नगर परिषद् प्रशासन की कार्य अकर्मण्यता के कारण मुहल्ले के गंदे पानी के जल जमाव की निकासी की कोई साधन उपलव्ध नहीं ,मुहल्ले वासियों में फैल रहा आक्रोश
नगर परिषद् प्रशासन की कार्य अकर्मण्यता के कारण मुहल्ले के गंदे पानी के जल जमाव की निकासी की कोई साधन उपलव्ध नहीं ,मुहल्ले वासियों में फैल रहा आक्रोश
मौसम की मार से कराह रहे शहर निवासी
बारिश से शहर के कई मोहल्ले हुए झील मेंं हो गया है तब्दील

मुहल्ले के घर का दरवाजा बना पोखर
मुहल्लेवासियों द्वारा नगर परिषद्ग कार्यपालक पदाधिकारी सहित वार्ड आयुक्त, नगर परिषद् अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ ही जिलाधिकारी से गुहार लगाने के बाबजूद कोई कार्रवाई सुनवाई नहीं
मोहल्ले वासियों में जिलाप्रशासन के प्रति फैल रहा आक्रोश
जिला प्रशासन सबकुछ जानकर भी बने हुऐ है अंजान

बरसात की पानी के जमाव व निकासी नहीं होने के कारण इसके सड़न की बदबू से महामारी फैलने की आशंका से मुहल्ले वासी हो रहेे है दहशतजदा
समस्तीपुर कार्यालय रिपोर्ट
समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 24 जुलाई,2020 ) । समस्तीपुर शहर के नगर परिषद के निजाम बदलते रहे, नए हुक्मरान आते रहे लेकिन शहर को पानी - पानी होने से वे रोक नही पा रहे है । वरीय अधिकारियों के बार- बार निदेश आदेश के बाद भी उसपर अमल की बात अबतक बेमानी साबित हो रहा है। जल जमाव से शहरवासियों को निजात दिलाने के नाम पर कार्य केवल संचिकाओं तक सीमित रखा गया । इस पर करोड़ों रुपये खर्च भी कर दिए गए । लेकिन उसकी उपयोगिता कब सिद्ध होगी, यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है ।
शहरवासी कभी उन अधिकारियों को कोसते है, जिनके हाथ में नगर परिषद की कमान है । वहींं अपने प्रतिनिधियों पर भी सवाल खड़ा करते है, जो न तो जनता की परेशानियों के लिए सड़क पर उतरे न ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाए, जिले में झमाझम बारिश ने शहर को पानी- पानी कर अधिकारियों व प्रतिनिधियों के कारनामें का पोल खोल कर रख दिया है ।

बारिश की कहर से शहर के काशीपुर, धरमपुर, आदर्श नगर , पंजाबी कॉलोनी, पुसा फार्म रोड, वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, मोहनपुर सहित अन्य मोहल्लों के गलियों में जल जमाव होने से बीमारी फैलने की आशंका प्रबल हो गई है । सबसे अधिक बुरा हाल समस्तीपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 01 एवं 09 की है।
[अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर उठ रहा सवाल]:- नगर परिषद द्वारा जल निकासी व नाला सफ़ाई के नाम पर गत तीन बषोॅ में करोड़ो रुपये खर्च किए गए,सुत्रों की माने तो अधिकांश नाला सफ़ाई का कार्य संचिकाओं में सिमित कर राशि निकाल ली गई ।

नगर परिषद की सशक्त स्थाई समिति इसके लिए जहाँ कार्यपालक पदाधिकारी को कठघरे में खड़ा करती है,वही नप बोर्ड पर भी कई सवाल खड़ा कर रहा है, नगरवासी दोनों के बीच पीस रहे है, सड़क पर पसरे कचरे के बीच चलने को विवश रहे, शहर को जल जमाव से मुक्ति दिलाने की दिशा मे गत चार वर्ष से अधिकारियों से ले विभागीय मंत्री तक आश्वासन दे चुके है, फरमान के बाद कुछ कनीय अधिकारी जायजा लेने अवश्य पहुँचते लेकिन कार्यवाही व उपाय अबतक सिफर है, शहर में जल जमाव के बाद शाहरवासी अपने पार्षद को खोज रहे है, अधिकांश पार्षद लोगों के बीच जाने से हिचक रहे है।
हमारे कार्यालय संवाददाता राहुल कुमार की संप्रेषित रिपोर्ट
समस्तीपुर कार्यालय से राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित । Published by Jankranti ...


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