राजनीति सफर का करिश्मा कोई धुल बना तो कोई फुल बन खिला

राजनीति सफर का करिश्मा कोई धुल बना तो कोई फुल बन खिला 

जनक्रांति कार्यालय से केंद्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा की रिपोर्ट 
मुझे हार्दिक प्रसन्नता है की माननीय नन्द किशोर यादव जी आज "नागालैंड क़े राज्यपाल " क़े रूप में उनका सिलेक्शन हुआ है मेरी हार्दिक बधाई करें स्वीकार 

बिहार न्यूज़ डेस्क, (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 9 मार्च, 2026)। जी हाँ ये है राजनीती सफर का करिश्मा माननीय नन्द किशोर यादव औऱ मेरा सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, नगर इकाई पटना से एक साथ शुरुआत हुई, जहाँ माननीय नन्द किशोर जी कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स पटना ( मगध यूनिवर्सिटी ) पटना क़े सीनियर छात्र थे वहीं मैं भी उनसे जूनियर छात्र नेता था।
 माननीय ओमप्रकाश माथुर द्वारा मेरा सिलेक्शन तत्काल जनसंघ का यूनिट था विद्यार्थी परिषद द्वारा युवा जनसंघ का मुझे संयोजक औऱ मेरे परम मित्र को सह संयोजक नियुक्त किया गया था।
  ये उपरोक्त सम्मेलन राजेंद्र नगर पटना में स्थित कम्युनिटी हाल में हुआ था जहाँ मेरे राजनितिक गुरु यानी विद्यार्थी परिषद में ले जाने बाले माननीय बिक्रम कुंवर रहे।
    शायद ही कोई इतवार मुझसे विद्यार्थी परिषद का बैठक छुटा हो मैं औऱ नन्द किशोर जी पटना क़े पटना सिटी से औऱ मैं पश्चिम दरवाजा से आता था। बैठक समाप्ति क़े बाद एक ही साथ निकलते थे। धीरे धीरे दोस्ती बढ़ती गयी औऱ आनन्द टाकीज क़े मकान में बतौर किरायेदार मेरे जीजा जी जो उस समय सिटी ब्रांच, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में ब्रांच मैनेजर थे मैं भी वहीं रहता था औऱ एक बार ही नहीं कई एक बार नन्द किशोर जी मेरे साथ भोजन औऱ नास्ता किया करते थे। ये विस्तृत चर्चा मैं ऑटोबायोग्राफी में लिख चुका हूँ जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। "आपातकाल में भी ज़ब गोली औऱ अश्रु गैस चल रहा था मैंने नंदकिशोर जी को हाथ पकड़ दौड़ते हुए आनन्द टाकीज क़े पीछे बने उक्त मकान में रह कर जान बचायी।
  पुलिस की दविस बढ़ती गयी औऱ छुपने क़े लिये मेरा स्थान स्व. माननीय राम सुन्दर दास जी क़े आबास पर या माननीय मँगनी लाल मण्डल या रेवती रमन जी क़े आबास पर तीन तीन चार चार घंटे बिताया करता था। उस समय तीनों एम एल सी थे छात्र मेताओं की गिरफ्तारी बढ़ती गयी औऱ मेरा छुपने का स्थान भी बदलता गया औऱ मैं बिहटा चला आया।
   बिहटा में आर एस एस की बैठक जिसका नेतृत्व ओम प्रकाश गर्ग कर रहे थे अध्यक्षता की थी औऱ निदेश दिया था। " जेल भरो " अभियान क़े तहत सबों की गिरफ्तारी देनी है स्थान नियत किया गया और हम बारह साथियों सहित पटना यूनिवर्सिटी के गलियारों में पुलिस द्वारा गिरफ्तार हुआ तथा पीरबहोर थाना में पकड़ाया औऱ सेंट्रल जेल बाँकीपुर जो अब बेयूर जेल है। वहाँ रखा गया तकरीबन दो - तीन महीने बाद फूलबारी सरीफ कैंप कारा में स्थानतरित हुआ जिसका जेल सर्टिफिकेट मुझे प्राप्त नहीं हो सका अथक प्रयास क़े बाबजूद भी। जेल में नियमित रूप से शाखा में भाग लिया करता था। जहाँ तकरीबन पचास से अधिक आसनों में मैंने महारत हासिल की जिसका नेतृत्व नरेंद्र धीमान करते थे जो आसानों में परबीन थे औऱ बौद्धिक क्लास श्री भोलानाथ जी करते थे जेल में मैंने पाया राजनीती गरीबों क़े लिये नहीं है औऱ उसमें भी मैं कायस्थ जाती से था मेरी स्थिति जीरो पर ही आउट थी।
    जेल से निकलने क़े बाद सबों से मैंने अंतिम विदायी ली जो पटना पी एम सी एच आस्थायी कारा में थे सबों से भेंट कर अंतिम विदायी लेकर राजनीती से सन्यास ले लिया।
    ये रहा मेरा राजनितिक सफर औऱ मैं सरकारी सेवा में आ गया जहाँ मैंने जे पी क़े समक्ष जो कश्मे ली थी उसे धरातल पर उतारा इसका गबाह मेरा सेवा पुस्त है। जिसमें मेरे द्वारा किये गये कार्य की प्रशंसा औऱ सराहनीय दर्ज है। इसी संदर्भ में मैं माननीय स्व सुशील मोदी, माननीय आश्वनी चौबे, माननीय शिवानन्द जी, औऱ माननीय नन्द किशोर जी से मुलाक़ात की थी इसके अतिरिक्त कई एक बार भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में माननीय नन्द किशोर जी से मुलाकातें होती रही। वहीं मैंने माननीय नित्यानंद राय जी से भी मुलाक़ात किया था। जो भारतीय जनता पार्टी क़े प्रदेश अध्यक्ष थे। राजनीती ज्वाइन करने की इच्छा जाहिर की थी। ये रिटायरमेन्ट क़े बाद की बात है किसी कारणवश ज्वाइन नहीं कर सका औऱ मैं जे पी सेनानी कम प्रदेश महासचिव नियुक्त हुआ। जो आज तक लगातार जारी है। आज भी मेरी तमन्ना है अब मैं पुनः राजनीती में हिस्सा लूँ अपने हैसियत क़े अनुसार अन्यथा जस क़े तस रहूँगा।
    मुझे हार्दिक प्रसन्नता है की माननीय नन्द किशोर यादव जी आज "नागालैंड क़े राज्यपाल " क़े रूप में उनका सिलेक्शन हुआ है मेरी हार्दिक बधायी स्वीकार करें, मेरे जैसा गरीब सुदामा मित्र को याद करें, मुझे कुछ नहीं चाहिये सिर्फ पूर्ववत प्रेम की ही चाह है भगवान ने मुझे संतुष्ट कर रखा है। मैं पूर्ण संतुष्ट औऱ आत्म गौर्वाणित हूँ अपने कार्य से।
 उपरोक्त आलेख 👆 प्रकाशन हेतु प्रमोद कुमार सिन्हा, केंद्रीय ब्यूरो चीफ, जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन द्वारा प्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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