कायस्थों की आँखों पर पड़ी अंहकार की धूल साफ करेगी स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी
देश भर में निवास करने वाले कायस्थों की आँखों पर पड़ी अंहकार की धूल साफ करेगी स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सीनियर सिटिजन सदस्य जगदीश सक्सेना जैसे देशभक्त को न्याय सम्मान नही मिलना देश का दुर्भाग्य निंदनीय नही तो और क्या है : सुखलेश रानी
बठिंडा,पंजाब( जनक्रांति कार्यालय 20 दिसंबर 2025)। समाजवादी पार्टी से त्याग कर स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी का गठन करने वाली सुखलेश रानी ने भगवान चित्रगुप्त महाराज के वंशजों पर प्रहार करते हुए कहा की भष्ट्राचार सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर वर्ष 1974 से लिखते हुए निस्वार्थ भाव समाज की सेवा करते करते बुजुर्ग अवस्था में पहुंचने वाले स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सीनियर सिटिजन सदस्य नागरिक अधिकार चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सक्सेना की आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद भी सच्चे देशभक्त ने किसी के आगे हाथ नही फैलाए अपराधिक गतिविधियों में शामिल भष्ट्राचारियों के खिलाफ लिखने वाले सच्चे देशभक्त की आवाज़ दबाने के लिए दिल्ली पुलिस झूठा साबित कर पड़ताड़ित करने के सबूत अदालत में प्रस्तुत करने के बाद भी न्याय सम्मान नही मिलना सबूतों के आधार पर स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खेद प्रकट करते हुए बताया पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी कार्यकाल से एक सच्चे
देशभक्त जगदीश सक्सेना को डायरेक्ट राष्ट्रपति पद पर सम्मानित करवाने के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के साथ कुछ देशवासियों के प्रयास जारी रहे भारतमाता को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सीनियर सिटिजन सदस्य जगदीश सक्सेना जैसे देशभक्त को न्याय सम्मान नही मिलना देश का दुर्भाग्य निंदनीय नही तो और क्या है भगवान श्री चित्रगुप्त जी के वंशज कायस्थों का अपराधिक गतिविधियों में शामिल भष्ट्राचारियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वाले सच्चे मेहनती इंमानदार देशभक्त के सहयोग में अंहकारवश आँखे मूंदकर रहने वाले कभी भगवान श्री चित्रगुप्त जी के वंशज कहलाने योग्य नही हो सकते उन्होंने कहा जगदीश सक्सेना जैसे देशभक्त को डायरेक्ट राष्ट्रपति पद पर सम्मानित करवाने के लिए वह चंडीगढ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करते हुए अदालत से जानना चाहेंगी भारतमाता को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को न्याय सम्मान देने की बजाए पड़ताड़नाएं क्यों झेलनी पड़ रहा हैं। उपरोक्त विज्ञप्ति wapp माध्यम से प्रेस कार्यालय को दिया गया।
जनक्रांति प्रकाशन कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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