शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा धोखेबाज चीन की लद्दाख गलबन घाटी मैं भारत चीन के सैनिकों के बीच भीषण हिंसक झड़प मैं भारत के वीर जवान कर्नल सहित लगभग 20 भारतीय जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए: योगेश सिंह पाल

शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा धोखेबाज चीन की लद्दाख गलबन घाटी मैं भारत चीन के सैनिकों के बीच भीषण हिंसक झड़प मैं भारत के वीर जवान  कर्नल सहित लगभग 20 भारतीय जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए: योगेश सिंह पाल

समस्तीपुर कार्यालय रिपोर्ट

रिसर्च एंटी करप्शन क्राईम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेश सिंह पाल

अलीगढ़/उत्तरप्रदेश ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 18 जून,2020 ) । शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा धोखेबाज चीन की लद्दाख गलबन घाटी मैं भारत चीन के सैनिकों के बीच भीषण हिंसक झड़प मैं भारत के वीर जवान  कर्नल सहित लगभग 20 भारतीय जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए । उपरोक्त ब्यान रिसर्च एंटी करप्शन क्राईम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेश सिंह पाल ने देश के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा । उन्होंने आगे कहा की धोखेबाज चीन की लद्दाख गलबन घाटी मैं भारत चीन के सैनिकों के बीच भीषण हिंसक झड़प मैं भारत के वीर जवान  कर्नल सहित लगभग 20 भारतीय जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए इस झड़प मैं कई चीन के सैनिक भी मारे गए हैं लेकिन इससे चीन का अपराध कम नहीं हो जाता उसने एक बार फिर जिस तरह हमारी पीठ पर छूरा घोपने का काम किया है उसके बाद इस नतीजे पर पहुंचने के अलावा और कोई उपाय नहीं कि वह हमारे सबसे बड़े और साथ ही शातिर शत्रु के रूप में सामने आ गया है यह धूर्तता की पराकाष्ठा है कि वह भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण भी करता है और फिर भारत को शांति बनाए रखने का उपदेश देते हुए पीछे हटने से इंकार भी करता है !भारत की सीमाओं पर अपने विस्तार वादी रवैये का प्रदर्शन करने के पीछे उसका इरादा कुछ भी हो अब उस पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं किया जाना चाहिए गलबन की घाटी की घटना यही बता रही है कि पानी सिर से ऊपर बहने लगा है मित्रता की आड़ में शत्रुता पूर्ण रवैये का परिचय देना और भारत को नीचा दिखाना चीन की आदत बन गई है उसको इस गंदी आदत के बावजूद भारतीय नेतृत्व ने सदैव संयम का परिचय दिया है लेकिन अब जब वह इस संयम को कमजोरी के तौर पर देखने लगा है तब फिर भारत को उसकी गलतफहमी को दूर करने के लिए हर मोर्चे पर सक्रिय होना होगा आखिर बाद देश के मान सम्मान की है चीन को यह पता चलना चाहिए कि वह दादागिरी के बल पर भारत से अपने रिश्ते कायम नहीं कर सकता आखिर जब भारत हितों की कहीं कोई परवाह नहीं कर रहा तो फिर भारत उसके हितों की चिंता क्यों करें तानाशाह चीन नेतृत्व को यह संदेश देने की सख्त जरूरत है । 

उपरोक्त ब्यान प्रेस को योगेश सिंह पाल ने वाट्सएप माध्यम से दिया । समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित । Published by Rajesh kumar verma

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