निकलो निकलो घर से छोरो आस,

निकलो
निकलो घर से छोरो आस,
अब कुछ भी नही,तेरे पास,
                                    Praveen pd. Singh "Vats"

समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 12 मई,20 )।

निकलो
निकलो घर से छोरो आस,
अब कुछ भी नही,तेरे पास,
बुद्धिवाद के जङ मे चस्पा,
पूंजी का दावानल -आग  ,
 किसान खेत-खलिहान से दौरो ,
मजदुर- मजलुम कुदाल ले दौरो .
युवजन खुद का स्वाभिमान ले दौरो,
प्रऊत का हुंकार  है आज ,कसक रहा जन-जन आज,
निकलो घर से छोरो आस, निकलो घर से छोरो आस ।।
समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रवीण प्रसाद सिंह "वत्स" की मूल रचना प्रकाशित ।
 Published by Rajesh kumar verma

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