महाराणा प्रताप को नमन कर लॉकडाउन में शराब बिक्री पर रोक लगाने को लेकर धनवंत सिंह राठौड़ ने की अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

महाराणा प्रताप को नमन कर लॉकडाउन में शराब बिक्री पर रोक लगाने को लेकर धनवंत सिंह राठौड़ ने की अनिश्चितकालीन अनशन शुरू


अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट 

पटना, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 09 मई,20 )। महाराणा प्रताप को नमन कर लॉकडौन में शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर धनवंत सिंह राठौर ने अनिश्चितकालीन अनशन  शुरू किया । अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनवंत सिंह राठौर ने शूरवीर महाराणा प्रताप की जयंती

 पर दक्षिणी चांदमारी रोड स्थित चाँदवती बालाजी अपार्टमेंट में अपने आवास पर लॉकडौन में केंद्र सरकार द्वारा शराब विक्री शुरू करने के खिलाफ अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठ गए।
महाराणा प्रताप की तश्वीर पर माल्यार्पण करते हुए श्री राठौर ने कहा कि आज करोंना से आजादी की लडाई आज पूरा विश्व लड़ रहा है।भारत ने शुरू से लड़ाई लड़ने में अपनी ताकत झोंक दिया।लेकिन बीच लड़ाई के दौरान ही शराब की विक्री शुरू कर लड़ाई को कमजोर कर रही है।सरकार का यह निर्णय आज उन करोंना यौद्धाओ के मुह पर तमाचा है जो अपनी जान देश के लिये न्यौछाबर कर रहे है।आज सीमा की रक्षा करते अपनी जान गवाने बाले शहीद ,करोंना से लड़ते लड़ते अपने प्राण को आहुति देने वाले देश के योद्धा,रेल की पटरी पर जान गवां चुके शहीद के प्रति श्रदांजलि ही  महाराणा प्रताप के प्रति सच्ची श्रदांजलि होगी। महाराणा प्रताप ने जहा घास की रोटी खाकर लड़ाई लड़ी थी वही ये सरकार शराब पिला कर करोना को विजय दिलाने पर लगी है।आज महाराणा प्रताप जैसे शूरवीर के आदर्शों पर चलकर ही हम देश मे आयी इस विपदा का मुकाबला कर सकते है।लॉकडौन में शराब विक्री कर केन्द्र सरकार ने लोगो को करोंना से मरने के लिये छोड़ दिया है।सरकार  इस निर्णय को जब तक वापस नही लेती है तब तक उनका अनशन जारी रहेगा ।इस अवसर पर प्रो राजकुमार सिंह ,इंद्रजीत प्रसाद ,राहुल कुमार ,मनोज कुमार सिंह ,अजय कुमार सिंह ,तन्मय राज ,सोनू कुमार सिंह ,आदि ने महाराणा प्रताप के तश्वीर पर माल्यार्पण क्र उन्हें श्रदांजलि दी और केंद्र सरकार से लॉक डाउन में शराब की विक्री पर रोक लगाने की मांग की । समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट सम्प्रेषित । 
Published by Rajesh kumar verma

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