जिला विधिक सेवा प्राधिकार पर पूर्व में कार्यरत पीएलभी ने लगाया उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप
जिला विधिक सेवा प्राधिकार पर पूर्व में कार्यरत पीएलभी ने लगाया उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप
राजेश कुमार वर्मा की रिपोर्ट
बकाए वेतन भुगतान करने की लगाया गुहार
उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर पर बरर्वतापूर्ण अन्याय करने का लगाया आरोप
समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन 13 मई,20 ) । जिला विधिक सेवा प्राधिकार पर पूर्व में कार्यरत पीएलभी ने उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप पूूर्व पीएलभी रामकुमार पासवान ने लगाया है । प्रेस ब्यान में लगाऐ गए आरोप के संदर्भ में बताया है कि हम सभी पी.एल.भी समस्तीपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर के द्वारा 2011 से 2014 तक जिले के विभिन्न ग्राम कचहरी के साथ ही प्रखंड के विभिन्न पुलिस स्टेशनो मे बचपन वचाओ आंदोलन एवं मिडिएशन का कार्य ईमानदारी पूर्वक करते थे । अकारण 2014 मेंं हमलोगो का चयन जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के द्वारा रद्द कर दिया गया । जब कि उपरोक्त आदेश नालसा बालसा इत्यादि का नही आया धा और न ही हमलोगोंं को मानदेय भुगतान स्टेशनरी खर्च के साथ ही यात्रा भत्ता इत्यादि कुछ भी भुगतान नहींं दिया गया । जबकि हमलोग अपने खर्च पर 20-25 किलो मीटर रोजाना पुलिस स्टेशन जाकर काम किया करते थे। इसके आलोक मे हम लोगों ने सी. डब्लू.जे.सी.21061/14 एवं सी. डब्लू.जे.सी.14232/2017 पटना उच्च न्यायालय मे दायर किया गया जिस मेंं जि0वि0 सेवा समस्तीपुर को आदेश दिया गया कि 90 दिनो के अंदर पेमेंट करने एवं पुनः चयन करने पर विचार किया जाय ।
न्यायालय पर लगाया उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप
लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के दो साल से उपर हो चुका है । लेकिन किसी भी पी.एल.भी. को न पेमेंट दिए गए और न ही पुनः चयन करने पर विचार किया गया । जो कि उच्च न्यायालय के आदेश का सरासर अवमानना है। इतना ही नही वर्तमान मेंं भी कार्यरत पी.एल.भी. को भी भुगतान नही किया गया है। थाना मेंं कार्यरत पी.एल.भी का चयन रद्द करने के बाद पुनः होटलोंं वगैरह मेंं बच्चों से कार्य लिया जा रहा है । थाना मेंं कार्यरत रहे पी.एल.भी. ने काफी बच्चों को कार्य से मुक्त कराया था । आगे श्री पासवान ने बताया कि हम सभी पी. एल. भी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के अंतर्गत 2011से 2014 तक जिले के विभिन्न पंचायतों के ग्राम कचहरी के साथ ही प्रखंड के विभिन्न पुलिस स्टेशनोंं मेंं बचपन बचाओ आन्दोलन, देहव्यापार, बालश्रम एवं मीडियेशन का कार्य ईमानदारी पुर्वक करते थे । उन्होंने बिन्दु बार अनियमितता को दर्शाते हुए कहा है कि
1.यह है कि हमलोगो की प्रतिनियुक्ति nalsa/ balsa के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर दवारा किया गया था ।
2. यह है कि बिना पुर्व सुचना के जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर द्वारा चयन रद्द कर दिया गया ।
3.यह है कि हमलोगो को कोई पारिश्रमिक मानदेय अभी तक नहींं दिया गया।
4. यह है कि आज तक हमलोगो को स्टेशनरी खर्च या भत्ता नहीं दिया गया ।
5 यह कि 20से 25 किलोमीटर पुलिस स्टेशन जाकर अपने यात्रा भता से कार्य करता था । 6.यह कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर द्वारा नहीं किया गया ।
7.यह है कि हमलोगो का वाद संख्या m.j.c - 1711/2019 दिनाक 18.04.19 को मेनसन मेंं नहीं लिया जा रहा है ।
यह हमारे अधिवकता जुनियर ब्रजेश ठाकुर सिनियर सुरेन्द्र किशोर ठाकुर वाघवा चेम्बर टेबुल न0- 09 का कहना है ।
8. यह है कि हमलोग छ: वर्षों से न्याय के लिए दर दर भटक रहे है लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है इत्यदि ।
9. यह है कि हमलोग जिले के विभिन्न प्रखंड के पुलिस स्टेशन जाकर लगभग तीन वर्ष तक कार्य किया है।
10 यह है कि हमलोगो के प्रतिनियुक्ति के समय लिखित या मौखिक यह नहीं बताया गया था कि यह एक वर्ष के लिऐ है । अगर एक वर्ष के लिए था तो तीन वर्षो तक कार्य काम क्यों लिया गया।
11.यह कि काफी पी.एल. भी. की आयु सीमा भी समाप्त हो गया । जिसके कारण दूसरे जाँब के लिए अप्लाई नहींं कर सकता।
इसके आलोक मेंं हमलोगो ने सी.डब्लु. जे. सी . -21061/014 उच्च न्यायालय पटना मे दायर किया। जिसका आदेश 10.12.2018 को आया लेकिन आदेश का पालन जिला विधिक सेवा प्राधिकर समस्तीपुर द्वारा नहीं किया गया । इसके आलोक मेंं एम.जे.सी./1711/19 मुझे आशंका है कि न्यायिक विभाग के उपर मामला होने के कारण हमारे वाद को न्यायालय मेनसन नहीं लिया जा रहा है । पुलिस स्टेशन मेंं कार्यरत पी. एल. भी. का चयन रद्द करने के बाद पुन : होट्लो वगैरह मेंं बच्चों से काम लिया जा रहा हैं । जबकि पी.एल.भी.दवारा काफी बच्चो को बालश्रम से मुक्त कराया गया था एंव ग्राम कचहरी के अंतर्गत कार्य बंद होने से काफी वाद न्यायालय आ रहे है और न्यायालय पर मुकदमे का बोझ भी बढ़ रहा है ।
श्री पासवान ने न्यायालय से सादर अनुरोध किया है कि हमलोगो को पुन: पी.एल.भी. के पद पर भेजते हुए बकाऐ पारिश्रमिक मानदेय का भुगतान कराया जाए। इसके साथ ही अगर आवश्कता महसूस हो तो नियम अनुसार सी.बी.आई. अथवा विजीलेंस जाँच भी कराया जाए ताकि हमलोगो को उचित न्याय मिल सके । श्री पासवान ने इस आशय की प्रतिलिपि राजद के समस्तीपुर क्षेत्रीय विधायक अख्तरुल इस्लाम "शाहीन " , बिहार विधान सभा विपक्षी नेता पटना तेजस्वी यादव के साथ ही
मुख्यमंत्री बिहार बिहार सरकार पटना को 05 मार्च 2020 को ही दिया । लेकिन आज तक हमलोगों को भुगतान नहीं दिया गया है और नाही कहीं जॉब दिया गया है । उपरोक्त सभी ब्यान वाट्सएप माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के पूर्व पी.एल.भी. राम कुमार पासवान ने मीडिया को दिया है । उक्त आरोप की पुष्टि के लिए वर्तमान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के जिला सचिव से संपर्क किया गया तो उनके मोबाईल पर तो कॉल नहीं लगा और बिजी बताया गया । इस कारण आरोप की पुष्टि नहीं हो सका है ।
समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित ।
Published by Rajesh kumar verma
राजेश कुमार वर्मा की रिपोर्ट
बकाए वेतन भुगतान करने की लगाया गुहार
उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर पर बरर्वतापूर्ण अन्याय करने का लगाया आरोप
समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन 13 मई,20 ) । जिला विधिक सेवा प्राधिकार पर पूर्व में कार्यरत पीएलभी ने उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप पूूर्व पीएलभी रामकुमार पासवान ने लगाया है । प्रेस ब्यान में लगाऐ गए आरोप के संदर्भ में बताया है कि हम सभी पी.एल.भी समस्तीपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर के द्वारा 2011 से 2014 तक जिले के विभिन्न ग्राम कचहरी के साथ ही प्रखंड के विभिन्न पुलिस स्टेशनो मे बचपन वचाओ आंदोलन एवं मिडिएशन का कार्य ईमानदारी पूर्वक करते थे । अकारण 2014 मेंं हमलोगो का चयन जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के द्वारा रद्द कर दिया गया । जब कि उपरोक्त आदेश नालसा बालसा इत्यादि का नही आया धा और न ही हमलोगोंं को मानदेय भुगतान स्टेशनरी खर्च के साथ ही यात्रा भत्ता इत्यादि कुछ भी भुगतान नहींं दिया गया । जबकि हमलोग अपने खर्च पर 20-25 किलो मीटर रोजाना पुलिस स्टेशन जाकर काम किया करते थे। इसके आलोक मे हम लोगों ने सी. डब्लू.जे.सी.21061/14 एवं सी. डब्लू.जे.सी.14232/2017 पटना उच्च न्यायालय मे दायर किया गया जिस मेंं जि0वि0 सेवा समस्तीपुर को आदेश दिया गया कि 90 दिनो के अंदर पेमेंट करने एवं पुनः चयन करने पर विचार किया जाय ।
न्यायालय पर लगाया उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप
लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के दो साल से उपर हो चुका है । लेकिन किसी भी पी.एल.भी. को न पेमेंट दिए गए और न ही पुनः चयन करने पर विचार किया गया । जो कि उच्च न्यायालय के आदेश का सरासर अवमानना है। इतना ही नही वर्तमान मेंं भी कार्यरत पी.एल.भी. को भी भुगतान नही किया गया है। थाना मेंं कार्यरत पी.एल.भी का चयन रद्द करने के बाद पुनः होटलोंं वगैरह मेंं बच्चों से कार्य लिया जा रहा है । थाना मेंं कार्यरत रहे पी.एल.भी. ने काफी बच्चों को कार्य से मुक्त कराया था । आगे श्री पासवान ने बताया कि हम सभी पी. एल. भी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के अंतर्गत 2011से 2014 तक जिले के विभिन्न पंचायतों के ग्राम कचहरी के साथ ही प्रखंड के विभिन्न पुलिस स्टेशनोंं मेंं बचपन बचाओ आन्दोलन, देहव्यापार, बालश्रम एवं मीडियेशन का कार्य ईमानदारी पुर्वक करते थे । उन्होंने बिन्दु बार अनियमितता को दर्शाते हुए कहा है कि
1.यह है कि हमलोगो की प्रतिनियुक्ति nalsa/ balsa के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर दवारा किया गया था ।
2. यह है कि बिना पुर्व सुचना के जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर द्वारा चयन रद्द कर दिया गया ।
3.यह है कि हमलोगो को कोई पारिश्रमिक मानदेय अभी तक नहींं दिया गया।
4. यह है कि आज तक हमलोगो को स्टेशनरी खर्च या भत्ता नहीं दिया गया ।
5 यह कि 20से 25 किलोमीटर पुलिस स्टेशन जाकर अपने यात्रा भता से कार्य करता था । 6.यह कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर द्वारा नहीं किया गया ।
7.यह है कि हमलोगो का वाद संख्या m.j.c - 1711/2019 दिनाक 18.04.19 को मेनसन मेंं नहीं लिया जा रहा है ।
यह हमारे अधिवकता जुनियर ब्रजेश ठाकुर सिनियर सुरेन्द्र किशोर ठाकुर वाघवा चेम्बर टेबुल न0- 09 का कहना है ।
8. यह है कि हमलोग छ: वर्षों से न्याय के लिए दर दर भटक रहे है लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है इत्यदि ।
9. यह है कि हमलोग जिले के विभिन्न प्रखंड के पुलिस स्टेशन जाकर लगभग तीन वर्ष तक कार्य किया है।
10 यह है कि हमलोगो के प्रतिनियुक्ति के समय लिखित या मौखिक यह नहीं बताया गया था कि यह एक वर्ष के लिऐ है । अगर एक वर्ष के लिए था तो तीन वर्षो तक कार्य काम क्यों लिया गया।
11.यह कि काफी पी.एल. भी. की आयु सीमा भी समाप्त हो गया । जिसके कारण दूसरे जाँब के लिए अप्लाई नहींं कर सकता।
इसके आलोक मेंं हमलोगो ने सी.डब्लु. जे. सी . -21061/014 उच्च न्यायालय पटना मे दायर किया। जिसका आदेश 10.12.2018 को आया लेकिन आदेश का पालन जिला विधिक सेवा प्राधिकर समस्तीपुर द्वारा नहीं किया गया । इसके आलोक मेंं एम.जे.सी./1711/19 मुझे आशंका है कि न्यायिक विभाग के उपर मामला होने के कारण हमारे वाद को न्यायालय मेनसन नहीं लिया जा रहा है । पुलिस स्टेशन मेंं कार्यरत पी. एल. भी. का चयन रद्द करने के बाद पुन : होट्लो वगैरह मेंं बच्चों से काम लिया जा रहा हैं । जबकि पी.एल.भी.दवारा काफी बच्चो को बालश्रम से मुक्त कराया गया था एंव ग्राम कचहरी के अंतर्गत कार्य बंद होने से काफी वाद न्यायालय आ रहे है और न्यायालय पर मुकदमे का बोझ भी बढ़ रहा है ।
श्री पासवान ने न्यायालय से सादर अनुरोध किया है कि हमलोगो को पुन: पी.एल.भी. के पद पर भेजते हुए बकाऐ पारिश्रमिक मानदेय का भुगतान कराया जाए। इसके साथ ही अगर आवश्कता महसूस हो तो नियम अनुसार सी.बी.आई. अथवा विजीलेंस जाँच भी कराया जाए ताकि हमलोगो को उचित न्याय मिल सके । श्री पासवान ने इस आशय की प्रतिलिपि राजद के समस्तीपुर क्षेत्रीय विधायक अख्तरुल इस्लाम "शाहीन " , बिहार विधान सभा विपक्षी नेता पटना तेजस्वी यादव के साथ ही
मुख्यमंत्री बिहार बिहार सरकार पटना को 05 मार्च 2020 को ही दिया । लेकिन आज तक हमलोगों को भुगतान नहीं दिया गया है और नाही कहीं जॉब दिया गया है । उपरोक्त सभी ब्यान वाट्सएप माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के पूर्व पी.एल.भी. राम कुमार पासवान ने मीडिया को दिया है । उक्त आरोप की पुष्टि के लिए वर्तमान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के जिला सचिव से संपर्क किया गया तो उनके मोबाईल पर तो कॉल नहीं लगा और बिजी बताया गया । इस कारण आरोप की पुष्टि नहीं हो सका है ।
समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित ।
Published by Rajesh kumar verma


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