ईरान - इज़राइल - अमेरिका का युद्ध भयानक मोड़ पर

ईरान - इज़राइल - अमेरिका का युद्ध भयानक मोड़ पर 

जनक्रांति कार्यालय से ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट 
अमेरिका ईरान में फौज उतारने की जिद पर अड़ा है देखिये अब होता है क्या खेमनई क़े उत्तराधिकारी को गद्दी मिलते ही वहाँ की जनता एकजुट हो गयी है जो अमेरिका की सोच क़े बाहर था।

वर्ड न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 5 मार्च, 2026)। ईरान - इज़राइल - अमेरिका युद्ध भयानक मोड़ पर आ गया है जहाँ ट्रम्प की सोच थी खेमनई को मारकर हमने जंग जीत लिया है औऱ वहाँ की जनता को हम अपने मुतावीक मन माफीक सरकार देंगें, लेकिन उनका यह सोच वर्तमान में धरा क़े धरा रह गया है । जहाँ खेमनई की जगह उनके पुत्र ने उत्तराधिकार प्राप्त कर लिया है, वहीं दुसरी ऒर अमेरिका ने बच्चियों क़े स्कूल पर मिसाइल दाग कर वहाँ की जनता को एकजुट होने का मौका दे दिया है। मौत की परबाह ना कर ईरान की जनता सड़कों पर उतर आयी है यह अमेरिका ने कभी कल्पना तक नहीं किया था।
 आज हालात यह है की ईरान क़े सस्ते मिसाइल क़े सामने अमेरिका औऱ इज़राइल का मिसाइल फेल हो रहा है औऱ ईरान एक से एक धुंआधार प्रहार करने से बाज नहीं आ रहा है।
 जहाँ एक ऒर अमेरिकी विदेश मंत्री की स्वीकृति हो रही है कि ईरान एक महीने में तीस मिसाइल का निर्माण कर लेता है। वही दुसरी ऒर अमेरिका एक महीने में महंगे मात्र छ मिसाइलें ही तैयार कर पा रहा है वह भी ईरान क़े सस्ते मिसाइल क़े सामने टिक नहीं पा रहा है अब ट्रम्प इज़राइल पर अपनी खीज उतार रहा है दुसरी ऒर नाटो को भी कोस रहा युद्ध की इस घड़ी में वो इसका साथ नहीं दे रहा है।
अब अमेरिका ईरान में फौज उतारने की जिद पर अड़ा है देखिये अब होता है क्या खेमनई क़े उत्तराधिकारी को गद्दी मिलते ही वहाँ की जनता एकजुट हो गयी है जो अमेरिका की सोच क़े बाहर था युद्ध क़े चार - पाँच दिनों में ही स्थिति भयाबह हो गयी है आगे इस संबाददाता द्वारा इस युद्ध पर गिद्ध की नज़रें गराये हुए हैँ। 
प्रमोद कुमार सिन्हा, केंद्रीय ब्यूरो चीफ, जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन की रिपोर्ट समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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