जब सत्य के साथ खड़ा होता है मनुष्य, तब स्वयं श्रीकृष्ण उतर आते हैं रणभूमि में”

"जब सत्य के साथ खड़ा होता है मनुष्य, तब स्वयं श्रीकृष्ण उतर आते हैं रणभूमि में”

(डर, सत्ता और अन्याय के विरुद्ध एक गीता–घोषणा)

जनक्रांति कार्यालय से अधिवक्ता मोहम्मद बैरम रकी की रिपोर्ट
धर्म का एलान हैं:-
“सामने चाहे हज़ार विरोध क्यों न हों,
यदि तुम सत्य के साथ खड़े हो,
तो किसी भी परिस्थिति में झुकने की आवश्यकता नहीं।

इंडिया न्यूज़ डेस्क, (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क, 15 जनवरी, 2026 गड़िया, बिहार)।
"जब सत्य के साथ खड़ा होता है मनुष्य, तब स्वयं श्रीकृष्ण उतर आते हैं रणभूमि में”
(डर, सत्ता और अन्याय के विरुद्ध एक गीता–घोषणा)भूमिका: यह पंक्तियाँ नहीं, धर्म का एलान हैं.
“सामने चाहे हज़ार विरोध क्यों न हों,
यदि तुम सत्य के साथ खड़े हो,
तो किसी भी परिस्थिति में झुकने की आवश्यकता नहीं।
तुम्हारी रक्षा के लिए मैं स्वयं उपस्थित रहूँगा।” 
ये शब्द किसी साधारण उपदेश के नहीं हैं
ये श्रीकृष्ण की गारंटी हैं।
यह गीता का दर्शन है,
यह अन्याय के विरुद्ध खड़े हर इंसान का कवच है।
सत्य अकेला होता है, पर कमजोर नहींइतिहास गवाह है—
जब अभिमन्यु अकेला था, तब भी वह कायर नहीं था
जब अर्जुन काँप रहा था, तब कृष्ण ने शस्त्र नहीं, साहस दिया
जब द्रौपदी निहत्थी थी, तब सत्ता नहीं, धर्म उसके साथ था
सत्य अक्सर अकेला होता है,
लेकिन सत्य कभी बेसहारा नहीं होता।
आज का कुरुक्षेत्र: सत्ता, पैसा और डर
आज का कुरुक्षेत्र—
अदालतों में है
सड़कों पर है
दफ्तरों में है
और इंसान के अंतरात्मा में है
यहाँ शस्त्र तलवार नहीं,
झूठ, लालच, डर और समझौते हैं।
और ऐसे समय में
श्रीकृष्ण का यह वचन
सिर्फ़ आस्था नहीं,
प्रतिरोध का मंत्र है।
जो झुकता नहीं, वही धर्म पर चलता है
समाज आज उसी को “समझदार” कहता है
जो अन्याय के सामने चुप हो जाए।
लेकिन गीता कहती है—
जो सत्य जानते हुए भी चुप है,
वह अधर्म का साझेदार है।
सच के साथ खड़ा होना
लोकप्रिय नहीं होता,
लेकिन युग वही बदलता है
जो भीड़ से नहीं,
धर्म से चलता है।
श्रीकृष्ण आज भी साथ हैं—पर शर्त है
कृष्ण आज भी साथ हैं,
लेकिन वह उनके साथ नहीं होते—
जो डरकर झुक जाए
जो गलत देखकर भी चुप रहे
जो सुविधा को सत्य से ऊपर रखे
कृष्ण उनके साथ होते हैं—
जो अकेले हों, फिर भी अडिग हों
जिनकी जेब खाली हो, पर रीढ़ सीधी हो
जिनके पास सत्ता न हो, पर सत्य हो
संदेश स्पष्ट है: मत झुको
यदि तुम—
अन्याय के विरुद्ध खड़े हो
सच बोलने की कीमत चुका रहे हो
ताने, धमकी, अपमान झेल रहे हो
तो समझ लो—
कृष्ण तुम्हारे साथ हैं।
रणभूमि में
हर बार शंख नहीं बजता,
कभी-कभी
आत्मा की आवाज़ ही शंखनाद होती है।
निष्कर्ष: यह समय धर्म चुनने का है
आज सवाल यह नहीं कि— कितने लोग तुम्हारे साथ हैं।
आज सवाल यह है कि— क्या तुम सत्य के साथ हो?
क्योंकि—
जब मनुष्य सत्य के साथ खड़ा होता है,
तब ईश्वर को स्वयं मैदान में उतरना पड़ता है।
जय धर्म! जय सत्य!
इस संदेश को शेयर कीजिए—
उन तक, जो डर रहे हैं
उन तक, जो झुक रहे हैं
और उन तक, जिन्हें याद दिलाना ज़रूरी है कि—
कृष्ण आज भी जीवित हैं—
हर उस इंसान में,
जो अन्याय के सामने नहीं झुकता।
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Advocate Md. Bairam Rakee
खगड़िया, बिहार, भारत
समस्तीपुर प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /संपादक राजेश कुमार वर्ना द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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