उपजाऊ खेत को जबरन खेल मैदान बनाने का आरोप, दो गांवों के बीच बढ़ा विवाद — प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

उपजाऊ खेत को जबरन खेल मैदान बनाने का आरोप, दो गांवों के बीच बढ़ा विवाद — प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

जनक्रांति कार्यालय से राजीव झा की रिपोर्ट 
ठाकुरवाड़ी की कृषि योग्य जमीन को खेल मैदान के रूप में इस्तेमाल किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी; चौथम थाना में भी दर्ज हो चुका है मामला, संभावित हिंसक टकराव को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील

खगड़िया, बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 21 अगस्त, 2026)। चौथम थाना क्षेत्र में ठाकुरवाड़ी की उपजाऊ कृषि भूमि को कथित रूप से जबरदस्ती खेल मैदान के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मामला अब विवाद का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कृषि योग्य जमीन को खेल मैदान बनाए जाने के कारण दो गांवों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते प्रशासन ने मामले का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में यह विवाद गंभीर और हिंसक रूप ले सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, ठाकुरवाड़ी की जमीन खेती के लिए उपयोगी और उपजाऊ है। ऐसी जमीन का उपयोग खेल मैदान के लिए किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार आपत्ति जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेल मैदान की आवश्यकता से किसी को इनकार नहीं है, लेकिन इसके लिए कृषि योग्य जमीन को जबरन इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर चौथम थाना में भी मामला दर्ज कराया गया था। उस समय चौथम थाना के प्रभारी मुरारी कुमार थे। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद को लंबे समय तक अनदेखा किए जाने के बजाय प्रशासन को दोनों पक्षों की बात सुनकर जमीन की वास्तविक स्थिति, उपयोग और स्वामित्व से जुड़े तथ्यों की जांच करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने खगड़िया जिला पदाधिकारी से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते उचित पहल होने से दोनों गांवों के बीच तनाव को कम किया जा सकता है और किसी संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सकता है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांवों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन इसके लिए उपयुक्त सरकारी जमीन उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि सरकारी भूमि उपलब्ध है तो उसका चयन कर खेल मैदान विकसित किया जाना चाहिए, ताकि किसानों की उपजाऊ जमीन प्रभावित न हो और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा न हो।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जमीन की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा दोनों गांवों के बीच उत्पन्न विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही, संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की गई है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जिला प्रशासन की जांच और दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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