मंदिर में बैठे भगवान भी जमीन का खरीद-बिक्री का काम शुरू कर दिए है और उस जमीन की रजिस्ट्रेशन दाखिल - ख़ारिज भी सुलभ से हो जाता है...???

आजकल मंदिर में बैठे भगवान भी जमीन का खरीद-बिक्री का काम शुरू कर दिए है और उस जमीन की रजिस्ट्रेशन दाखिल - ख़ारिज भी सुलभ से हो जाता है...???

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट


ताज्जुब की बात है की कैसे मेन रोड का जमीन, कुछ खेती लायक जमीन किसी और को बेच दिये और उस जमीन की कैसे रजिस्ट्री भी हो गया : राजीव झा

 ठाकुरबाडी की अतिक्रमित भूमि जिसका उच्चविधालय के नाम पर दाखिल-खारिज भी हो गया क्यों और कैसे

खगड़िया, बिहार ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय 27 दिसंबर, 2025)। आजकल मंदिर में बैठे भगवान भी जमीन का खरीद-बिक्री का काम करने लगे है और उस जमीन की रजिस्ट्रेशन दाखिल - ख़ारिज भी...??? ऐसा ही एक मामला सामने आया है.. बताते है की खगड़िया जिला अंतर्गत चौथम प्रखंड में भगवान् भी अपनी हिस्से की जमीन बेच दिए हैं, और पटना जाकर राज्यपाल के नाम पर रजिस्ट्री भी कर दिए हैं, भगवान्। 
जय हो हमारे मध्य वरुणय पंचायत तेरा हर खेल निराला है।
मिली जानकारी अनुसार बताया जाता है की खगड़िया जिला के चौथम प्रखंड में एक गाँव है - देवका जो मध्य वरुणय पंचायत में पड़ता है । यहाँ दशकों पुर्व कोई जमींदार जो शायद सरैया वासी थे। दानपत्र के माध्यम से देवका ठाकुडवाडी के लिए बहुतों जमीन दान कर दिए। उस जमीन को देवका ठाकुडवाडी के देख रेख करने वाले महानुभाव अगर ईमानदारी से अंचल चौथम से जांच करवाते हैं तो पकड़ में आयेंगे..?? ताज्जुब की बात है की कैसे मेन रोड का जमीन, कुछ खेती लायक जमीन किसी और को बेच दिये और उस जमीन की कैसे रजिस्ट्री भी हो गया।
क्या.. ठाकुडवाडी से भगवान् गए थे रजिस्ट्री करने..??। उसके बाद यहाँ के धरती पर के भगवान् जिसे गाँव वाले कहते हैं ने जुम करके देखिए दाखिल-ख़ारिज का कागजात कैसे 03 बीघा से ज्यादा जमीन यानि पुरा ठाकुडवाडी परिसर सहित आगे का उपजाऊ जमीन भी राज्यपाल बिहार के नाम लिख दिये और एक हाई स्कूल के नाम पर । एक और कारनामा हाल फिलहाल सामने आया है की ऐसा कार्य यहां के एक जनप्रतिनिधि द्वारा किया गया हैं कि,ठाकुडवाडी का ही उपजाऊ जमीन नवटोलिया गाँव वाले को खेल के मैदान के लिए दे दिए है। शायद इनको मालुम नहीं है, ये भूमि विवादित है,जिस पर शायद चौथम थाना में कुछ लोगों के उपर एफ.आई. आर (मुकदमा) दर्ज भी किया गया था।
इस जमीन के विवाद की वजह से चौथम पूर्व थानाअध्यक्ष सहित मुरारी बाबू व चौथम अंचलाधिकारी को उस समय के वर्तमान पदाधिकारियो की नौकरी भी जाने वाला था। 
वो तो भला हो मध्य वरुणय पंचायत के लोगों को जो इन दोनों पदाधिकारी के सपोर्ट में बयान दिया और वे बच गये।
आजकी सरकार और सरकारी सिपहसलाह से यक्ष प्रश्न है की क्या आजकी तारीख में ठाकुडवाडी भगवान की जमीन अतिक्रमण मुक्त हो सकता है की नहीं,या जिसने भी जमीन को गलत ढंग से खरीद-बिक्री की है और जो खरीदा है, उनके उपर जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया जायेगा या नहीं..??।
समाजसेवी के साथ -साथ क्रांतिकारी पत्रकार आर झा उर्फ राजीव झा ने प्रेस के माध्यम से खगड़िया जिला पदाधिकारी के साथ ही चौथम प्रखंड के अंचलाधिकारी,चौथम थाना प्रभारी सहित राज्य-केन्द्र सरकार से अनुरोध करते हुए कहा है कि इस  मामले पर संज्ञान लेते हुऐ ठाकुडवाडी की सभी अतिक्रमित भूमि को सरकारी ट्रस्ट में दे देने की मेहरबानी करेंगे,। ताकि और मठ मंदिरों के जैसा इस ठाकुडवाडी का भी विकास वाधक ना हो।
उपरोक्त जानकारी राजीव झा पत्रकार द्वारा वाट्सऐप माध्यम से जनक्रांति प्रकाशन कार्यालय को किया सम्प्रेषित व प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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