एक अनजान मुसाफ़िर की मुस्कान — जो दिल में बस गई..

एक अनजान मुसाफ़िर की मुस्कान — जो दिल में बस गई..

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 

उस दिन मुझे एहसास हुआ कि खुशियाँ देने के लिए बड़े काम करने की ज़रूरत नहीं होती। एक अनजान मुस्कान, कुछ अच्छे शब्द, या छोटी-सी मिठाई भी किसी का दिन बना सकती है।

इंडिया जनक्रांति कार्यालय न्यूज़ डेस्क, ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन 18 अप्रैल 2026)। जीवन की भागदौड़ में हम रोज़ अनगिनत लोगों से मिलते हैं। कुछ चेहरे आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन कभी-कभी कोई अनजान व्यक्ति ऐसी छाप छोड़ जाता है, जो लंबे समय तक याद रहती है। ऐसा ही एक छोटा-सा लेकिन दिल को छू लेने वाला अनुभव मेरे साथ भी हुआ।
एक सुबह मैं रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहा था। ठंडी हवा चल रही थी और प्लेटफॉर्म पर हलचल थी — कोई चाय पी रहा था, कोई अख़बार पढ़ रहा था, तो कोई अपने फोन में व्यस्त था। मैं भी अपने विचारों में खोया हुआ था। तभी पास ही बैठे एक बुज़ुर्ग व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए मुझसे पूछा, "बेटा, यह ट्रेन कितने बजे आएगी?"
मैंने समय बताया और उनसे बातचीत शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि वे अपने पोते से मिलने जा रहे हैं, जो काफी समय से उन्हें बुला रहा था। उनकी आँखों में एक अलग ही चमक थी — जैसे किसी बच्चे की खुशी हो। थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने बैग से एक छोटा डिब्बा निकाला और मुझे मिठाई देते हुए बोले, "लो बेटा, घर से निकला हूँ, सोचा रास्ते में किसी से खुशियाँ बाँट लूँ।"
मैंने विनम्रता से मिठाई ली और धन्यवाद कहा। बातचीत के दौरान उन्होंने जीवन के छोटे-छोटे अनुभव साझा किए — कैसे लोगों से मुस्कुराकर मिलना चाहिए, कैसे छोटी-सी मदद भी किसी का दिन बेहतर बना सकती है। उनकी सादगी और सकारात्मकता ने मुझे बहुत प्रभावित किया।
कुछ ही देर में ट्रेन आ गई। वे उठे, मुस्कुराए और बोले, "हम फिर शायद कभी न मिलें, लेकिन मुस्कान बाँटना मत भूलना।" इतना कहकर वे ट्रेन में चढ़ गए। ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ गई, लेकिन उनकी बातें और मुस्कान मेरे दिल में रह गई।
उस दिन मुझे एहसास हुआ कि खुशियाँ देने के लिए बड़े काम करने की ज़रूरत नहीं होती। एक अनजान मुस्कान, कुछ अच्छे शब्द, या छोटी-सी मिठाई भी किसी का दिन बना सकती है।
आज भी जब मैं किसी अनजान व्यक्ति को मुस्कुराकर देखता हूँ, तो उस बुज़ुर्ग की याद आ जाती है — और मैं सोचता हूँ, शायद यही छोटी-छोटी मुलाकातें ही जीवन को खूबसूरत बनाती हैं। ✨
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित।

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