स्व रचित काव्य रचना : दिल मेरा दिवाना हो गया किसी के लिऐ...

स्व रचित काव्य रचना : दिल मेरा दिवाना हो गया किसी के लिऐ...

🖋️ काव्य रचनाकार :प्रमोद कुमार सिन्हा 

दिल मेरा दीवाना हो गया किसी क़े लिये ,
हर घड़ी हर पल धड़कता है जिसके लिये ,
वह स्वासों में ही रमा है जुदा नहीं होता,
आबाज है मधुर बुलाता है पल पल क़े लिये,
दिल मेरा दीवाना है.......
कैसा मैं ज़ालिम हूँ जो उसकी नहीं सुनता 
कभी भी वो है मजबूर मेरे लिये मेरी ही सुनता,
पागल हैँ हम अपने आप में भी मस्त नहीं,
उसकी मस्ती का आलम है जो कोई सुनता ,
दिल मेरा दीवाना है........
बिखर जाते हैँ सभी सपने अपने होते बेगाने ,
सियासत भरी चाँदनी चमकते हैं कई सयाने , 
ठोकर लगती है फिर भी आँखें नहीं खुलती ,
परिवार संसार सभी छुट जाते गाते ज़ब गाने ,
दिल मेरा दीवाना है.......
प्रमोद कहे ये रहस्य की सब बातें कहा नहीं जाता,
अंत काल पछताता चिड़िया दाना ज़ब चुग जाता ,
बेकार क़े हैँ झमेले सब बेकार की ही सब बातें ,
जीवन रस बिहीन बिता अंत समय में ही पछताता,
दिल दीवाना है......
👆उपरोक्त स्व रचित पद प्रकाशन हेतु प्रमोद कुमार सिन्हा केन्द्रीय ब्यूरो चीफ प्रमोद कुमार सिन्हा द्वारा संप्रेषित व समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित।

Comments