काव्य रचना : वियोग में.......?? तुम मुझे भूल जाओ मै तुम्हें भूल जाऊ

 काव्य रचना : 
               वियोग में.......??
           तुम मुझे भूल जाओ 
            मै तुम्हें भूल जाऊ
          📝प्रमोद कुमार सिन्हा

तुम मुझे भुल जाओ  ,
मैं तुम्हें भुल जाऊँ   ,                          ना तुम्हें याद आऊँ ,
ना मुझे याद आओ  ,
घरौंदा था टूट गया  ,                          सपना वो बीत गया   ,                          ना तुम गुनगुनाओ   ,                    
ना मैं गुनगुनाऊँ  ,
तुम  मुझे.......                              ख्वाब जो सपना था   ,                      आँख खुली ना अपना था ,               सपना तो सपना ही होता  ,
दिखने पर ना अपना होता ,
 ना तुम याद.......
अकेला हूँ अकेला रहने दो  ,
अश्रु बहते हैं तो बहने दो ,
ना इधर तुम झांको     ,
ना उधर मैं झाँकूँ  ,
ना तुम याद.......
बीतते जा रहें हैं समय   ,     
जीते जा रहे हैं असमय  ,
पल पल गुज़र रहे हैं  ,
कांटे अब भी चुभ रहे हैं : 
ना मैं तुम्हें देखूँ....
ना तुम मुझे देखो .......
गुजरा हर पल कसक लिए,
याद आता है कसक लिए  , 
पुना पुना मैं कुछ बोलूं  ,
ऐजी ऐजी ना कुछ बोलूं ,
 नज़रें झुका चली जाओ ,
 नज़रें फेर मैं चला जाऊँ,
ना तुम याद आओ , 
ना मैं याद आऊँ   ,
पर्दे में तुम यों ही रहो  ,
पर्दे में मैं भी रहूँ  ,
 तुम मुझे......
याद बीते ना बीतती है  ,
दिल में कांटे चुभती है ,
लम्बा अरसा गुज़र गया ,
चारों फुल तेरा सुधर गया ,,
तुम मुझे भुल जाओ 
मैं तुम्हें भुल जाऊँ ,
ना तुम याद आओ  ,
ना मैं याद आऊँ ,
तुम मुझे........
बीस बरस कैसे बीते   ,
पता ना चला कैसे होते,
अब भी तुम सताती हो ,
रात कैसे बीत जाती है ,
पल पल ना आँसून  ,
पल पल ना आँसू बहाओ ,
ना मैं आँसू बहाऊँ  ,
 तुम मुझे.....
यादें तेरी है जो भुला ना पाऊं..
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रमोद कुमार सिन्हा की रचना प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments