"125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ किरायेदारों को क्यों नहीं? सरकार से जवाब मांग रहे लाखों किरायेदार"

"125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ किरायेदारों को क्यों नहीं? सरकार से जवाब मांग रहे लाखों किरायेदार"

जनक्रांति कार्यालय से उज्जैन्त कुमार की विशेष रिपोर्ट 

मुफ्त बिजली के बावजूद वसूले जा रहे शुल्क पर सवाल, किराये की आय और कर अनुपालन की जांच की भी उठी मांग

पटना/समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 12 जून 2026)। राज्य सरकार की 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना से लाखों परिवारों को राहत मिल रही है, लेकिन किराये के मकानों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे इस योजना के वास्तविक लाभ से वंचित हैं।
किरायेदारों का आरोप है कि कई मकान मालिक सरकार की मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ लेने के बावजूद उनसे 8 से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क वसूल रहे हैं। उनका कहना है कि जब योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को आर्थिक राहत देना है, तो किराये पर रहने वाले लोगों को इससे बाहर क्यों रखा जा रहा है?
किरायेदारों के अनुसार, सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे मुफ्त बिजली योजना का लाभ सीधे वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचे, चाहे वे मकान मालिक हों या किरायेदार।
इसके साथ ही किरायेदारों ने किराये से होने वाली आय के कर (टैक्स) अनुपालन का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि कई मकान मालिक नियमित रूप से किराया वसूलते हैं, लेकिन उस आय पर कर नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी प्रभावी निगरानी नहीं होती। उन्होंने सरकार से इस दिशा में भी सख्त कदम उठाने की मांग की है।
किरायेदारों की प्रमुख मांगें:
किरायेदारों को भी मुफ्त बिजली योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
बिजली शुल्क वसूली के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था बनाई जाए।
किराये से होने वाली आय की जांच और कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
मकान मालिक और किरायेदार, दोनों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन किरायेदारों का कहना है कि यह केवल कुछ लोगों का नहीं, बल्कि लाखों परिवारों से जुड़ा जनहित का विषय है, जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
"मुफ्त बिजली का लाभ सिर्फ मकान मालिकों को क्यों? किरायेदारों ने सरकार से मांगा जवाब।"
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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