नीलगाय के बढ़ते आतंक से बखरी के किसान हुऐ बेहाल
नीलगाय के बढ़ते आतंक से बखरी के किसान हुऐ बेहाल
जनक्रांति कार्यालय से चंद्रकिशोर पासवान की रिपोर्ट
बेगूसराय, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन। बखरी प्रखंड क्षेत्र में नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे किसान गंभीर संकट में हैं। खेतों में लगी फसलों को नीलगाय झुंड बनाकर रौंद रही हैं। रबी फसलों के मौसम में हालात और भी बदतर हो गए हैं। गेहूं, चना, सरसों, मक्का सहित सब्जियों की फसलें रात के समय नीलगायों के हमले से बर्बाद हो रही हैं।
स्थानीय किसान अजीत कुमार, अरविंद महतो और श्रवन महतो ने बताया कि नीलगाय खेतों में घुसकर पूरी फसल को नुकसान पहुंचा रही हैं। कई जगहों पर खेत पूरी तरह उजड़ चुके हैं। नीलगायों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन उनके नियंत्रण को लेकर अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है और कर्ज का बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से नीलगायों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने नीलगायों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने, खेतों की तारबंदी कराने और फसल क्षति के बदले मुआवजा देने की मांग की है। इस गंभीर समस्या को लेकर राटन पंचायत की पंचायत समिति सदस्या रीना देवी ने भी पंचायत समिति की बैठक में किसानों की आवाज को जोरदार तरीके से उठाया है। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा फसल सुरक्षा और मुआवजा की घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पाता है।

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