साइबर फ़्रॉड का एक अनूठा औऱ नायब तरीका केबीसी के नाम पर लूट : प्रमोद कुमार सिन्हा

साइबर फ़्रॉड का एक अनूठा औऱ नायब तरीका केबीसी के नाम पर लूट : प्रमोद कुमार सिन्हा

 जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट 
क्या साइबर पुलिस इस प्रकार क़े सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म पर नजर नहीं रखती है इस प्रकार क़े भ्रामक प्रचार औऱ ठगी पर अंकुश नहीं लगा सकती है.? आखिर उसका कार्य क्या है ? चिंतनीय औऱ सोचनीय की बात है।

इंडिया जनक्रांति न्यूज डेस्क (जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 28 फरवरी, 2026)। जी हाँ साइबर फ़्रॉड का एक अनूठा औऱ नायब तरीका का आगाज़ हो चुका है जहाँ पुलिस साइबर फ़्रॉड समाप्ति हेतु कृत संकलिप्त है, वहीं यह पैर पसारते पसारते एक से बढ़कर एक नायब तरीका का इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहा है।
 हुआ यों मैं फेसबुक देख रहा था दोपहर में एक विज्ञापन पर नजर पड़ा इस संबाददाता को विज्ञापन K B C क़े नाम से था जहाँ पर चेहरा दिखाया जा रहा था सलमान का और अमिताभ बच्चन का चेहरा पहचानो औऱ कार जीतो जैसे जैसे फॉर्म भरना था वैसे वैसे मेरे द्वारा फॉर्म भर दिया गया।
 गौर करने की बात थी नाम सलमान औऱ अमिताभ बच्चन का जरूर था परन्तु चेहरा एक ही दिखाया जा रहा था कोई भी आदमी उसे पहचान सकता था गौर करने क़े बाद वो अमिताभ बच्चन का ही चेहरा था।
 कन्फर्मेशन हेतु जो मोबाइल का नम्बर था लगातार पाँच - छः बार डायल करने पर भी स्विच ऑफ मिला पहले ही नजर में मुझे फ़्रॉड नजर आया औऱ प्रयास बन्द कर दिया।
मजेदार तथ्य है शाम करीब सात बजे क़े आस पास मुझे एक नये नम्बर से फोन आता है की आप लकी हैँ आप K BC में फर्स्ट प्राइज जीते हैँ औऱ nexon कार आपको मिला है आप चाहें तो कार ले लें या कार का पैसा अपने एकाउंट्स पर ट्रांसफर करबा सकते हैँ, इसके लिये आपको २९९ / रुपया भेजना है काफ़ी बधाई दी गयी। मैं उस वक़्त गाँधी चौक बाघी में था औऱ गाड़ियों का हॉर्न का शोर से पुरी बात समझ नहीं पाया कुछ कुछ समझ में आया औऱ मैं चिल्लाया तुम फ़्रॉडज्म कर रहे हो एक नम्बर क़े फ़्रॉड हो अभी मैं रास्ते में हूँ घर पर पहुँच बातें करुँगा उसने कहा आप चिल्ला लीजिये लेकिन यकीन दिला रहा हूँ मैं K B C से ही बात कर रहा हूँ घर ज्यों ही पहुँचा पुनः फोन आ गया मैं नार्मलाईज था औऱ कहा मैं बाथ रूम से आने क़े बाद बातें करुँगा मैंने कपड़े बदले भी नहीं था तो पुनः फोन आ गया औऱ मैंने कहा अभी तो मैं बाथरूम गया भी नहीं औऱ आप फोन पर फोन कर रहे हैँ लेकिन उसका मोबाइल ट्रेस नहीं हो रहा था औऱ लंन्गुजे बिहारी था या तो जामतारा या नवादा कहीं से वो मराठी का प्रयोग नहीं कर रहा था शक मेरा गहराता गया बाथरूम से वापस आने पर पुनः फोन आया मैंने प्रश्न किया ज़ब कन्फर्मेशन की बात थी तो फोन स्विच ऑफ था तो फिर ये प्राइज कैसा.? उसने मुझे कुछेक फोटो दिखाकर अपने को सही सिद्ध करने लगा। मैं किसी पार्टी में था पुनः फोन आया मैंने कहा मैं ब्यूरो हूँ अच्छी तरह तुम्हें जानता हूँ एक काम करो मेरा प्राइज कैंसिल कर दो फिर भी वो नहीं माना औऱ तरह तरह का विश्वास दिलाने क़े नाम पर फोटो भेजा है जिसे मैं प्रकाशन हेतु भेज रहा हूँ औऱ लोगों से अनुरोध औऱ अपील है इस प्रकार क़े कार्य में कभी भी जल्दबाजी नहीं करें चूँकि मैंने कहा यदि प्राइज ससच्चा होगा तो कैंसिल नहीं होगा औऱ झूठा होगा तो कैंसिल का भय दिखाया जायेगा मैंने एक स्वर से कहा भैया गलत जगह नम्बर तुम्हारा लग गया है तुम ऐसा काम करो प्राइज कैंसिल कर दो इस पर विश्वास दिलाने क़े लिये तरह तरह का पार्टीईओं का सीन दिखाने लगा की वह सच्चा है मैंने पुनः ऐसा ही विज्ञापन फिर देखा क्या साइबर पुलिस इस प्रकार क़े सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म पर नजर नहीं रखती है इस प्रकार क़े भ्रामक प्रचार औऱ ठगी पर अंकुश नहीं लगा सकती है.? आखिर उसका कार्य क्या है ? चिंतनीय औऱ सोचनीय की बात है।
 समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से केन्द्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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