डीबीकेएन कॉलेज नरहन में धरना सातवें दिन और भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, छात्र नेता केशव झा अस्पताल में भर्ती

डीबीकेएन कॉलेज नरहन में धरना सातवें दिन और भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, छात्र नेता केशव झा अस्पताल में भर्ती

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
"यह लड़ाई केवल कुछ छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य की लड़ाई है" — अनशनकारी छात्र

समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ डेस्क | 31 मई 2026)। डीबीकेएन कॉलेज, नरहन में सभी विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग को लेकर भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई) के बैनर तले चल रहा आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। चार दिनों तक चले अनिश्चितकालीन धरना के बाद शुरू हुई भूख हड़ताल आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता केशव झा की तबीयत अचानक बिगड़ जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें रक्तचाप (बीपी) और पल्स रेट से संबंधित समस्याएं हो रही थीं। उपचार के बाद केशव झा पुनः आंदोलन स्थल पर पहुंच गए और आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बीच अंशु कश्यप, प्रिंस कुमार, राहुल कुमार एवं दीपांशु कुमार सहित अन्य छात्र भूख हड़ताल पर डटे रहे। आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि यह संघर्ष केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे शहीद भगत सिंह के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेकर शिक्षा के अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे हैं तथा मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन स्थल पर एसएफआई के पूर्व जिला मंत्री संजय कुमार, जनवादी नौजवान सभा के अंचल अध्यक्ष बबलू कुमार, पूर्व छात्र नेता छोटन सहनी, पंचायत समिति सदस्य चांदनी देवी, मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं भुसवर पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार महतो सहित कई सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों का हालचाल जाना और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
मुखिया संघ अध्यक्ष रंजीत कुमार महतो ने कहा कि शिक्षा समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा छात्रों की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन की चुप्पी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र के स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंचती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
उक्त जानकारी भारत का छात्र फेडरेशन (एसएफआई), डीबीकेएन कॉलेज नरहन इकाई द्वारा प्रेस को उपलब्ध कराई गई।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित एवं प्रसारित।

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