पंद्रह दिन में जमीन मामलों का निपटारा करें, नहीं तो कार्रवाई तय : मंत्री दिलीप जायसवाल
पंद्रह दिन में जमीन मामलों का निपटारा करें, नहीं तो कार्रवाई तय : मंत्री दिलीप जायसवाल
जनक्रांति कार्यालय से उजैन्त कुमार की रिपोर्ट
हर लंबित आवेदन में स्पष्ट रूप से कमियों का उल्लेख किया जाए, ताकि लोग बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाएं और समय पर सुधार कर सकें : मंत्री दिलीप जायसवाल
पटना, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 28 मई, 2026)।
बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त मोड में दिखाई दे रही है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा और जन शिकायतों में लगातार हो रही देरी पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि तय समय के बाद दोबारा समीक्षा होगी और जहां भी लापरवाही मिली, वहां सीधे जवाबदेही तय की जाएगी।
जिलावार समीक्षा बैठक की शुरुआत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई, जिसमें पश्चिमी चंपारण, वैशाली और सहरसा जिले के राजस्व कार्यों की विस्तार से जांच हुई। समीक्षा के दौरान कई मामलों में धीमी प्रगति और बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम लोगों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और व्यवस्था को समयबद्ध बनाना ही विभाग की प्राथमिकता है।
बैठक में यह बात भी सामने आई कि बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज आवेदनों को “डिफेक्ट” बताकर लंबित रखा जा रहा है, लेकिन आवेदकों को यह तक नहीं बताया जाता कि आवेदन में कमी क्या है। इस पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई और निर्देश दिया कि हर लंबित आवेदन में स्पष्ट रूप से कमियों का उल्लेख किया जाए, ताकि लोग बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाएं और समय पर सुधार कर सकें।
मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हड़ताल और अन्य कारणों से राजस्व कार्य प्रभावित हुए थे, लेकिन अब कामकाज को पूरी रफ्तार से पटरी पर लाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर सुबह से देर रात तक और सातों दिन काम करने का निर्देश दिया, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह ने भी दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, सरकारी जमीन सत्यापन, राजस्व महाअभियान, सहयोग शिविर आवेदनों, किसान पंजीकरण और एडीएम स्तर तक लंबित मामलों की एक-एक कर समीक्षा की। बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, विधायक और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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