जीर्ण-शीर्ण व्यवस्था को समाप्त कर नये स्तर से विचार कर स्वतंत्रता सेनानी पेंशन की सुविधा समान रूप से सभी सेनानियों को देने की किया मांग जनक्रांति

जीर्ण-शीर्ण व्यवस्था को समाप्त कर नये स्तर से विचार कर स्वतंत्रता सेनानी पेंशन की सुविधा समान रूप से सभी सेनानियों को देने की किया मांग

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 

जे. पी. सेनानी प्रमोद कुमार सिन्हा ने प्रेस माध्यम से 6 सूत्री स्मार पत्र देकर अंग्रेजों द्वारा गुलाम रखने वाला न्याय प्रक्रिया और पुलिस मेन्युअल में संशोधन करने की मांग राज्य व केन्द्र सरकार से किया

बेगूसराय, बिहार ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन बेगूसराय न्यूज डेस्क 9 जनवरी, 2026}। स्वतंत्रता संग्याम में अपनी भागीदारी निभाने वाले जे. पी. सेनानी प्रमोद कुमार सिन्हा ने प्रेस के माध्यम से 6 सूत्री स्मार पत्र देकर अंग्रेजों द्वारा गुलाम रखने वाला न्याय प्रक्रिया और पुलिस मेन्युअल में  संशोधन करने की मांग करते हुऐ स्मार पत्र के माध्यम से कहाँ है की मानव जाति का प्रत्येक व्यक्ति अपनी गरिमा में समान है, 
यही मान्यता जनतंत्र एवं मानवाधिकार की आधारशिला है। यदि प्रत्येक व्यक्ति की समान गरिमा को नकार दिया. जाय तो फिर जनतंत्र का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
 जनतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार इसी आधार पर दिया जाता है कि गरिमा की दृष्टि से प्रत्येक नागरिक बराबर है। शिक्षित-अशिक्षित, अमीर- गरीब, जिनीयस-मंदबुद्धि इन सभी असमानताओं के बावजूद नागरिक की हैसियत से सबों को समान अधिकार दिये जाते हैं क्योंकि मनुष्य के तौर पर हम सब बराबर हैं।
प्रत्येक व्यक्ति के समान गरिमा के सिद्धांत की स्वीकृति हेतु भारत के दलित-महादलित, गंवार,अनपढ़ जनता की सोच को बदलने हेतु मूलभूत प्रयास परम आवश्यक है ताकि देश में जनतंत्र मजबूत हो सके। अंग्रेजों द्वारा गुलाम रखने वाला न्याय प्रक्रिया और पुलिस मेन्युअल में आवश्यक संशोधन होना लाजमी है।
 न्याय प्रक्रिया, ऊबाऊ, खर्चीली न होकर सरल और सुलभ होना ही सही मामले में जनतंत्र की गरिमा कही जा सकती है। इसके लिए आजादी और मुकदमें के अनुसार जजों एवं पुलिस की नियुक्ति परमावश्यक है। 
यही सपना हमारे लोकनायक जयप्रकाश जी की थी। जिसे आज उनके ही अनुयायी द्वारा अमान्य करार दिया जा रहा है। लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया बहुत ही जटिल और खर्चीली साबित हो रहा है जहाँ धन-बल, बाहु-बल को बोलबाला से कोई कैसे इन्कार कर सकता है। हम सबों ने मिलकर जे० पी० के साथ कदम दर कदम चलकर सम्पूर्ण क्रांति का नारा
और उसपर चलने की कसमें खायी थी। 
फिर भी हमारे जे० पी० अनुयायों के साथ बाँट कर दोयम दर्जा कायम किया गया है। मीसा वाले को अलग प्रकार का पेंशन और डी० आई आर0 वालों को अलग प्रकार का। स्वाधीनता आंदोलन में अंग्रेजों से मुठभेड़ लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के लिए इस प्रकार की दोयम व्यवस्था नहीं है। श्री प्रमोद ने आगे लिखा है की इस प्रकार की व्यवस्था को समाप्त कर नये स्तर से विचार कर पेंशन की सुविधा समान रूप से मिलना ही परम हितकारी है। एक महीना-छह महीना से जे० पी) आंदोलनकारियों को कुठाराघात को समाप्त किया जाना चाहिये। लोकनायक जयप्रकाश नारायण अमर रहे नारे लगाते हुऐ श्री प्रमोद ने कहाँ है की निम्न माँग आपके समक्ष रखते हुए आग्रह है कि इस पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए पुनः निर्णय लेने की कृपा की जाए। 
ताकि लोकतंत्र की गरिमा बरकरार
रखा जा सके।
1.जिला प्रशासन से जे० पी० की प्रतिमा लगाने के लिए स्थल का चयन एवं अन्य कार्यों के लिए सहयोग का आग्रह किया।
2.जे० पी० सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समकक्ष दर्जा देते हुए समान पेंशन और सुविधा मुहैया करायी जाय।
3.अधिक से अधिक संख्या में बेगूसराय जे० पी० सेनानी को प्रसस्ति पत्र दिलवाने का प्रयास किया जाय ।
4.मीसा डी0 आई0 आर0 के अलावे भी सक्रिय जे० पी० सेनानी जिन्होनें भूमिगत रहकर आन्दोलन को जारी रखने में सक्रिय भूमिका अदा किये, उन्हें भी सम्मान देकर अनुगृहित करें।
5.शासन तंत्र में पारदर्शिता के साथ-साथ कार्यालयों को पेपर लेस करते हुए पंचायत तर पर कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था द्वारा आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, मोटेशन, रजिस्ट्री आदि की व्यवस्था ऑनलाईन किया जाए।
6.इसके लिए कंम्प्यूटर से प्रमाण पत्र आदि निकालने के लिए उचित शुल्क की व्यवस्था भी कम्प्यूरीकृत हो, ताकि भ्रष्ट्राचार पर लगाम लग सके और प्रत्येक व्यक्ति कम्प्यूटर में ही शुल्क जमा कर स्वयं ही प्रमाण पत्र ऑनलाईन प्राप्त हो सके।
सभी प्रकार की नियुक्तियों, शांति व्यवस्था आदि में पारदर्शिता हेतु जे० पी० सेनानियो को भी समिति में स्थान दिया जाए।
अतः पुनः नम्र निवेदन है कि इन उपरोक्त मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर उचित व भ्रष्ट्राचार मुक्त शासन का निर्णय लेना चाहेंगे।  उन्होंने आगे कहा है की प्रदेश महासचिव होने के जाते ये ड्राफ्ट मेरे द्वारा रचित है.। जिसे 28जून 2016 को बेतराम समाहरणालय अर्न्तगत स्थित कर्मचारी भवन में समस्त जे0 पी0 सेनानी, भूमिगत जे० पी० सेवानी जो बेवराय,खगडिया, मुंगेर, नवादा व समस्तीपुर से उपस्थित थे को मंच,
पर उपस्थित मिथिलेश कुमार सिंह पूर्व अध्यक्ष जे० पी० सेनानी
सरलाहकार परिषद-विहार व कार्यकारी अध्यक्ष के साथ भागलपुर से पधारे सम्पूर्ण क्रान्ति मंच जिला अध्यक्ष भी थे दिया गया था। अंत में प्रमोद कुमार सिन्हा-अब नारा है, भावी इतिहास हमारा है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण अमर रहे।
जे0 पी0 सेनानी मंच, बेगूसराय
स्मार पत्र जेपीए सेनानी मंच-वेगूसराय- अध्यक्ष ॐ० पी० सेनानी मंच बिहार श्री देवेन्द्र प्रसाद जी द्वारा इस पत्र को माननीय प्रधानमंत्री को और माननीय गृह मंत्री की भी दिया गया है नतीजा ढाक के तीन पात बन कर रह गयाहै।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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