खबर का असर*** खतरे को आमंत्रण देता घरों के उपर से गुजर रहे जर्जरित 33 केवीए विधूत तार 33 केविए के क्षतिग्रस्त हो चुके तार को सुचारु रुप से रख- रखाव करने व हटाने की मांग पर विधूत विभाग ने शिकायत कर्ता से सम्पर्क कर स्थलीय निरीक्षण करते हुऐ तार में करेंट डेड बताकर अपना पल्लू झाड़ा

‍*खबर का असर***

खतरे को आमंत्रण देता घरों के उपर से गुजर रहे जर्जरित 33 केवीए विधूत तार 

33 केविए के क्षतिग्रस्त हो चुके तार को सुचारु रुप से रख- रखाव करने व हटाने की मांग पर विधूत विभाग ने शिकायत कर्ता से सम्पर्क कर स्थलीय निरीक्षण करते हुऐ तार में करेंट डेड बताकर अपना पल्लू झाड़ा


अब तक टाल- मटोल वाले रवैये से बाहर नही निकल पा रहा बिजली विभाग

जनक्रान्ति कार्यालय रिपोर्ट 

नाहीं जर्जर तार हटाया गया और नाहीं चुस्त दुरुस्त करने की जोहमत उठाने का कष्ट किया

पूर्व में " विद्युत विभाग की लापरवाही खतरे में घनी आबादी " शीर्षक खबर 26 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गयी ।

 देर से सही , लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारियों ने शिकायत करता राहुल कुमार से संपर्क स्थापित किया 

सहायक विद्युत अभियंता समस्तीपुर शहरी चंदन कुमार के नेतृत्व में दिनांक 27 जुलाई 2020 को कुछ मानव बल स्थल निरीक्षण करने पहुँचे,

जिस दौरान मानव बल विनोद कुमार ने स्थिति का ज‍ांच कर बताया कि यह तार कल्याणपुर फिडर के अंतर्गत आता है ।

इस क्षतिग्रस्त तार को छूने का अधिकार हमलोंगों को नहीं है,  भले ही लाइन डेड क्यु न हो कही न कही से रिटर्न करेंट आ रहा होगा। जबतक हमलोगों को विभागीय आदेश नही होगा पुरा शट डाउन नही मिलेगा तब तक नही छु सकते है कौन इस तार को छुकर आफत मुंह ले.. ?

समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 29 जुलाई, 2020 ) । शहर के सघन आबादी वाले स्थानों पर मकान के ऊपर से गुजरे हाइटेंशन तार खतरनाक साबित हो रहे है, इन तारो के चलते बड़े हादसे की आशंका जतायी जा रही है, लेकिन तार नही हटाये जा सके इसकी शिकायत जब जन क्रांति न्युज बुलेटिन ई-पेपर से शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित वार्ड संख्या 01 के बांध साइड के निकट बसे लोगों ने कि तो " विद्युत विभाग की लापरवाही खतरे में घनी आबादी " शीर्षक खबर 26 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गयी । देर से सही , लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारियों ने शिकायत करता राहुल कुमार से संपर्क स्थापित कर सहायक विद्युत अभियंता समस्तीपुर शहरी चंदन कुमार के नेतृत्व में दिनांक 27.07.2020 को कुछ मानव बल स्थल निरीक्षण करने पहुँचे, जिस दौरान मानव बल विनोद कुमार ने स्थिति का ज‍ांच कर बताया कि यह तार कल्याणपुर फीडर के अंतर्गत आता है।

इस क्षतिग्रस्त तार को छूने का अधिकार हमलोंगों को नहीं है,  भले ही लाइन डेड क्यु न हो कही न कही से रिटर्न करेंट आ रहा होगा। जबतक हमलोगों को विभागीय आदेश नही होगा पुरा शट डाउन नही मिलेगा तब तक नही छु सकते है कौन इस तार को छुकर आफत मुंह ले.. ? वही अब दिनांक 29.07.2020 को सहायक विद्युत अभियंता कल्याणपुर ने वाट्सऐप मैसेंजर पर शिकायत करता राहुल कुमार को बताया कि लाइन पुरी तरह बंद है इसमें करेंट आने की कोई बात नही है। पहले लाइन था फिर घर बाद में लाइन के नीचे बना। इस सवाल पर जब शिकायत करता ने बताया कि सर पहले स्थानीय लोगों कि निजी जमीन है, फिर कोई लाइन , तार व पोल है। तो उन्होंने शिकायत करता को जवाब दिया, ऐसा नही होता है सबकी प्रक्रिया है।

विद्युत कंपनी के अधिकारी के  कथन अनुसार यह आश लगया जा सकता है ,कि जहाँ जहाँ से यह तार गुजरा है। जिसके नीचे व अगल बगल  लोगों ने भवन निमार्ण कर रखा है  कहीं न कहीं वह भुमि बिहार सरकार के व विद्युत कंपनी के अधीन है। अगर यह बात वास्तविकता निकलती है तो जमीन बेचने से लेकर खरीदने वाले दोषी है न केवल वो अपिंतु इन जमीन कि जहाँ रजिस्ट्री हुई वहाँ के कर्मी व जांच पदाधिकारी के साथ साथ नगर परिषद क्षेत्र होने के कारण कार्यपालक पदाधिकारी को भी कठघरे में खड़ा करती है। क्योंकि नगर परिषद कार्यालय से ही लोगों ने अपने - अपने भवनो कि निमार्ण कि स्वीकृति लि नक्शा पास कराया और अब तक नगर परिषद को होल्डिंग टैक्स दे रहे है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इन्हीं कागज के बलबुते विद्युत कंपनी यहाँ के स्थाई निवासियों को विद्युत मीटर व कनेक्शन दे रही है अब तक टाल- मटोल वाले रवैये से बाहर नही निकल पा रहा बिजली विभाग :- एक तरफ लाइन मैंन का कहना है इस 33 केविए के तार को छुकर कौन आफत मुंह ले दुसरी तरफ पदाधिकारी का कहना है लाइन पुरी तरह डेड के कारण करेंट का कोई खतरा नही है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि विद्युत कंपनी के अभियंताओ एवं पदाधिकारियों द्वारा प्रभावित स्थल कि जांच कराई जाए जांचोपरांत अगर विभाग को लगता है कि इस डेड पड़े तार कि जरूरत नही है , तो इसे रिहायशी बस्ती से जल्द से जल्द हटा दिया जाए, अथवा विभाग को लगता है कि इस तार कि जरूरत भविष्य में पड़ेगी तो इसे पोल के माध्यम से सुचारु रुप से रख- रखाव किया जाए। विद्युत कंपनी के अधिकारियों कि बेरुखी रवैये से कहीं न कहीं गैर जिम्मेदाराना और टाल- मटोल वाली प्रवृत्ति को बढावा देने वाली बात लग रही है , जो उनके कार्यशैली पर भी सवाल उठा रही है।


समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित । Published by Jankranti....

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