पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में हुईं 24 मामलों की सुनवाई, पांच मामले का हुआ निष्पादन
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में हुईं 24 मामलों की सुनवाई, पांच मामले का हुआ निष्पादन
जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय व्यूरो की रिपोर्ट
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई हेतू आये एक मामले में जिद पर अड़े रहने के कारण पति - पत्नी को न्यायालय की सलाह लेने को कहा गया।
पूर्णिया, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन न्यूज़ डेस्क, बिहार 9 जनवरी, 2026)। पुलिस अधीक्षक द्वारा संचालित पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आज कल 24 मामलों की सुनवाई की गई जिसमें से 5 मामले निष्पादित किए गए 4 मामलों में बिछड़े हुए पति - पत्नी का घर समझा बुझा कर बसा दिया गया।
वहीं एक मामले में जिद पर अड़े रहने के कारण पति - पत्नी को न्यायालय की सलाह लेने को कहा गया। मुकदमे की सुनवाई में मामला को सुलझाने में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की संयोजीका सह महिला थाना अध्यक्ष शबाना आजमी, सदस्य अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक, स्वाति, वैश्य यंत्री बबीता चौधरी रविंद्र शाह मे, जीनत रहमान, प्रमोद जायसवाल, सिपाही आशुतोष झा ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
वहीं उत्तर दिनाजपुर थाना दालकोला पश्चिम महियारी के एक लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि उनका दामाद जो कस्बा थाना के जीवनगंज का रहने वाला है l वह उसकी बेटी से बराबर दहेज के लिए ₹200000 की मांग किया करता है l और उसके लिए उसकी बेटी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित प्किया करता है l उससे मेरी बेटी को 2 साल का एक लड़का है l उस लड़के को बिना उसके परिवार की सूचना दिए हुए किसी ने उसके बेटे को उठा लिया है l किंतु बाद में पता चला किसी ने नहीं बल्कि लड़के के पिता ने ही उसे गायब कर दिया है,और कहीं पर उसे छुपा कर रखा गया है l
समाज में जब इस बात की चर्चा उठी तो मेरा दामाद बेटे को उसकी मां के हवाले कर दिया, फिर तो जब दोनों पक्ष केंद्र में उपस्थित हुए तो शिवाजी द्वारा समझाने बुझाने के बाद यह कहा गया कि वह मामला को आगे नहीं बढ़ाना चाहता है क्योंकि हम लोगों ने आपस में मिलाप कर लिया है इसलिए इस मेल मिलापके आधार पर यहां की कार्यवाही को समाप्त कर दिया जाए दोनों पक्ष सारे शिकवे शिकायत भूल कर खुशी-खुशी केंद्र से विदा हो गए।

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