काव्य रचना : वियोग में.......?? तुम मुझे भूल जाओ मै तुम्हें भूल जाऊ
काव्य रचना :
वियोग में.......??
तुम मुझे भूल जाओ
मै तुम्हें भूल जाऊ
तुम मुझे भुल जाओ ,
मैं तुम्हें भुल जाऊँ , ना तुम्हें याद आऊँ ,
ना मुझे याद आओ ,
घरौंदा था टूट गया , सपना वो बीत गया , ना तुम गुनगुनाओ ,
ना मैं गुनगुनाऊँ ,
तुम मुझे....... ख्वाब जो सपना था , आँख खुली ना अपना था , सपना तो सपना ही होता ,
दिखने पर ना अपना होता ,
ना तुम याद.......
अकेला हूँ अकेला रहने दो ,
अश्रु बहते हैं तो बहने दो ,
ना इधर तुम झांको ,
ना उधर मैं झाँकूँ ,
ना तुम याद.......
बीतते जा रहें हैं समय ,
जीते जा रहे हैं असमय ,
पल पल गुज़र रहे हैं ,
कांटे अब भी चुभ रहे हैं :
ना मैं तुम्हें देखूँ....
ना तुम मुझे देखो .......
गुजरा हर पल कसक लिए,
याद आता है कसक लिए ,
पुना पुना मैं कुछ बोलूं ,
ऐजी ऐजी ना कुछ बोलूं ,
नज़रें झुका चली जाओ ,
नज़रें फेर मैं चला जाऊँ,
ना तुम याद आओ ,
ना मैं याद आऊँ ,
पर्दे में तुम यों ही रहो ,
पर्दे में मैं भी रहूँ ,
तुम मुझे......
दिल में कांटे चुभती है ,
लम्बा अरसा गुज़र गया ,
चारों फुल तेरा सुधर गया ,,
तुम मुझे भुल जाओ
मैं तुम्हें भुल जाऊँ ,
ना तुम याद आओ ,
ना मैं याद आऊँ ,
तुम मुझे........
बीस बरस कैसे बीते ,
पता ना चला कैसे होते,
अब भी तुम सताती हो ,
रात कैसे बीत जाती है ,
पल पल ना आँसून ,
पल पल ना आँसू बहाओ ,
ना मैं आँसू बहाऊँ ,
तुम मुझे.....
यादें तेरी है जो भुला ना पाऊं..
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रमोद कुमार सिन्हा की रचना प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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