफ करने, कृषि भूमि का अधिग्रहण बंद करने आदि मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा के झंडे-बैनर तले किसानों ने मोतीपुर वार्ड 26 में रविवार को जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
मौके पर एक सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने की। राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर सिंह, ललन दास, अनील सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, मोती लाल सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, संजीव राय, मुंशीलाल राय, धर्मेंद्र राय, ब्रह्मदेव सिंह आदि ने सभा को संबोधित करते हुए राज्य की नीतीश सरकार एवं केंद्र की मोदी सरकार को किसान विरोधी बताया।
सभा को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि चुनाव पूर्व सभी किसानों को किसान समृद्धि योजना का लाभ दिलाने का वादा करने वाली मोदी सरकार साज़िश के तहत किसान रजिस्ट्री के नाम पर किसानों को योजना से छंटनी कर रही है। यह किसान विरोधी कार्य है और किसान महासभा मोदी सरकार के मंसूबें को कामयाब नहीं होने देगी।
भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसान रजिस्ट्री से पहले सरकार राजस्व महाअभियान में जमा जमाबंदी पंजी को सुधार कर खाता-खेसरा दर्ज करे ताकि सभी किसानों का किसान रजिस्ट्री आसानी से हो सके।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि 266.50 रूपये में 45 किलो का यूरिया मिल रहा था, अब मोदी सरकार यूरिया की कीमत सीधे नहीं बढ़ाकर 254 रूपये में 40 किलो यूरिया देगी। यह किसानों की आंखों में धूल झोंकना है। ऐसा किसान विरोधी सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का उन्होंने किसानों से आह्वान किया। अंत में 9 फरवरी को किसानों द्वारा प्रखंड मुख्यालय घेराव को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने का अह्वान किसानों से किया गया।

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