भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के नेतृत्व में माल गोदाम परिसर में एक दिवसीय श्रमिक सभा का किया गया आयोजन
भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के नेतृत्व में माल गोदाम परिसर में एक दिवसीय श्रमिक सभा का किया गया आयोजन
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही चार नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) के अंतर्गत ई श्रम व्यवस्था अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रही है,: राष्ट्रीय महामंत्री अरुण कुमार पासवान
रेलवे माल गोदामों के श्रमिक देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं: सांसद जगदम्बिका पाल
समस्तीपुर, बिहार। जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन न्यूज़ डेस्क, बिहार 10 जनवरी 2026। भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के नेतृत्व में माल गोदाम परिसर में एक दिवसीय श्रमिक सभा का किया गया आयोजन।
मिली जानकारी अनुसार भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार पासवान एवं राष्ट्रीय महामंत्री अरुण कुमार पासवान के नेतृत्व में समस्तीपुर मंडल अंतर्गत कर्पूरीग्राम स्टेशन स्थित माल गोदाम में एक दिवसीय श्रमिक सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता सुशील कुमार ने की। सभा में रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा एवं कार्य परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संघ के राष्ट्रीय महामंत्री अरूण कुमार पासवान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही चार नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) के अंतर्गत ई श्रम व्यवस्था अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रही है, जिससे संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ द्वारा इसे धरातल पर लागू कराने के लिए पूरे देश में राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।
इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के लगभग 28 वर्षों के लगातार संघर्ष के परिणामस्वरूप रेलवे माल गोदामों में 24x7 कार्य प्रणाली को लेकर नए निगम बनाए गए हैं, जिन्हें अप्रैल 2026 के बाद लागू किया जाना प्रस्तावित है। इसी क्रम में दिनांक 9 दिसंबर 2025 को लोकसभा में ज़ीरो आवर के दौरान वरिष्ठ सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति के सदस्य जगदम्बिका पाल ने रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया।
उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रम संहिताओं के माध्यम से सरकार ने श्रमिक कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। श्री जगदम्बिका पाल ने कहा कि रेलवे माल गोदामों के श्रमिक देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान इन श्रमिकों ने जोखिम उठाकर आवश्यक वस्तुएँ, अनाज और दवाइयाँ देश के कोने-कोने तक पहुँचाई। इसके बावजूद आज भी कई स्थानों पर श्रमिक पहचान-पत्र, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, बुनियादी ढांचा एवं पारदर्शी वेतन व्यवस्था से वंचित हैं, जिसकी पुष्टि श्रम मंत्रालय की रिपोर्टों में भी होती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महाराष्ट्र के माथाडी बोर्ड एवं भारतीय खाद्य निगम (FCI) के मजदूरों के लिए गठित कॉरपोरेशन की तर्ज पर रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए भी एक बोर्ड अथवा कॉरपोरेशन का गठन किया जाए, जिससे उन्हें न्यूनतम वेतन, पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा एवं सुरक्षित कार्य परिसर सुनिश्चित किया जा सके। सभा के अंत में श्रमिकों को उनके अधिकार दिलाने हेतु संपूर्ण देश के रेलवे माल गोदामों में व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।
अध्यक्षीय संबोधन में श्री सुशील कुमार ने कहा कि यह बैठक रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि अब मांगें केवल आश्वासन नहीं हैं, बल्कि अप्रैल 2026 से लागू होने जा रही हैं, जिससे श्रमिकों के जीवन में स्थायी सुधार आएगा। बैठक का समापन श्री रंजीत कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सतत निगरानी और संघर्ष जारी रखेगा।
इस बैठक में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में प्रमुख रूप से श्रमिक संघ के अध्यक्ष, वीरेन्द्र पासवान, उपाध्यक्ष,गुलाब पासवान,सचिव अनिल कुमार, उप- सचिव अजय कुमार,कोषाध्यक्ष, चितरंजन प्रसाद शर्मा,प्रभारी चंद्रवली सिंह, संगठन मंत्री, दीपक कुमार, सदस्य,विक्रांत कुमार सिंह एवं सहित सैकड़ो अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।
समस्तीपुर प्रधान कार्यालय से कार्यालय रिपोर्ट प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments