डेंगू - मलेरिया मच्छर के बढ़ते प्रकोप से बाघी निवासी का हाल है बेहाल बीमारी के डर से जीने को मजबूर
डेंगू - मलेरिया मच्छर के बढ़ते प्रकोप से बाघी निवासी का हाल है बेहाल बीमारी के डर से जीने को मजबूर
जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
डॉ. राजेश के क्लिनिक से चौरसिया के मकान मुख्य सड़क पर भी घुटना से कुछ नीचे पानी का जमावड़ा यही चार माह तक बना रहता है।
बेगूसराय,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 22 जनवरी, 2026)। बेगूसराय जिलान्तर्गत बाघी वार्ड ११ का हाल हो रहा बेहाल, जी हाँ ये हाल है। बताते चले की लाल मोहन प्रसाद और केंद्रीय ब्यूरो प्रमोद कुमार सिन्हा का घर के बाहर गुज़र रहे रास्ता ( रोड ) का हाल नगर निगम बेगूसराय द्वारा मोहल्ले में डेंगू और मलेरिया फैलाने का षड्यंत्र नगर निगम के अभियंता द्वारा असोची समझ और बिना डिजाइनिंग किये रोड का हाल वार्ड नंबर ११ का बना हुआ है।
सबसे पहले तो हम जान लें इस रोड का निर्माण कैसे और किस प्रकार किया गया लालमोहन प्रसाद और प्रमोद कुमार सिन्हा के डीड में आठ फिट का रास्ता आमने सामने जमीन मालिक द्वारा निजी तौर पर दिया गया, जो टी आकार का मुख्य सड़क से पश्चिम की ओर और बीच में दक्षिण से पश्चिम की ओर प्रमोद कुमार सिन्हा के घर तक अथक प्रयास से रास्ता निर्माण स्व. बासुदेव सिंह विधायक बेगूसराय के अनुशंसा और फण्ड के द्वारा
डिज़ाइन और एस्टीमेट बनाया गया जो किसी षड्यंन्त्र के द्वारा कनीय अभियंता मनोरंजन सिंह द्वारा किया जाना था।जिसे जानबूझकर षड्यंत्र द्वारा एल आकार में निर्मित हुआ यानी मुख्य सड़क से प्रमोद कुमार सिन्हा के घर तरफ ना जाकर लक्खी के घर और इससे आगे पश्चिम की तरफ भोला महतो के घर तक किया गया।
ज़ब श्री सिन्हा ने एस्टीमेट और नक्शा देखा तो पाया की यह टी आकार में प्रमोद कुमार सिन्हा के घर से मात्र लक्खी के घर तक ही था। श्री सिन्हा ने डी एम के नाम से पत्र तैयार कर लिया था जिसकी जानकारी डी एम साहब के स्टेनो राम शरण विद्यार्थी बाबू को मालूम हुई।
उन्होंनें श्री सिन्हा के मित्र स्व. सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा ( जो डी एम कार्यालय में ही पदस्थापित थे ) के घर जाकर मुलाक़ात की और आश्वाश्त किया की हम अगले फेज मेँ यह रास्ता प्रमोद कुमार सिन्हा के घर तक करवा देंगें, आप उन्हें पेटीशन से रोकिये, पेटीशन रुक गया और डिज़ाइन कुछ इस प्रकार बना की मुख्य सड़क से ढलाव नीचे करते हुए यानी पूर्व से पश्चिम ढलाव नीचे कर दिया गया।
बात यहीं तक नहीं रही लक्खी के घर यानी दक्षिण से ढलाव नीचे करते हुए प्रमोद कुमार सिन्हा और लालमोहन प्रसाद के निकास द्वार तक पानी जमने लगा।
अब पुनः निर्माण प्राण सुनार के घर से प्रमोद कुमार सिन्हा और लाल मोहन प्रसाद के घर तक रोड ऊँचा जबरन किया गया है, नतीजा तीनों तरफ से पानी का जमावडा श्री सिन्हा और लाल मोहन प्रसाद तक ही सीमित ना होकर किराना दुकानदार राजेश कुमार साह के घर तक बरसात के महीने में घुटना भर पानी चार माह तक जमा रहता है और सबों को इस कष्ट का सामना करना पड़ रहा है।
विदित हो की डॉ. राजेश के क्लिनिक से चौरसिया के मकान मुख्य सड़क पर भी घुटना से कुछ नीचे पानी का जमावड़ा यही चार माह तक बना रहता है। यह भी विदित हो की जो रोड प्राण सुनार से श्री सिन्हा के घर तक आया है उसकी ऊँचाई अत्यधिक है जबकि शिवरेज नाला का निर्माण बहुत ही कम है जो लाल मोहन के घर और श्री सिन्हा के गेट के पास है, जिसका निकासी की भी व्यवस्था नहीं है कल होकर यह ऊँचा बना रोड टूटेगा कारण की शिवरेज नाला उधर से गुजरेगा और नल जल योजना का पाइप भी।
वर्तमान में हाल यह है की विगत दो वर्षो से श्री सिन्हा के घर से लाल मोहन के घर ही नहीं राजेश कुमार साह के घर तक पानी घुटना भर जमा रहता है। बरसात के महीने में और श्री सिन्हा एवं लालमोहन प्रसाद द्वारा अपने - अपने पैसे से जल जमाव पानी में ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव के बाद भी श्री सिन्हा और लालमोहन प्रसाद के यहाँ डेंगू की बीमारी होती रही है।
प्रश्न उठना लाज़िमी है की इस प्रकार का डिजाइन करने बाले अभियंता पर नगर निगम प्रशासन कठोर से कठोर कदम उठाने को तैयार है या नहीं ,? स्थल का निरीक्षण किया जा सकता है रोड में गैस पाइप नहीं बिछा है, उसके निर्माण में पुनः रोड टूटेगा यह बार बार रोड का निर्माण होना और टूटना किसके पैसे से होता है स्वाभाविक है हमारे टैक्स के पैसे से , ग्रामीणों ने डी एम साहब से अनुरोध करते हुए कहा है की भ्र्ष्टाचार में लिप्त अभियंता पर कठोर से कठोर कार्यवाई की जाये और भ्रष्ट ठीकेदार का नाम काली सूची में डाला जाये। इसके साथ ही स्थल का निरीक्षण कर कोर्ट के निदेशानुसार रोड की ऊँचाई नहीं करनी है, उस अभियंता से पैसे भी वसूल किया जाये और पुरे मोहल्ले बासियों को डेंगूँ और मलेरिया से बचाव के लिए दवा का छिड़काव कराया जाये ताकि डेंगू मच्छर से होने वाली बिमारी से बचाव हो सके।

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