रेलवे परिसर में ठीकेदार के गुर्गे द्वारा जबरन नाजायज ढंग से अवैध राशि की वसूली रेल प्रशासन मौन

रेलवे परिसर में ठीकेदार के गुर्गे द्वारा जबरन नाजायज ढंग से अवैध राशि की वसूली रेल प्रशासन मौन        

जनक्रांति कार्यालय से प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट

जबरन वसूली की बात स्टेशन प्रबंधक के नजर में है और शिकायत की पुस्तिका देने में आनाकानी करते ही नहीं देते ही नहीं लगता है जी आर पी, आर पी एफ और स्टेशन प्रबंधक सहित समस्तीपुर - सोनपुर डी.आर. एम की पुरी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है 

 समस्तीपुर/बेगूसराय, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय 29 दिसंबर, 2025)। समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के साथ ही बेगूसराय रेलवे स्टेशन परिसर में आरक्षित काउंटर के ठीक सामने ( घेरकर बने मोटर साईकिल - साईकिल स्टैंड)के बादअन्य जगह _ स्टेशन परिसर में घुसने पर ई=रिक्शा या मोटर साईकिल वाले से जो ट्रैन टाइमिंग या किसी को स्टेशन छोड़ने या लाने के लिये परिसर अंदर घुसने पर ठीकेदार और उनके गुर्गे द्वारा जबरिया बसूली तीस रूपया से लेकर पचास रुपया तक की वसूली की जाती है दीगर है की स्टैंड को मोटे लोहे की छड़ से चारों ऒर घिरा हुआ है उसके इतर वसूली लम्बे समय से की जा रही है ट्रैन का पता लगाने या किसी को रिसीव करने के लिये जाने पर या आरक्षण काउंटर पर टिकट हेतु जबरन वसूली हो रही है।       
होता ये है की मोटर साईकिल या स्कूटर के चक्के को लोहे के मोटे जंजीरों से बांधकर मोटा ताला लगा दिया जाता है                   नियमतः प्रायः अन्य जगह दस मिनट से अधिक रुकने पर इस प्रकार की व्यवस्था जो मात्र दस रूपया ही होता है साऊथ या झारखण्ड या अन्यत्र मैंने ये पाया है लेकिन इस नियम के बिपरीत समस्तीपुर के साथ ही बेगूसराय में यह नियम बदस्तूर जारी है, विरोध करने पर मार - पीट पर ठीकेदार और उनके गुर्गे उतारू हो जाते हैँ।                                             इस जबरिया वसूली की वजह से कोई भी ई-रिक्शा चालक किसी भी यात्री को लेकर स्टेशन परिसर नहीं ले जाते हैँ और सडक पर ही यात्रिओं को उतरने के लिये मज़बूर होना पड़ता है चाहे वो बुजुर्ग हों बच्चे हो महिला हों या अशक्त बीमार से ग्रसित।   
  दुसरी ऒर यदि आपके पास लग्गेज अधिक हो तो भी कोई रिक्शा आपको स्टेशन के ठीक सामने सडक ही उतारेगा या चढ़ायेगा अंदर जाने पर रिक्शा बाले से तीस रुपया की वसूली जबरन की जाती है सबसे दुःखद बात है। यात्री अपने समान को स्वमेव सर पर उठाकर या दो चार जने हैँ तो किसी प्रकार लादलूद कर स्टेशन में प्रवेश या निकास कर सकते हैँ ।      

   इस प्रकार की व्यवस्था से समस्तीपुर के साथ ही बेगूसराय से बाहर के यात्री को भी शर्मसार होना पड़ रहा है, जबकि जी आर पी, आर पी एफ एबं स्टेशन प्रबंधक सभी इस बात को जानते हैँ वीडियो बनाने पर मोबाइल छीन लिया जाता है जो बाद में वसूली देने पर लौटा दिया जाता है ठीकेदार और उनके गुर्गे का कहना है हम दो करोड़ रूपया देकर ठीकेदारी लिया है।   इस बात की जानकारी स्टेशन प्रबंधक के नजर में है और शिकायत की पुस्तिका देने में आनाकानी करते ही नहीं देते ही नहीं लगता है जी आर पी, आर पी एफ और स्टेशन प्रबंधक सहित समस्तीपुर - सोनपुर डी.आर. एम की पुरी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है अतएब माँग है हाजीपुर /सोनपुर रेल जी. एम इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान ले और ठीकेदार का लाइसेंस रद्द करे या फाइन करे नहीं तो ये मामला रेल मंत्रालय तक भी जायेगा प्रकाशन के बाद।
जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments