उजाड़े गये 907 परिवारों को पर्चा देकर पुन: बसाने को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष माले का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा
उजाड़े गये 907 परिवारों को पर्चा देकर पुन: बसाने को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष माले का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा
सत्ताधारी दल दो-दो सौ भोंपू लगाकर बोलेंगे लेकिन दलितों-गरीबों को लाउडस्पीकर की अनुमति भी नहीं- राज्य अध्यक्ष, खेग्रामस
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
अत्याचार अधिकार नहीं -राष्ट्रीय महासचिव,आइसा
समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 13 मार्च 2026)। समस्तीपुर जिलान्तर्गत हसनपुर प्रखंड के मंगलगढ़ (सुंदरैयानगर) से उजाड़े गये 907 दलित परिवारों को पर्चा देकर बसाने सहित समस्तीपुर जिले के सभी भूमिहीनों को वासभूमि-आवास, सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा एवं पर्चाधारी को कब्जा दिलाने एवं दलितों-गरीबों के झोपड़ी पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर भाकपा माले कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष बृहस्पतिवार से शुरू अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन शुक्रवार को दूसरे दिन भी अनवरत जारी रहा।
मौके पर एक सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने किया। संचालन खेग्रामस के जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय ने किया। सभा को भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य जीबछ पासवान, ललन कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, दिनेश कुमार, महावीर पोद्दार, जिला कमिटी सदस्य जयंत कुमार, गंगा प्रसाद पासवान, अनील चौधरी, रंजीत कुमार राम, रौशन कुमार समेत आइसा नेता लोकेश राज, दीपक यदुवंशी, आइसा राज्य अध्यक्ष प्रीति राय पटेल, खेग्रामस के प्रभात रंजन गुप्ता, रमेश महतो, जीतेंद्र कुशवाहा, विनय पासवान, राहूल कुमार, अर्जून दास, अमेरिका यादव, अर्जुन कुमार, रामबाबू सदा, कमली देवी, शांति देवी, आशा देवी, सुदामा देवी, मो० आले, मुन्ना दास, युगेश्वर सहनी, नेपल सहनी, मनर दास, बैजनाथ सदा, दिलबहार सहनी, पाचू राम आदि ने संबोधित किया।
बतौर मुख्य वक्ता भाकपा माले के पूर्व विधायक सह खेग्रामस के राज्य अध्यक्ष मनोज मंजिल ने कहा कि हमलोग सरकार से कुछ नहीं मांगते, सरकार हमारे लिए वासभूमि-आवास, रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि हसनपुर के मंगलगढ़ (सुंदरैयानगर) में 1992 से करीब एक हजार परिवार केशरेहिंद सरकारी जमीन पर बसे हुए थे। इन परिवारों का नाम वोटरलिस्ट में था। इन्हें राशनकार्ड, बिजली, पानी आदि तमाम सरकारी सुविधा प्राप्त था। साज़िश के तहत इन्हें पुलिस एवं सामंती गुंडा गठजोड़ उजाड़ दिया। जिले के अन्य प्रखंडों में सरकारी जमीन पर बसे दलितों-गरीबों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। भूमिहीनों को वास भूमि एवं आवास देने के सरकारी प्रावधान के बाबजूद उन्हें न वास भूमि दिया जा रहा है और न ही आवास दिया जा रहा है। सरकारी जमीन पर पुस्तैनी बसे परिवारों को पर्चा तक नहीं दिया जा रहा है। इससे उनके आवास योजना का राशि लौट रहा है। उन्होंने कहा कि सुंदरैयानगर के उजाड़े गये 907 परिवारों को पर्चा देकर बसाने, जिले के सभी भूमिहीनों को वासभूमि - आवास एवं सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को पर्चा देने का प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने तक अनिश्चितकालीन घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन एवं सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ताधारी दलों के नेता अपनी बात रखने के लिए दो-दो सौ लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन दलितों-गरीबों को अपनी बात-अपनी समस्या रखने के लिए समस्तीपुर धरना स्थल पर एक लाउडस्पीकर का अनुमति तक नहीं दिया जाता है। यह लोकतंत्र की हत्या है।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र संगठन आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने कहा कि अत्याचार अधिकार नहीं है। यूजीसी समानता की लड़ाई है और इसे आइसा मजबूती से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने 16 मार्च को पटना राजभवन मार्च में भाग लेने की अपील छात्र-युवाओं से की।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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