ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन क़े द्वारा ट्रेड यूनियन के आम हड़ताल के नैतिक समर्थन में किया रैली


ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन क़े द्वारा ट्रेड यूनियन के आम हड़ताल के नैतिक समर्थन में किया रैली 

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
नई श्रम निती, निजीकरण / निगमीकरण, NPS/UPS का विरोध अंतिम सांस तक -- रत्नेश वर्मा


रक्सौल, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 12 फ़रवरी, 2026)। पूर्व मध्य रेल जोन का एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन ( निबंधन संख्या -4065 ) क़े द्वारा नई श्रम नीति , NPS/UPS को हटाकर सीधे OPS लागु करने , निजीकरण /निगमीकरण बंद करने के साथ कुछ अन्य मुद्दों क़े लिए पुरे देश मे किए जा रहे आम हड़ताल के नैतिक समर्थन में जागरूकता के लिए रैली किया गया। यह रैली स्थानीय रक्सौल रेलवे स्टेशन क़े नजदीक ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन क़े केंद्रीय ( जोनल) जॉइंट सेक्रेटरी श्री रत्नेश वर्मा क़े गाइडलाइन मे सभी कर्मचारियों को काला बिल्ला लगाने और नारेवाजी करने से आरम्भ हुआ ।वीडियो कंन्फ्रेंसिंग माध्यम से सम्बोधित करते हुए रत्नेश वर्मा ने कहा कि ECREU केंद्रीय कमिटी के आह्वान पर पुरे रेल जोन में आम हड़ताल का नैतिक समर्थन किया जा रहा है। केंद्र सरकार से आग्रह है कि रेलकर्मियों के तरफ भी ध्यानाकर्षण करें । रेलवे कर्मचारियों पर जबरदस्ती निजीकरण / निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 क़े सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गयी है। सरकार क़े द्वारा पहले NPS और अब UPS ला दिया गया है। O. P. S. कि चर्चा तक नहीं हो रही है। पुरे देश में एक ही पेंशन ब्यवस्था OPS होनी चाहिए। मंत्री, विधायक, सांसद और पुराने कर्मचारियों के लिए अलग पुरानी पेंशन प्रणाली है। बाकि लोंगो के लिए NPS UPS है।आज देश क़े मजदूरों कि स्थिति भी बहुत हीं दयनीय है। कई प्राइवेट ठेका मजदूरों क़ो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है। 29 श्रम संहिताओं क़ो हटाकर केवल 04 चार लेबर कोड बील लाकर केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों पर कुठाराघात कऱ रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मजदूरों क़े हित में नई श्रम नीति क़ो वापस लेने क़ी मांग क़ी। सभा में सरकार क़ी मजदूर विरोधी नीतियों क़े विरोध मे खूब नारेवाजी कि गयी। ECREU क़े केंद्रीय / जोनल जॉइंट सेक्रेटरी श्री रत्नेश वर्मा ने रेलवे सहित सभी केंद्रीय कर्मी गण के हित में NPS - UPS को हटाकर सीधा O. P. S. लागु करने कि मांग सरकार से की।उनके द्वारा बताया गया कि आज ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन क़े द्वारा पुरे ECR जोन मे नई श्रम नीति, निजीकरण / निगमीकरण, NPS/UPS, 55/30 क़े सर्विस रिव्यू, 14/2 काला क़ानून, सिग्नल विभाग में चल रहे चौबीसों घंटे की बन्धुआ मजदुरी, महिलाओं क़ो जबरदस्ती नाइट ड्यूटी में भेजनें क़े विरुद्ध आंदोलन, धरना - प्रदर्शन, विरोध -प्रदर्शन आदि कार्यक्रम किया जा रहा है । केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव श्री रत्नेश वर्मा ने बताया कि पूंजीवाद और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश कि सरकार पार्ट पार्ट मे रेलवे को निजीकरण क़े तरफ धकेल रही हैं। 1924 से लागु रेल बजट को आनन फानन मे 2016 मे पूरी तरह से बंद कर दिया गया। NPS/UPS देश हित और कर्मचारी हित में नहीं है।इस कार्यक्रम में नई श्रम नीति, NPS / UPS ऑप्शन पर जागरूकता , रेलवे कर्मचारी को मिलने वाली सुविधाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। रैली क़ो सम्बोधित करते हुए श्री वर्मा ने कहा क़ी हमें एकमात्र पुरानी पेंशन प्रणाली यानि O. P. S. से कम कुछ भी मंजूर नहीं हैं। रेलवे मे कर्मचारियों कि भारी कमी हैं। रेलकर्मी पर अत्यधिक कार्य का बोझ हैं, जिसक़े चलते हीं कर्मिगण लगातार रन -ओवर भी हो रहे हैं। दुर्घटना / मृत्यु लगातार हो रही है। रेल - लाइन पर कार्य करनेवाले सभी रेलकर्मी को जीवन रक्षक यन्त्र दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ क़े जीवन बीमा का प्रावधान हो।पॉइंट्स मैन, गेटमैंन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिज़न स्टॉफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर हीं नहीं हैं। जहां नई रेलवे लाइन बनी है, गेज परिवर्तन, विद्युतिकरण हुआ है वहां नए संशोधित BOS क़े अनुसार रेलकर्मियों कि भर्ती होनी चाहिए जो नहीं हो रही है ।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) ने रेलकर्मियों से जुड़े निम्न अहम मुद्दे पर आज 12 फ़रवरी 2026 को आम हड़ताल का नैतिक समर्थन किया है। आम हड़ताल के मुद्दे जिसके लिए रेल कर्मचारी आंदोलनरत है।
2026--2027 के P.L.B. बोनस का भुगतान सातवें वेतन आयोग के वेतन को आधार मानकर 46157 रुपया किया जाए।
NPS/UPS को समाप्त कर OPS लागू किया जाए ।
रेलवे में प्रतिवर्ष 2% इंप्लाई के पोस्ट को सरेंडर करने के आदेश पर अविलंब रोक लगाया जाय ।
रेलवे में सभी रिक्तियों को नए BOS बनाकर रिक्रूटमेंट के द्वारा अविलंब भरा जाय ।
रेलवे में कई विभागों के कार्यों को आउटसोर्स द्वारा कराना बंद किया जाय इसकी जगह नई रिक्रूटमेंट कर बहाली किया जाय ।
समान काम समान वेतन के तहत रेलवे में कार्यरत ठेका मजदूरों को समान वेतन दिया जाय ।
8वाँ वेतन आयोग में पति-पत्नी, 2 बच्चे एवं बूढ़े मां-बाप (कुल 6 व्यक्ति) को आधार मानकर वेतन का निर्धारण किया जाय । वेतन निर्धारण फिटमेंट फेक्टर 3.5 गुना रखा जाए।
 पूंजीवाद परस्त चारों श्रम कानून को निरस्त किया जाय ।9)14/2 काला कानून को तत्काल समाप्त किया जाय ।
 55/30 के सर्विस रिव्यू पर रोक लगाया जाए ।
स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन, गेटमेंन सहित सभी विभागों में आठ घंटा ड्यूटी रोस्टर लागु किया जाए। तत्काल 12 घंटा ड्यूटी में दो दिन रेस्ट दिया जाए।
 सिग्नल एवं टेलीकौम विभाग में अनुमोदित ड्यूटी रोस्टर एवं नाईट फेलियर गैंग का प्रावधान हो।
रक्सौल में सभी सुविधाओं के साथ रेलवे अस्पताल बनाया जाए।
 सभी एल • सी • गेट पर C.C.T.V. लगाया जाए।
टी •ए •, NDA, O.T. आदि भत्तो क़ो समय से वेतन में लगाया जाए।
 रेलवे बोर्ड क़े निर्देश क़े अनुसार सभी ओपेन लाइन कर्मचारियों क़ो *सेफ्टी शु, विंटर जैकेट, रेनकोट, बॉटर बोतल* समय से मुहैया कराया जाए।
 सेफ्टी कैटेगरी क़े स्टाफ क़े लिए सेक्शन में त्रेमासिक फेमिली सेमिनार का आयोजन किया जाए।
ट्रेक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी विभाग क़े कर्मचारीयों क़ो अविलम्ब *जीवन रक्षक यन्त्र* दिया जाए।
सभी कर्मचारियों क़े लिए *रेलवे आवास, गैंग हट, टूल कक्ष सह विश्राम कक्ष* बनवाया जाए।
 रेलवे इम्पैनल्ड अस्पतालो में UMID कार्ड क़े आधार पर कैश - लेस ईलाज हो।
 ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार करके पारदर्शी बनाया जाए। प्रायोरिटी लिस्ट / नेमनोटिंग क़े अनुसार ट्रांसफर हो।तथा अफसरशाही बंद हो।
 सभी विभाग क़े आर्टिज़न स्टाफ क़ो 'रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता'दिया जाए। वर्तमान रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता में नियमों के तहत बढ़ोतरी किया जाए।
सभी दर्दनाक रन -ओवर हादसों की न्यायिक जाँच / सी•बी•आई• जाँच कराई जाए तथा रेल कर्मचारियों क़ो *एक करोड़ का बीमा* किया जाए।
 सभी विभाग में L. D. C. E. एवं G. D. C. E. परीक्षा प्रत्येक वर्ष लिया जाए।
रनिंग कर्मचारियों के किलोमीटर भत्ते में टी•ए• के बढ़ोत्तरी के अनुपात में 25% बृद्धि किया जाए।रनिंग कर्मचारियों के BOS को संशोधित करके ड्यूटी ऑवर को कम किया जाए।
रनिंग कर्मचारियों के लिए लागु RAC-1980 फार्मूला को हुबहू लागु करके मायलेज भत्ता दिया जाए।रनिंग भत्ता आयकर से मुक्त हो।
 बेवजह किए जा रहे ट्रांसफर, चार्जेशीट, सस्पेंशन, रिमूभल, छुट्टी / प्रमोशन / एरियर-भत्ता /वेतन आदि रोकने कि उच्चस्तरिए जाँच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाई कि जाए।
ट्रेक - निरीक्षण कार्य में की-मैन के साथ एक सहयोगी निगरानीकर्ता उपलब्ध कराया जाए।
 बड़े अस्पतालो/शहरों में रेलवे का हॉलिडे होम स्थापित किया जाए।
 TTE/TTI/CTTI कैटेगरी को रनिंग भत्ता प्रदान किया जाए। सभी स्टेशनो पर ट्रांजिट-रूम, रनिंग रूम की सुविधा हो।
 01-01-2020 से 31-06-2021 तक 18 माह के D.A. एरियर का भुगतान किया जाए।
 लार्जेश स्कीम को पुनः लागु किया जाए।
पेट्रोल मैन का बीट स्थाई रूप से सिंगल लाइन में 02 किलोमीटर और डबल लाइन में 01 किलोमीटर किया जाए।
सभी विभाग के कर्मचारियों को MACP का लाभ प्रत्येक पांच (05) वर्ष पर दिया जाए।
महिला रेल कर्मचारियों को प्रत्येक माह नेचुरल-लिव, तथा कार्यस्थल पर अलग शौचालय वाशरूम आदि सुविधा दिया जाए।
रेल कर्मचारियों के सभी स्थानीय समस्या, रेलवे आवास, अस्पताल, विजली, पानी आदि कि जाँच करके इसे अभिलंब दूर किया जाए इत्यादि सहित कुल 36 प्रमुख मुद्दे शामिल है।
इस नैतिक समर्थन से रेल परिचालन में कोई बाधा उतपन्न नही हुई । इस कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों मे शत्रुघ्न प्रसाद , संजय कुमार, दीपक कुमार, मो• शाकिर, सोनू कुमार, बिनोद कुमार, प्रमोद कुमार, अभिषेक कुमार , शिवम् कुमार, ओमशंकर कुमार, अंगद कुमार साह आदि प्रमुख थे।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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