बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद : प्रवीण प्रसाद सिंह "वत्स "

बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद : प्रवीण प्रसाद सिंह "वत्स "

समस्तीपुर कार्यालय रिपोर्ट 

                                         प्रवीण प्रसाद सिंह "वत्स "

इस बार की विधानसभा में भाजपा-जदयु गठबंधन वहीं दुसरे तरफ राजद-काँग्रेस गठबंधन के बीच कङा मुकाबला होने की प्रबल संभावना तय है 

              थाली पीटकर सरकार का जताया जा  विरोध 

समस्तीपुर, बिहार  ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 07 जून, 2020 ) । चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों के नेता अब जनता से जनसंपर्क साधने मे जुट गए हैं। जनसंपर्क साधने मे सोशल मीडिया एवं संचार माध्यमों का सहारा लिया जाने लगा है। वर्चुअल रैली ,मीटिंग किया जाने लगा है। इस बार मुकाबला भी दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ भाजपा-जदयु गठबंधन वहीं दुसरे तरफ राजद-काँग्रेस गठबंधन के बीच कङा मुकाबला होने की प्रबल संभावना है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अभी जेल मे हैं, परंतु उनके महाबली तेजस्वी यादव को बल देकर अपने सुप्रीम कमांडर के साथ किये गये विश्वासघात का बदला लेने में कोई कसर नहीं छोङना चाहेंगे।वही लालु प्रसाद यादव के बङे पुत्र और तेजस्वी यादव के भाई  तेजप्रताप यादव को भी चुनाव में अपने आप को नेतृत्व कर्ता के साथ समर्पित होना होगा।वहीं घटक दल को भी कहीं न कहीं शीघ्रता से अनुशासित होकर विधानसभा सीटों का तालमेल बिठा लेना होगा।राजद -काँग्रेस गठबंधन मे जीतनराम मांझी एवं रालोसपा के मेहता जी एवं vip के अजय निषाद कौन से. करवट लेते हैं यह तो समय.के गर्भ मे है।वहीँ वामपंथी विचारधारा को नजरअंदाज करने से बचना होगा।एक-एक सीट के लिए विचार मंथन करना होगा।बिहार के चुनाव मे जातिवाद, संप्रदाय वाद, दलित, महादलित ,अगङा-पिछड़ा,कार्ड ,मुस्लिम समुदाय मे अगङा-पिछङा, दलित ,सिया-सुन्नी मुसलमानों के बीच खाई.पैदा कर सत्ता तक की कुर्सी प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है। राजद -काँग्रेस महागठबंधन नेतृत्वकर्ता बिहार मे ब्यापक भ्रष्टाचार , मनरेगा,घात-प्रतिघात, हत्या, लूट, बलात्कार, योजना, सृजन, घोटाले, मजदूर, शिक्षक के साथ हुए अत्याचार, किसानों की दयनीय स्थिति, बेरोजगार युवाओं की बढती फौज को प्रमुखता से मुद्दा बनाकर वोट बैंक को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचा सकते हैं।सबसे बङी बात है सत्ता के नित्य नये मुगालते से जनता उब चुकी है लेकिन देखना होगा कि तेजस्वी यादव के तेज सेबिहार की जनता को आकर्षित कर पाते हैं, क्योंकि इस.बार महागठबंधन के असली हिरो तेजस्वी यादव ही होंगे।नीतीश कुमार के शासन से क्षुब्ध जनमानस भी इसी महागठबंधन को असली हिरो के रूप में कुर्सी पर विराजमान देखना चाहती है।वैसे तेजस्वी यादव ने भाजपा के नेता की वर्चुअल रैली का ताली-थाली पीटकर कार्य कर्ता मे विरोध स्वर देकर बिहार विधानसभा चुनाव का पांचजन्य शंख ध्वनि का मंगलगान कर दिया है। समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित। Published by Rajesh Kumar verma 

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