बिहार का सरकारी स्कूल बना मिसाल, प्राइवेट स्कूलों को दिखाया आईना
उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय चखमिद बिहार का बना शिक्षा का मॉडल
जनक्रांति कार्यालय से चन्द्रकिशोर पासवान की रिपोर्ट
बिहार का सरकारी स्कूल बना मिसाल, प्राइवेट स्कूलों को दिखाया आईना
बखरी,बेगूसराय, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 23 जनवरी, 2026)। बेगूसराय जिले के बखरी प्रखंड स्थित उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चखमिद ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी विद्यालय भी अब गुणवत्ता, अनुशासन और आधुनिक सुविधाओं के मामले में निजी स्कूलों से किसी तरह कम नहीं हैं। यह विद्यालय आज क्षेत्र में शिक्षा का एक मॉडल स्कूल बनकर उभरा है,
जहां पढ़ाई के साथ - साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लास और डिजिटल पढ़ाई से बदला माहौल विद्यालय में आधुनिक शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता ने पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बना दिया है। यहां स्मार्ट क्लास डिजिटल प्रोजेक्टर ई-लर्निंग कंटेंट खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियां के माध्यम से छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
अनुशासित वातावरण और साफ-सुथरा परिसर विद्यालय की पहचान बन चुका है। कक्षा 1 से 8 तक सभी सरकारी सुविधाएं विद्यालय में बिहार सरकार की सभी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें सत्र की शुरुआत में छात्रवृत्ति एवं पोशाक राशि सीधे बैंक खाते में साइकिल योजना योग्य छात्रों को स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था साथ ही खेलकूद व सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। योग्य शिक्षकों से बेहतर शिक्षा विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. एम. एन. रहमानी ने बताया कि“अब सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। बीपीएससी और बीपीएसी जैसी कठिन परीक्षाएं पास कर योग्य शिक्षक विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं।
नियमित मॉनिटरिंग और आधुनिक शिक्षण पद्धति से शिक्षा की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है।”उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे निजी स्कूलों के भ्रम में न पड़ें। “सरकारी स्कूल अब हर दृष्टि से सुरक्षित, सक्षम और भरोसेमंद हैं। नियमित पढ़ाई और शिक्षक के मार्गदर्शन से बच्चों की सफलता सुनिश्चित है।”
सरकारी स्कूल अब बेहतर विकल्प उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चखमिद यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि अब बिहार में सरकारी स्कूल सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि बेहतर विकल्प बन चुके हैं—
✔ सुविधाएं भी
✔ गुणवत्ता भी
✔ और परिणाम भी
यही है बिहार की बदलती हुई शिक्षा व्यवस्था की नई तस्वीर।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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