जनता बेहाल स्टाम्प वेंडर हो रहे मालामाल छोटे स्टाम्प की किल्लत से आमजन हो रहें परेशान अवैध राशि लेने का आरोप
जनता बेहाल स्टाम्प वेंडर हो रहे मालामाल
छोटे स्टाम्प की किल्लत से आमजन हो रहें परेशान अवैध राशि लेने का आरोप
समस्तीपुर जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
स्टाम्प वेंडर लगा रहें कोषागार पदाधिकारी व कर्मचारियों पर अवैध राशि लेने का आरोप
समस्तीपुर कोषागार में “स्टांप खेल” पर उठते सवाल, आखिर कब रुकेगी खुलेआम लूट..?
समस्तीपुर
समस्तीपुर में सरकारी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए कोषागार कार्यालय में इन दिनों कथित रूप से स्टांप विक्रेताओं की मनमानी चरम पर बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि 100 रुपये का स्टांप खुलेआम 200 रुपये तक में बेचा जा रहा है, और जब कोई इसका विरोध करता है तो जवाब मिलता है— “कोषागार में घूस देना पड़ता है।”
यदि यह आरोप सही हैं तो यह केवल आम नागरिकों की जेब पर डाका नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था और प्रशासनिक ईमानदारी पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है। आखिर किसके संरक्षण में यह खेल चल रहा है? क्यों आम जनता मजबूर होकर दोगुने दाम पर स्टांप खरीदने को विवश है?
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ “कोरम पूरा” करने तक सीमित हैं। जनता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं। कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता की जगह दलाली और दबाव का माहौल बनता जा रहा है।
स्टांप विक्रेता यदि सरकारी निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली कर रहे हैं, तो यह सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित स्टांप वेंडरों का लाइसेंस तत्काल रद्द होना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही यह भी जांच जरूरी है कि कहीं विभागीय मिलीभगत से यह अवैध वसूली तो नहीं चल रही।
प्रशासन को यह समझना होगा कि जनता अब चुप रहने वाली नहीं है। सरकारी कार्यालय जनता की सेवा के लिए होते हैं, न कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को लूटने के लिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।
समस्तीपुर के जिलाधिकारी एवं संबंधित विभाग को चाहिए कि कोषागार में चल रही कथित अनियमितताओं की तत्काल जांच कराएं, स्टांप बिक्री की निगरानी बढ़ाएं और दोषियों पर उदाहरणात्मक कार्रवाई करें ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और सरकारी व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/संपादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।
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