रेल नीर 15 की, बिक्री 20 में : आखिर ट्रेनों में ओवरचार्जिंग पर अंकुश क्यों नहीं लगा पा रहा आईआरसीटीसी?

रेल नीर 15 की, बिक्री 20 में : आखिर ट्रेनों में ओवरचार्जिंग पर अंकुश क्यों नहीं लगा पा रहा आईआरसीटीसी?

जनक्रांति कार्यालय से विशेष रिपोर्ट
रेल नीर की 1 लीटर बोतल पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 15 रुपये अंकित होता है, लेकिन देश के विभिन्न रेल मार्गों पर यात्रियों से इसके लिए 20 रुपये या उससे अधिक वसूले जाने की शिकायत

समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 10 जून, 2026)। भारतीय रेलवे यात्रियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेल नीर बोतलबंद पानी की बिक्री करता है। रेल नीर की 1 लीटर बोतल पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 15 रुपये अंकित होता है, लेकिन देश के विभिन्न रेल मार्गों पर यात्रियों से इसके लिए 20 रुपये या उससे अधिक वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में कई बार वेंडर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मांगते हैं। यदि यात्री विरोध करते हैं तो उन्हें पानी उपलब्ध कराने में आनाकानी की जाती है या फिर अन्य ब्रांड की बोतलें अधिक कीमत पर बेचने का प्रयास किया जाता है। इससे यात्रियों में असंतोष बढ़ रहा है।
रेलवे और आईआरसीटीसी समय-समय पर ओवरचार्जिंग रोकने के लिए निर्देश जारी करते हैं तथा शिकायत मिलने पर कार्रवाई का दावा भी करते हैं। इसके बावजूद सवाल उठता है कि जब रेल नीर की कीमत स्पष्ट रूप से बोतल पर अंकित है, तो फिर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पाती..?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेनों में निगरानी की सीमित व्यवस्था, यात्रियों द्वारा कम शिकायत दर्ज कराना तथा कुछ वेंडरों की मनमानी इसके प्रमुख कारण हैं। कई यात्री यात्रा के दौरान विवाद से बचने के लिए अतिरिक्त राशि देकर पानी खरीद लेते हैं, जिससे ऐसी प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है।
यात्रियों का कहना है कि आईआरसीटीसी और रेलवे को ट्रेनों में नियमित जांच अभियान चलाने, दोषी वेंडरों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा शिकायत प्रणाली को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साथ ही प्रत्येक कोच में रेल नीर की निर्धारित कीमत संबंधी सूचना प्रमुखता से प्रदर्शित की जानी चाहिए।
रेल यात्रियों का सीधा सवाल है कि जब रेल नीर की कीमत 15 रुपये निर्धारित है, तो उनसे 20 रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं? और यदि ऐसा हो रहा है तो इस पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
(यह विषय यात्रियों के हितों से जुड़ा हुआ है। यदि किसी यात्री से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जाती है, तो वह रेलवे हेल्पलाइन 139 अथवा रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है।)
समस्तीपुर जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments