33 सालों से न्याय की आस लगाए भटक रहा प्रार्थी न्यायालय में नहीं मिल रहा न्याय झूठी मुकदमा दर्ज करने वाले को कोई सजा नहीं
33 सालों से न्याय की आस लगाए भटक रहा प्रार्थी न्यायालय में नहीं मिल रहा न्याय झूठी मुकदमा दर्ज करने वाले को कोई सजा नहीं
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
प्रार्थी ने वर्तमान न्यायाधीश से न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए D.j (साहब के नजदीक क्रि०मि० दाखिल करने हेतू इस केस को दूसरे न्यायालय में मुकदमा स्थानांतरण करने की मांग की
समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 6 मार्च, 2026)। 33 सालों से न्यायालय से न्याय की आस लगाए भटक रहा प्रार्थी नहीं मिल रहा न्याय झूठी मुकदमा दर्ज करने वाले को कोई सजा नहीं। मिली जानकारी अनुसार सेवानिवृत संचारी रोग नियंत्रक पदाधिकारी सह जेपी सेनानी बिहार ने विगत 2 मार्च 2026 को उमाशंकर नारायण, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी चतुर्थ सह अवर न्यायाधीश (चतुर्थ) समस्तीपुर न्यायालय से
T.R 873/2025 केस संख्या 659/1993 अमर कुमार बनाम स्व.मोहन कुमार वर्मा एवं अन्य के रेकार्ड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश दिनांक 21.8.2025 के आदेश फलक में अंकित) Letter HO DJ/SAM के
पत्रांक 8622 दिनांक 19.08.2025 का आदेश "पुन: सुनकर निर्णय करें।, के विपरीत कार्यालय के पेशकार द्वारा
प्रोविशनली पदा० "जेल' से रिपोर्ट आपको गुमराह कर मंगवाना।
D. J साहब के आदेश के विरुद्ध एवं 7.2.26 में दिये गये आवेदन को ऑडरशीट में पेशकार द्वारा आपके मौखिक आदेश के विपरीत आदेश फलक में मात्र आवेदन की चर्चा, तथ्य को छुपाकर आर्डरसीट पेशकार द्वारा लिखे जाने एवं मेरे द्वारा लिखित मेरे अधिवक्ता विनोद महाराज के कथन को छुपा लेने, 11.7.2025 को मेरे द्वारा लिखित बहस का सर्टिफाइड copy नहीं देना। प्रोवेसीनली ऑफीसर का प्रतिवेदन की सर्टिफाइड कॉपी नही देना, टिप्पणी रिकॉर्ड नहीं खोलना। अभियोगी के पक्ष में पेशकार द्वारा, 11.7.2025 की व्यान की कॉपी नहीं देना, जब कि आर्डर सीट में लिखित बहस अंकित है.
का सर्टिफाइड कॉपी आपसे भाविक बहस में कहने के बावजूद,
Time bar congnigence को भारी भरकम बना दिया गया। इस पेशकार के श्रीमान के न्यायालय में रहते आपसे
न्याय मिलने में, उक्त कारणों से अविश्वास होने के कारण, दूसरे व्यायालय में स्थानांतरण हेतु सादर अनुरोध करते है। साथ ही अंकित तथ्यों के आलोक में कहना चाहता हूँ कि
12/9/2025 एवं 25/9/2025 श्री मान से लिखित permission पाकर श्रीमान पर भगवान की तरह
विश्वास करके मैने अपनी बात रखी
4/9/2025 व 12.9.2025 अभियोगी अनुपस्थित रहें। वहीं 19/10/2025, 17|11|2025, अभियोगी अनुपस्थित रहे। उन्होंने कहा की मैं सेवानिवृत्त संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी के रूप
में 2014 में सेवानिवृत्त हुआ हूँ। तथाकथित मूठी घटना की तिथि 13/9/1993 बनाकर यह झूठा मुकदमा में पुरे रिकॉर्ड मे कोई जख्म प्रतिवेदन, मारपीट का नहीं है साथ ही किसी भी मजदूरों का साक्ष्य नहीं है । No evidence का केस , voilation
of Law का केस है। मेरे! Defence A, B, C.D..E. F. G.H, Exibit marke E5-171) साक्ष्यों तथा लिखीेत बहस को देखकर ही पूर्व में इस कोर्ट के P. O श्री मनोज कुमार के प्रोवेशनली ऑफिसर से 11/7/2025 का आदेश से प्रतिवदेन कार्यालय मांग करें।
दूसरे तरफ D. J साहब, समस्तीपुर
ने 19/8/ 2025 को पत्रांक 8622 दिनांक 21/8/2025 के बोर्ड के आर्डरसीट में अंकित के विपरीत कार्यरत
पेशकार ने D. J साहब के आदेश के
विपरीत प्रोवेशनली पूर्व० का रिपोर्ट को जरूरी समझा।
भरे इजलास में अधिवक्ता विनोद महाराज के समक्ष श्रीमान ने कहा था कि अभियोगी से जमीन का कागजात मांगी जायेगी। लेकिन 7.02.2026 का आदेश दर्शाता है कि श्रीमान के पास न्याय मिलना सम्भव नहीं है।
अत: D.j (साहब के नजदीक क्रि०मि० दाखिल करने हेतू इस केस को दूसरे न्यायालय में स्थानातरण करने की कृपा की जाये।
सम स्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments