खतियानी भूमि को अंचल कर्मचारी और सीओ से मिल साजिश कर भूमि हडपने का पीडिता ने लगाई आरोप जांच की मांग

खतियानी भूमि को अंचल कर्मचारी और सीओ से मिल साजिश कर भूमि हडपने का पीडिता ने लगाई आरोप जांच की मांग 

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
पूर्वज की जमीन को सरकारी बता फर्जी तरीके से बंदोबस्त करवा खरीद बिक्री करने का जमीन मालिक ने लगाया भू_माफिया का आरोप 

बेगूसराय, बिहार {जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क, 7 मार्च 2026 }। बेगूसराय जिला के छौडाही प्रखंड अंतर्गत दीही गांव निवासी लक्ष्मी देवी व भूखली देवी ने अपनी व्यथा सुनाते हुऐ कहा है की अंचलाधिकारी व कर्मचारी ने मिलकर हमारे पूर्वज की जमीन की गलत जमाबंदी कर बंदोबस्त कर दिया है।
इतना ही बंशावली में भी हेराफेरी कर दिया गया है। बताया जाता है की सुखराम रावत के नाम से खतियानी जमीन है l जिसको फर्जी तरीका से भोला साह द्वारा केबाला अपने भाई से करवाए लिए हैं। जिसका केबाला डीड नंबर 2001 दिनांक 29 अप्रैल 1988 है। उक्त खतियानी जमीन को बंदोबस्ती कह कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा लिया गया है।
 पुन: उसी जमीन को 2016 में रामरती देवी अपने बहु के नाम खरीदगी केबाला बिल्ट साह के नाम से रजिस्ट्री करवा दिया गया जिसका केबाला नंबर 18350 / 2016 हैं l जिसका मोटेशन फर्जी तरीके से कराया गया है l जिसमें बंशाबली रामरती देवी के द्वारा दाखिल किया गया। उन्होंने इस बंशावली में बिल्ट साह को मृत घोषित कर दिया गया जिस बंशाबली के निर्गत करने की तिथि 03/02 /2013 हैं l 
बंशाबली पत्रांक 61 में अंकित हैं l जबकि राजस्व कर्मचारी का रिपोर्ट मुकदमा संख्या 1350 R 27/ 2019 - 2020 के अनुसार विक्रेता का नाम बिल्ट साह को जीवित बताया गया है l
ताजुब की बात है की अंचलाधिकारी द्वारा बिना पूर्ण जांच के ही फर्जी बंशावली को ही असली मानकर जमाबंदी दाखिल खारिज रामरती देवी के नाम फर्जी तरीके से कर दिया गया है।
बिना विभागीय कागजात की जांच के ही जिस व्यक्ति का 2013 के वंशावली में मृत घोषित है वो कर्मचारी के रिपोर्ट अनुसार 2020 में जीवित हो गए कैसे ऐ प्रश्न सोचनीय विषय बना गया है। फर्जी तरिके से की गई जमाबंदी को रद्द करने के साथ ही दोषी कर्मचारी पदाधिकारी व फर्जी तरीके से कराऐ गए केबाला को रद्द करने की मांग जमीन मालिक ने जिलाधिकारी से सत्यता की जांच करने के साथ ही कार्रवाई करने की मांग किया है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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