मानव अधिकार एंव अपराध सरंक्षण संघ के तत्वावधान में अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया
मानव अधिकार एंव अपराध सरंक्षण संघ के तत्वावधान में अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया
जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय ब्यूरो की रिपोर्ट
किया
संघ की तरफ मानवाधिकार दिवस पर दिव्यांग हरी बोल शर्मा परोड़ा निवासी ) को व्हीलचेयर भेंट कर मानवता का प्रेरक उदाहरण किया प्रस्तुत
।पूर्णिया,बिहार (जनकान्ति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क,बिहार,)। मानव अधिकार एवं अपराध संरक्षण संघ के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का भव्य और सार्थक आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ की प्रदेश अध्यक्षा एडवोकेट अंजली श्रीवास्तव ने की। वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूरज राम गुलाबो देवी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. देवी राम थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “चिकित्सा पेशे में रहते हुए मैं सदैव प्रयास करता हूं कि किसी भी व्यक्ति का मानवाधिकार हनन न हो।”
इसी भावना के अनुरूप आज उन्होंने दिव्यांग हरी बोल शर्मा (निवासी–परोड़ा) को व्हीलचेयर भेंट कर मानवता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस क्षण ने पूरे सभागार में भावनात्मक और सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे,। कार्यक्रम में मुख्य रूप
वीरांगना ट्रस्ट की अध्यक्ष सुष्मिता राय,अखिल बिहारी मंच की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान कुमारी,अधिवक्ता संघ के सचिव सुमन जी प्रकाश, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के उपाध्यक्ष रंजन कुमार सिंह,संयुक्त सचिव किशोरी बबीता चौधरी, अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक गौतम वर्मा,के.के. वर्मा,, नितिन कुमार, अधिवक्ता रजनी शाह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन संघ के प्रदेश अध्यक्ष अंजलि श्रीवास्तव ने सामूहिक रुप से दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम सभा को संवोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक ने मानवाधिकारों के व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिकार तभी सार्थक हैं जब समाज और कानून दोनों मिलकर उनके संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं।
इसी क्रम में महिला थाना प्रभारी शबाना आज़मी* ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर युवाओं को प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की मांग है और युवा पीढ़ी इसमें निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन डॉ. अक्षय शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं *Human Rights and Crime Control Association, Bihar* के एग्जीक्यूटिव मेंबर ने किया।उन्होंने संयोजित संचालन, स्पष्ट उच्चारण और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तथा यादगार बनाया। वही संयुक्त सचिव किशोरी बबीता चौधरी* ने अपने वक्तव्य में कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा तभी संभव है जब समाज में संवेदनशीलता और सहभागिता दोनों हों। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांगों और वंचित वर्गों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर बिहार अध्यक्ष एडवोकेट अंजली श्रीवास्तव ने सभी उपस्थित लोगों को मानवाधिकार संरक्षण की शपथ दिलाई और कहा—
“मानवाधिकार केवल अधिकार नहीं, मानवता का धर्म है। समानता, न्याय और गरिमा का भाव हर व्यक्ति के जीवन में होना चाहिए।”

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