सुकून-ए_जिंदगी

सुकून-ए_जिंदगी

.  जनक्रान्ति गजल_ए_शाम

. प्रमोद कुमार सिन्हा, बाघी-बेगूसराय

सुकून_ए-जिन्दगी, हैं गंवारा

सुकून - ए - जिंदगी है गंवारा ना कीजिये  ,                                  
 गम तो बहुत है, संवारा ना कीजिये ,     होश - ए - गम को फ़ंसाना ना कीजिये  ,   
बेमुरव्वत में हंसना छुपाया ना कीजिये ,दर्दे -ए - दिल की राज़ छुपाया ना कीजिये ,
तब्बशुम - ए -शमा में मुस्कुराया ना कीजिये ,                  
  मर्ज़े  - ए - दिल की दवा रुलाया ना  कीजिये ,                                 
प्रमोद - ए - इश्क दिल बताया ना कीजिये  जाने -ए -जहान चिलमन उठाया ना कीजिये ,                            होश - गवां बैठे हम शमा जलाया ना कीजिये ,        
.              @प्रमोद कुमार सिन्हा 

                              
ग़ज़ल "प्रकाशन हेतु प्रमोद कुमार सिन्हा , बाघी , बेगूसराय द्वारा संप्रेषित व जनक्रान्ति हिन्दी न्यूज बुलेटिन प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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