उत्तर प्रदेश की तहसीलों में हो रहा है शादी के नाम पर पीड़ितों का शोषण केंद्र सरकार द्वारा जब गाइडलाइन जारी की गई है तो अनुमति की क्या आवश्यकता मथुरा जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन भारत
उत्तर प्रदेश की तहसीलों में हो रहा है शादी के नाम पर पीड़ितों का शोषण केंद्र सरकार द्वारा जब गाइडलाइन जारी की गई है तो अनुमति की क्या आवश्यकता मथुरा जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन भारत
डॉ केशव आचार्य गोस्वामी स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट
मथुरा( उत्तर प्रदेश) विश्व प्रसिद्ध पवित्र स्थल गोवर्धन धाम सहित समूचे मथुरा मंडल में लॉकडाउन में शादियों का दौर चल रहा है इससे पूर्व शादी पर बैन लगा दिया गया था लेकिन केंद्र सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी करके आमजन के लिए शादी समारोह एवं विशेष कार्यक्रमों के लिए नियम तय किए गए इसी के अंतर्गत आम जनमानस अपने शादी विवाह छोटे-मोटे समारोह को गाइड लाइन के अनुसार संपन्न कर सकते हैं!
राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन भारत के मथुरा जिला अध्यक्ष गुरुजी युवराज डॉ केशव आचार्य गोस्वामी ने बताया है कि जब केंद्र सरकार की गाइडलाइन सभी राज्यों के लिए जारी हो गई है तो यह तहसीलों में शादी विवाह की अनुमति के नाम पर पीड़ितों का क्यों शोषण किया जा रहा है देखने में आया है कि शादी विवाह करने वाले नागरिक तहसीलों का चक्कर काट रहे हैं जहां पर उनका शोषण हो रहा है और हजारों रुपए में समारोह करने के लिए अनुमति पत्र जारी किया जा रहा है अनुमति पत्र के नाम पर प्रदेश के समस्त तहसीलों में भ्रष्टाचार व्याप्त हो गया है बिना भ्रष्टाचार किए कोई भी शादी की अनुमति जारी नहीं की जा रही है जबकि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए तथा आमजन के लिए गाइडलाइन जारी की गई है सामाजिक दूरी का पालन करते हुए 20 25 व्यक्तियों के बीच अपने छोटे-मोटे शादी समारोह मृत्यु आदि में 20 25 व्यक्ति के द्वारा इन कार्यों को संपादित किया जा सकता है लेकिन विवाह के संबंध में प्रदेश सरकार की समस्त तहसीलों में उप जिला अधिकारियों को आवेदन करने के बाद में शादी विवाह की अनुमति दी जा रही है जिसके नाम पर शोषण हो रहा है !
संगठन के जिला सचिव पत्रकार स्वामी पवन शर्मा ने बताया है कि कि अगर व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई करो यह अनुमति आदि के कारण जनता को अकारण ही सूचित किया जा रहा है जो कि कानून के विपरीत है उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को तत्काल प्रभाव से समस्त जिला अधिकारी उप जिला अधिकारी मंडलायुक्त प्रमुख सचिव को निर्देश देना चाहिए इस प्रकार की जो अनुमति उप जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी की जा रही है उसको तत्काल प्रभाव से न्याय हित में रोक कर आमजन को हो रही अब सुविधा से निजात दिलाई जाए अन्यथा राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन सड़कों पर आकर आंदोलन करेगा आवश्यकता हुई तो भारत की समस्त उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में जनता के हो रहे शोषण के खिलाफ याचिका दाखिल करेगा ।
समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा डॉ० केशव आचार्य गोस्वामी की रिपोर्ट प्रकाशित । Published by Rajesh kumar verma

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