अजमेर दरगाह नहीं, शिव मंदिर है ?जिला कोर्ट में आज हुई अहम सुनवाई, फैसला सुरक्षित

अजमेर दरगाह नहीं, शिव मंदिर है ?
जिला कोर्ट में आज हुई अहम सुनवाई, फैसला सुरक्षित

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि कई ऐतिहासिक ग्रंथों एवं दस्तावेजों में मंदिर होने के संकेत मिलते हैं।

इंडिया जनक्रांति न्यूज़ डेस्क (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 8 मई 2026)।
अजमेर शरीफ दरगाह से जुड़े कथित “शिव मंदिर” विवाद मामले में आज जिला अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें दावा किया गया है कि वर्तमान अजमेर दरगाह परिसर के भीतर प्राचीन शिव मंदिर मौजूद था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि कई ऐतिहासिक ग्रंथों एवं दस्तावेजों में मंदिर होने के संकेत मिलते हैं।
वहीं दरगाह पक्ष और खादिम संगठनों ने इन दावों का विरोध करते हुए अदालत में कहा कि दरगाह सदियों से देश-दुनिया के लोगों की आस्था का केंद्र रही है और इसे अनावश्यक रूप से विवादित बनाया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान दरगाह से जुड़े विभिन्न संगठनों एवं पक्षकारों ने खुद को मामले में शामिल किए जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।
अदालत के अगले फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन पक्षों को आधिकारिक रूप से मामले में शामिल किया जाएगा और आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ेगी।
गौरतलब है कि यह मामला पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अब तक अदालत की ओर से यह नहीं कहा गया है कि दरगाह परिसर में शिव मंदिर था या नहीं। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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