47/ 24 पार्षदों की चुप्पी ही सबसे बड़ा सुबूत है — कल तक भ्रष्टाचार चिल्लाते थे,आज PIL से डर क्यों रहे हो?”

47/ 24 पार्षदों की चुप्पी ही सबसे बड़ा सुबूत है — कल तक भ्रष्टाचार चिल्लाते थे,आज PIL से डर क्यों रहे हो?”

✍️ लेखक: एडवोकेट मोहम्मद बैरम रकी, खगड़िया, बिहार, इंडिया

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
🌍 समस्तीपुर / खगड़िया में भ्रष्टाचार नहीं — भ्रष्टाचार का नाटक हो रहा है।

चार–पांच दिन से सोशल मीडिया पर एक ही सर्कस चल रहा है।
नगर परिषद् अध्यक्ष बनाम /47/24 वार्ड पार्षद।
हर दूसरा वीडियो, हर तीसरा पोस्ट—
एक दूसरे पर आरोप, अपमान, घोटाले, रिश्वत, लाभ, निजी दुश्मनी।

लेकिन असली सवाल कोई नहीं पूछ रहा।
और वह सवाल है—
अगर अध्यक्ष भ्रष्ट है,
तो 47/24 वार्ड पार्षद High Court क्यों नहीं जा रहे..???
अगर पार्षद भ्रष्ट हैं,
तो अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जा रही..??
आरोपों की दुकान खुलेगी,
वीडियो वायरल होंगे,
FB Live का नाटक चलेगा…
लेकिन कोर्ट का दरवाज़ा..?
चुप्पी।
सन्नाटा।
शून्य।
इसी चुप्पी का नाम है —
सिस्टम में सेटिंग।

💥 47/24 पार्षदों से राष्ट्र का सवाल:

अगर सबूत है कि अध्यक्ष भ्रष्ट हैं—
तो
📌 PIL दाखिल क्यों नहीं करते?
📌 रिट याचिका क्यों नहीं डालते?
📌 विजिलेंस को आवेदन क्यों नहीं देते..?
📌 CAG, ED, EOW को शिकायत क्यों नहीं भेजते?
अगर इतना ही दर्द है जनता के लिए,
तो न्यायपालिका के दरवाज़े से भाग क्यों रहे हो..?
या फिर सच्चाई ये है,—
आपको अपना फायदा नहीं मिल रहा, इसलिए “भ्रष्टाचार” चीख रहे हो?

💥 अध्यक्ष महोदया से भी जनता का सवाल:

अगर 47/ 24 पार्षद गलत हैं, चोरी कर रहे हैं, ब्लैकमेल कर रहे हैं—
तो
📌 FIR क्यों नहीं?
📌 Corruption केस क्यों नहीं?
📌 कोर्ट में स्टे या कार्रवाई क्यों नहीं?
📌 मीडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं?
या फिर सच्चाई उलटी है..?
आप भी चाहती हैं कि नाटक चलता रहे और असली हिसाब-किताब कभी न खुले..?

🔥 बिहार की जनता को मूर्ख समझने का यह नया खेल बंद होना चाहिए।
ये लड़ाई जनता की नहीं है।
ये लड़ाई भ्रष्टाचार की भी नहीं है।
यह लड़ाई सिर्फ़ एक चीज़ की है—
पैसा। कुर्सी। कमीशन।
और जनता..?
वह तो सिर्फ़ तमाशा देखने वाला दर्शक बना दी गई है।

🚨 पूरे भारत के लिए सबक:
जब नेता–पार्षद कोर्ट जाने से डरते हैं,
तो इसका मतलब होता है—
सच बोलने पर दोनों पकड़े जाएँगे।
इसलिए सोशल मीडिया पर गालियां, लाइव वीडियो, नाटक, ड्रामा— सब चलेगा।
लेकिन जज के सामने..?
सबकी आवाज़ बंद।

🌋 समस्तीपुर - खगड़िया के लिए संदेश:

आप चाहे अध्यक्ष हों या पार्षद—
कोर्ट में सच्चाई छिप नहीं सकती।

अगर आप सच में जनता के लिए लड़ रहे हैं, तो
👉 PIL दाखिल कीजिए
👉 रिट दीजिए
👉 हाई कोर्ट जाइए
👉 सुप्रीम कोर्ट जाइए
अगर ऐसा नहीं करते—
तो यह पूरा खेल सिर्फ़ और सिर्फ़ जनता को बेवकूफ़ बनाने की योजना है।

🛑 अंतिम शब्द — जनता को चेतावनी
आज जनता समझदार है।
FB Live से नहीं,
Court Order से आपकी सच्चाई सामने आएगी।
और अगर आप कोर्ट नहीं जाते—
तो इसका एक ही मतलब है:
⚡ “भ्रष्टाचार दोनों तरफ़ है — बस कमीशन का झगड़ा चल रहा है।”
Advocate Md. Bairam Rakee (Aalis B. Rakee Sir — Aalis Md. Bairam Khan) द्वारा जनक्रांति प्रधान कार्यालय को संप्रेषित प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकासित व प्रशारित।

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