भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर किया लाखों रुपये की ठगी, शिकायत दर्ज
भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर किया लाखों रुपये की ठगी, शिकायत दर्ज
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
लाखों रूपये के ठगी करने वाले भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन के संचालक पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर भुक्तभोगी ने लगाया गुहार
समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क, 04 अप्रैल, 2026)। उत्तरप्रदेश में संचालित भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का भुक्तभोगी हीरालाल चौरसिया पूर्व संस्था जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रीम अध्यक्ष अनील कुमार गिरी पर आरोप लगाते हुऐ नगर थानाध्यक्ष समस्तीपुर को विगत फरवरी माह में ईमेल के माध्यम से शिकायत करते न्याय की गुहार लगाया है।
उक्त आशय से संवधित शिकायत पत्र प्रेस को दिखाते हुऐ बताया की अनिल कुमार गिरी, पिता- लल्लू प्रसाद गिरी, निवासी ग्राम- कंचनपुर मटियारी, पो0+थाना - चिनहट, जिला- लखनऊ उत्तरप्रदेश, पिन-226025 निवासी संस्थापक भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर लिया गया।
मालूम है की हीरालाल चौरसिया, पुत्र- रामोतार चौरसिया,निवासी मोहल्ला- अम्बेदकर नगर वार्ड सं0- 22, थाना- नगर, जिला- समस्तीपुर का निवासी हैं। उन्होंने बताया की मेरे द्वारा यू ट्यूब पर विगत वर्ष 2022 में एक विज्ञापन देखा भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, नाम अनिल कुमार गिरी, मो० नं०- 9838862100, जिसका उद्देश्य भारत को भ्रष्टाचार व अपराधमुक्त बनाना तथा नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराना बताया गया।
उक्त विज्ञापन से प्रभावित हो संस्थापक अनिल कुमार गिरी के उक्त मोबाईल पर सम्पर्क किया तो उन्होनें मुझे संस्था से जुड़ने का आग्रह किया और सदस्याता शुल्क मो0 1100/- रूपया लेकर सदस्य सह जिला अध्यक्ष दिनांक- 31.12.
2022 को बनाया और ऑनलाईन मीटिंग का तारीख बता मीटिंग में बुलाया करते थे और मीटिंग के दौरान ही जानकारी दी गई की आप लोग में से जो कोई बेरोजगार है और नौकरी करना चाहते हैं तो हम उसे उत्तरप्रदेश सचिवालय में सहायक के पद पर लखनऊ में नौकरी दिला सकते है।
उनके बातों से काफी प्रभावित हुआ। उपरांत उन्होनें हमें अपने कार्यालय चिनहट लखनऊ बुलाया और कहा हम आपके लड़का को सचिवालय सहायक पद पर रखा दूँगा। आप मात्र दस लाख जमा कीजिए मैं एक बार देने में असमर्थता बताई तो किस्त में ही पैसा देने की बात कह अपना बैंक एकाउण्ट नम्बर और मेरे लड़का का सभी प्रमाण-पत्र ले लिया गया । उपरांत फरवरी माह 2023 से 06 जुलाई 2023 तक दस लाख गिरी जी के एकाउण्ट सं०- 309021069950 में मेरे द्वारा अपने एस० बी० आई० बाजार शाखा समस्तीपुर (मारवाड़ी बाजार)
एकाउण्ट सं0- 37698726727 के माध्यम से उनके एकाउण्ट में राशि भेजा जो बैंक के स्टेटमेन्ट से जगजाहिर है। तदोपरान्त गिरी जी ने कहा कि दिसम्बर 2023 से फरवरी 2024 के बीच सर्विस ज्वाईन करा दूँगा। परन्तु फरवरी या जून 2024 बीत गया तो मुझे शंका हुआ कि
मैं ठगा जा रहा हूँ तो उनसे पुनः सम्पर्क किया तो शीघ्र ज्वाईन कराने का आश्वासन दिया गया, सितम्बर 2024 तक रूकने को कहा गया। लाचारण 07 अक्टूबर 2024 को उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में जाकर मिला तो उन्होनें कहा भरोसा नहीं है तो पैसा
वापस मिल जायेगा और एक लाख का एक चेक काटकर चेक सं0- 172833 दे दिया पर समस्तीपुर जब मैं बैंक में जमा किया तो उनके एकाउण्ट में पैसा हीं नहीं था और चेक बैंक द्वारा रिटर्न कर दिया गया जब इसकी सूचना उन्हें दिया तो उनके द्वारा कहा गया हम पैसा जमा कर आपको सूचित कर देंगे जब चेक जमा कीजिएगा चेक बाउन्स नहीं कराईये बाद में आके। उसके बाद से जब भी मोबाईल से सम्पर्क करना चाहा तो मोबाईल बन्द पाया गया। थक हारकर 08 नवम्बर 2025 को लखनऊ उनके कार्यालय पर गया तो कार्यालय बन्द पाया और जब उनके घर पर गया तो गिरी जी का सहायक जितेन्द्र कुमार यादव एवं पत्नी ने गिरी जी से बात कराया तो उन्होनें कहा अभी हम बाहर हैं। आप वापस जाईये हम पैसा एकाउण्ट में जमा कर सूचित कर देंगे। पर न तो आज तक पैसा एकाउण्ट में जमा किया गया और ना ही हमें सूचित हीं किया गया। इस प्रकार मेरे साथ धोखा धड़ी का कार्य कर नौकरी दिलाने के नाम पर दस लाख रूपया का गबन कर गए। इधर कुछ दिन पहले पता चला है कि अमरजीत कुमार एवं चन्दन कुमार के साथ भी ऐसा हीं धोखा धड़ी किया गया है। भुक्तभोगी हीरा लाल चौरसिया ने थानाध्यक्ष समस्तीपुर सहित उत्तरपप्रदेश सरकार से शिकायत पत्र भेजकर गुहार लगाते हुऐ कहा है की अनिल कुमार गिरी के विरूद्ध उचित
कानूनी कार्रवाई कर मुझे पैसा वापस दिलाने का कष्ट करते हुऐ उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
अब देखना यह है थानाध्यक्ष इनके आवेदन पर क्या संज्ञान लेते है न्याय दिला पाते हैँ या अन्य की तरह इनकी शिकायत भी जस का तस धूल फांकती है आलमारी की शोभा बनकर।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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