शौर्य और सम्मान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर किया शत शत नमन

शौर्य और सम्मान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर किया शत शत नमन

                                राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेश सिंह पाल

राजेश कुमार वर्मा की रिपोर्ट 

पटना, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन 10 मई,20 )। रिसर्च एंटी करप्शन एण्ड क्राईम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा० योगेश सिंह पाल जी ने शौर्य और सम्मान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर शत शत नमन करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला ।

 बताया की 1540 मे वीरता और दृढ़ता के प्रतीक महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ महाराणा उदय सिंह और जयवंता बाई के पुत्र प्रताप का बचपन का नाम कीका था 1572 मैं गोगुदा मैं राज्यभिषेक हुआ अकबर ने मेवाड़ पर आक्रमण किया ।


 हल्दीघाटी के युद्ध में 80000 मुगल सेना का सामना महाराणा प्रताप के करीब 20000 योद्धाओं ने किया महाराणा प्रताप ने छापामार युद्ध प्रणाली अपनाई 1582 दिवेर के युद्ध के बाद महाराणा प्रताप ने अपने खोए हुए राज्य के बड़े हिस्से को फिर से जीत लिया था 19 जनवरी 1597 को चावड में उनका निधन हो गया । समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा सम्प्रेषित । 
Published by Rajesh kumar verma

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