🌹🙏🌷सुप्रभात🌷🙏🌹 👉🌹🙏🏿🗣️ आजका दिन मंगलमय हो..🌹🙏🏿👈
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✍️ जनक्रान्ति कार्यालय से नागेन्द्र कुमार सिन्हा
समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 30 नवंबर, 2020 ) ।
⛅ दिनांक 30 नवम्बर 2020
⛅ दिन - सोमवार
⛅ विक्रम संवत - 2077
⛅ शक संवत - 1942
⛅ ऋतु - हेमंत
⛅ मास - कार्तिक
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ तिथि - पूर्णिमा दोपहर 02:59 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
⛅ नक्षत्र - रोहिणी पूर्ण रात्रि तक
⛅ सूर्योदय - 07:00
⛅ सूर्यास्त - 17:54
🗣️🌹🙏🏿व्रत - त्यौहार...🌹🙏🏿

⛅ व्रत पर्व विवरण - कार्तिक पूर्णिमा, देव दिवाली, कार्तिक स्नान समाप्त, तुलसी विवाह समाप्त, गुरु नानकजी जयंती
🌷 *मार्गशीर्ष मास* 🌷
🙏🏻 *मार्गशीर्ष हिन्दू धर्म का नौवाँ महिना है। मार्गशीर्ष को मृगशीर्ष या मृगशिरा का ही दूसरा नाम अगहन' है । इस वर्ष 01 दिसम्बर 2020 मंगलवार (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से मार्गशीर्ष का आरम्भ हो रहा है। वैदिक काल से मार्गशीर्ष माह का विशेष महत्व रहा है। प्राचीन समय में मार्गशीर्ष से ही नववर्ष का प्रारम्भ माना जाता था। मार्गशीर्ष माह में सनातन संस्कृति के दो प्रमुख विवाह संपन्न हुए थे। शिव विवाह तथा राम विवाह। मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को राम विवाह तो सर्वविदित है ही साथ ही शिवपुराण, रुद्रसंहिता, पार्वतीखण्ड के अनुसार सप्तर्षियों के समझाने से हिमवान ने शिव के साथ अपनी पुत्री का विवाह मार्गशीर्ष माह में निश्चित किया था ।
👉🏻 श्रीभगवान कहते हैं की मार्गशीर्ष मास मुझे सदैव प्रिय है। जो मनुष्य प्रातःकाल उठकर मार्गशीर्ष में विधिपूर्वक स्नान करता है, उस पर संतुष्ट होकर मैं अपने आपको भी उसे समर्पित कर देता हूँ।
💥 मार्गशीर्ष में सप्तमी, अष्टमी मासशून्य तिथियाँ हैं। मासशून्य तिथियों में मंगलकार्य करने से वंश तथा धन का नाश होता है।
👉🏻 शिवपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष में अन्नदान मार्गशीर्ष मास में केवल अन्नका दान करने वाले मनुष्यों को ही सम्पूर्ण अभीष्ट फलों की प्राप्ति हो जाती है । मार्गशीर्षमास में अन्न का दान करने वाले मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं ।
🙏🏻 मार्गशीर्ष माह में मथुरापुरी निवास करने का बहुत महत्व है। स्कन्दपुराण में स्वयं श्रीभगवान, ब्रह्मा से कहते हैं -👇
🌷 तीर्थराज प्रयाग में एक हजार वर्ष तक निवास करने से जो फल प्राप्त होता है, वह मथुरापुरी में केवल अगहन (मार्गशीर्ष) में निवास करने से मिल जाता है।
🙏🏻 *मार्गशीर्ष मास में विश्वदेवताओं का पूजन किया जाता है कि जो गुजर गये उनकी आत्मा की शांति हेतु ताकि उनको शांति मिले । जीवनकाल में तो बिचारे शांति न लें पाये और चीजों में उनकी शांति दिखती रही पर मिली नहीं | तो मार्गशीर्ष मास में विश्व देवताओं के पूजन करते है भटकते जीवों के सद्गति हेतु ।
🙏🌹राधे राधे🌹🙏

जनक्रान्ति प्रधान कार्यालय से नागेंद्र कुमार सिन्हा सम्प्रेषित प्रकाशक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित ।

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