बिहार विधानसभा चुनाव 2025 खून की होली से होने की आशंका से बिहार निवासी मतदाता हुऐ भयभीत
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 खून की होली से होने की आशंका से बिहार निवासी मतदाता हुऐ भयभीत
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
122 वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने रोड नहीं तो वोट नहीं का ऐलान करते हुऐ नोटा दबाने का लिया निर्णय
पटना/समस्तीपुर, बिहार ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय 31 अक्टूबर 2025)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इसबार खून की होली खेल से होने वाला है ऐसा अंदेशा मोकामा क़ी घटना को देख और सुन कर पुरे बिहार वासियों को अंदेशा होने लगा है। क्योंकि इस बार बाहुबली प्रत्याशियों की कमी नहीं है।
ज्यों ज्यों मतदान की तिथि नजदीक आने लगी हैं। प्रत्याशियों द्वारा चुनावी सभा, जनसभा, जनसम्पर्क का सिलसिला तेज कर आरोप प्रत्यारोप का दौर वोटर्स से मिल कर अपने पक्ष में मतदान करने का सिलसिला के साथ ही विरोधियों से कैसे निपटा जाऐ का सिलसिला जारी है।
इसी को लेकर खूनी जंग होने की आशंका प्रवल सी दिख रहा है। प्रथम चरण में ही मार-काट शुरू है।
चाहे जो भी हो लेकिन आश्चर्य की बात है की बिहार विधानसभा चुनाव में चाहे कोई भी प्रत्याशी जीतकर आज तक गए हैं.. चुनाव बाद क्षेत्र में नहीं आए है और ना ही जाने की जरुरत समझते है, इस बात से कोई भी मतदाता अंजान नहीं,??
. आज जो भी विधायक प्रत्याशी अपनी जीत के लिऐ आपके दरवाजे को खटखटा रहे है..??
क्या ऐ जीत जाने के बाद भी इसी तरह आपके दरवाजे पर आते है,ऐसा नहीं होता है।
जो भी प्रत्याशी जीतकर आज तक गए है उन सभी में एका-दुक्का प्रत्याशी ही अपने क्षेत्र में गए है, और विकास का काम किऐ और करवाऐ हैंऔर जनता को पांच साल तक बेवकूफ बना अपनी विधायकी करते रहे..आज फिर से लूभावने वादों के साथ जनता के बीच पार्टी प्रत्याशी या निर्दलीय प्रत्याशी बन अपनी जीत के लिए मतदाताओं का दरवाजा खटखटा रहें हैं।
वहीं दूसरी ओर इसबार क्षेत्रीय मतदाताओं में सरकार में बैठे राजनेताओं पर गुस्सा उबल रहा है। जिससे क्षेत्र में जाने पर मतदाताओं द्वारा बहिष्कार और क्षेत्र से बाहर भगाओ का कार्य भी करना शुरु कर दिया है।
हालिया सूत्र संवाद के अनुसार इस बार समस्तीपुर जिला के बिहार विधानसभा क्षेत्र संख्या 122 वारिसनगर के खानपुर प्रखंड अंतर्गत कानू विशनपुर अंतर्गत चकोटी गांव के वार्ड सं. 07 के अलावे वार्ड संख्या 02 के मतदाताओं ने "ज़ब तक रोड नहीं" तब तक वोट नहीं का एलान करते हुए सोशल मीडिया पर बैनर जारी कर नोटा दवाने का ऐलान किया है।
वहीं समस्तीपुर 133 विधानसभा क्षेत्र के मतदाता इस बार असमंजस में है,क्यूंकि सिटिंग विधायक जो तीन बार लगातार जनमानस के बीच में रहकर विधायक है.. और चौथी बार भी जनमानस से अपनी जीत की गुहार लगा रहे है.. वही जो वर्तमान विधायक से हार जाते है वो सत्ताधारी दल के साथ ही अन्य क्षेत्रिय दल या निर्दलीय से आते है।
ऐ सभी जनमानस से गुहार लगा जीत की मुहर लगाने के लिए लूभाते है और पांच साल तक में एक बार भी क्षेत्र में भ्रमण कर हाल समाचार या विकास का कार्य करवाते हो ऐसा शायद ही होता है। आज फिर से अपनी जीत के लिए क्षेत्र में गुहार लगाते दिखाई दें रहे है और लंबी लंबी जूमलेबाजी सुना मतदाताओं को लूभाने में लगे हुऐ है और फिर चुनाव बाद क्षेत्र से बैल की सिंग की तरह गायब हो जाऐंगें। ऐसे प्रत्याशी को चुने जो आपके और हमारे बीच का हो और हर समय हमलोगों के लिऐ उपलब्ध रहें।
सोच समझ करे मतदान ना करें अपना विकास मत का नोट पर दान।
जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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