🌹🌷🙏सुप्रभात🙏🌷🌹 👉🗣️🙏🏿🌹आजका दिन शुभ हों....🌹🙏🏿👈 👉🗣️🙏🏿🌹आजका शुभ विचार..🌹🙏🏿👈
🌹🌷🙏सुप्रभात🙏🌷🌹
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✍️जनक्रान्ति कार्यालय से नागेन्द्र कुमार सिन्हा की अध्यात्म विचार
🌹🌷🙏सुप्रभात🙏🌷🌹
👉🗣️🙏🏿🌹आजका दिन शुभ हों....🌹🙏🏿👈
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समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 27 दिसम्बर, 2020 ) । जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन/डेली हंट प्रकाशन परिवार की ओर से तमाम शुभेच्छुओं को आजका दिन माता रानी की दया से मंगलमय हो.. इसी आशा और विश्वास के साथ नित्य रोज का सुबह का राम - राम मित्रों...🌹🙏🏿
दिनांक 27 दिसम्बर 2020
दिन - रविवार
विक्रम संवत - 2077
शक संवत - 1942
ऋतु - शिशिर
मास - मार्गशीर्ष
पक्ष - शुक्ल
तिथि - त्रयोदशी 28 दिसम्बर प्रातः 06:20 तक तत्पश्चात त्रयोदशी
नक्षत्र - कृत्तिका सुबह 01:19 तक तत्पश्चात रोहिणी
सूर्योदय - 07:15
सूर्यास्त - 18:04
👉🗣️🙏🏿आजका शुभ विचार..🌹🙏🏿👈

🌷 मार्गशीर्ष मास की शुक्ल मास चतुर्दशी🌷
🙏🏻मस्त्यपुराण कहता है कि - मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि के दिन अगर कोई शिवजी का १७ नामों से पूजन करे या वो १७ मंत्र बोलकर उनको प्रणाम करे | जो शिव है वो गुरु है और जो गुरु है वो शिव है । अपने गुरुदेव का भी स्मरण करते करते करें , तो भी उन तक पहुँच जाता है । और ज्यादा किसी को समस्या है वो विशेष रूप से, १७ नाम मस्त्यपुराण में बताया है । उसी दिन खास महिमा है उसकी, मार्गशीर्ष मास के बारे में जानते होंगे, जो भगवत गीता पाठ करते हैं । तो भगवान ने गीता के १० वे अध्याय में कहाँ है – ‘मासा नाम मार्गशीर्षोंहम’ की जो मार्गशीर्ष मास में भगवान ने अपनी विभूति बताया और उसमे शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी ।

👉🌹भगवान शिव के 17 नाम🌹👈
👉🏻🌹🗣️ १७ नाम इस प्रकार🌹👈🏻
🌷 १) ॐ शिवाय नम:
🌷 २) ॐ सर्वात्मने नम:
🌷 ३) ॐ त्रिनेत्राय नम:
🌷 ४) ॐ हराय नम:
🌷 ५) ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
🌷 ६) ॐ श्रीकंठाय नम:
🌷 ७) ॐ सत्योजाताय नम:
🌷 ८) ॐ वामदेवाय नम:
🌷 ९) ॐ अघोरहृदयाय नम:
🌷 १०) ॐ तत्पुरुषाय नम:
🌷 ११) ॐ ईशानाय नम:
🌷 १२) ॐ अनंतधर्माय नम:
🌷 १३) ॐ ज्ञानभुताय नम:
🌷 १४) ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
🌷 १५) ॐ प्रधानाय नम:
🌷 १६) ॐ व्योमात्मने नम:
🌷 १७) ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:
🙏🏻 तो जिनको जीवन में कष्ट आदि हैं उनको दूर करने में मदद मिलती है । और दो नाम पार्वतीजी के बोलेंगे उसी दिन – ॐ पुष्ट्ये नम: , ॐ तुष्टये नम: माँ पार्वती को नमन करके ये दो मंत्र उस दिन बोले की मैं श्रद्धा और भक्ति से पुष्ट बनूँ क्योंकि पार्वतीजी ‘भवानी शंकरों वन्दे श्रद्धा विश्वास रुपिनों’ आप श्रद्धा की मूर्ति है माँ मैं श्रद्धा से पुष्ट बनूँ मैं गुरुदेव के प्रति विचार रूपी सात्विक श्रद्धा से पुष्ट बनूँ ।
🌷 शिव गायत्री मंत्र – ॐ तत्पुरुषाय विद्महे । महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ।।
🙏🙏🏿🌹राधे राधे🌹🙏🏿🙏

जनक्रान्ति कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा नागेन्द्र कुमार सिन्हा की अध्यात्मिक विचार प्रकाशित व प्रसारित ।

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