छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में एसएफआई ने किया मुख्यमंत्री का पुतला दहन,व्यापक आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में एसएफआई ने किया मुख्यमंत्री का पुतला दहन,व्यापक आंदोलन की चेतावनी

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
बिहार सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है : एस.एफ.आई
 
विभूतिपुर/समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 19 जून, 2026)। भारत के छात्र फेडरेशन एसएफआई बिहार राज्य कमिटी के आह्वान पर डीबीकेएन कॉलेज नरहन के मुख्य द्वार पर नालंदा जिला के नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र छात्राओं की गिरफ्तारी के विरोध में बिहार सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया तथा मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया।प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राएं छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ज्ञातव्य हो कि नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलनरत एसएफआई बिहार राज्याध्यक्षा कांति कुमारी, जिला सचिव सावित्री कुमारी सहित दर्जनों आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिक को घर से खींच कर पुलिस-प्रशासन द्वारा मारपीट व पत्थरबाजी कर गिरफ्तार कर लिया गया।इस कार्रवाई के विरोध में एसएफआई बिहार राज्य कमिटी द्वारा पूरे बिहार में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।
इसी क्रम में डीबीकेएन कॉलेज नरहन में आयोजित विरोध प्रदर्शन प्रतिरोध सभा में तब्दील हो गया।सभा की अध्यक्षता केशव झा ने की जबकि संचालन सोनू कुमार ने किया। केशव झा एवं प्रिंस कुमार ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के पुतले को अग्नि के हवाले किया।

सभा को संबोधित करते हुए केशव झा ने कहा कि शिक्षा और कॉलेज की मांग करना कोई अपराध नहीं है। नालंदा के नागरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र नेताओं की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।बिहार सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। एसएफआई इस दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि गिरफ्तार सभी छात्र नेताओं व आम नागरिक को अविलंब रिहा किया जाए तथा उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार और छात्र हितों के सवाल पर एसएफआई हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।सरकार छात्रों की आवाज को पुलिसिया बल के सहारे दबाने का सपना छोड़ दें।यदि सरकार ने छात्रों की मांगों को अनसुना किया तो आने वाले दिनों में पूरे बिहार में इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

कार्यक्रम में एसएसआई के पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश कुमार की विशेष मौजूदगी रही।उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को दबाने का हर प्रयास विफल होगा।शिक्षा के सवाल पर संघर्ष कर रहे छात्रों की गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को इस दमनात्मक रवैये को तुरंत बंद करना चाहिए।

सभा में उपस्थित छात्रों ने एक स्वर में छात्र नेताओं व आम नागरिक की गिरफ्तारी की निंदा की तथा शिक्षा के अधिकार और छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रियांशु कुमार, प्रीति कुमारी, रागिनी कुमारी, राकेश कुमार, राहुल कुमार, रिमझिम कुमारी, दीप कुमार, सीता कुमारी, दिव्यांशु कुमार, राघव कुमार, दीपा कुमारी, नेहा कुमारी, सोनी कुमारी, अमित कुमार, रोहित कुमार, आदित्य कुमार, विकास कुमार, अंशु कुमार, सुमन कुमार, पूजा कुमारी, निशा कुमारी, अजय कुमार, अभिषेक कुमार, रवि कुमार, अंकित कुमार, राजा कुमार, मनीष कुमार, शुभम कुमार, ज्योति कुमारी, रौशन कुमार, चंदन कुमार, पायल कुमारी, विवेक कुमार, श्वेता कुमारी, अंजलि कुमारी, मुकेश कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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भारत का छात्र फेडरेशन (SFI) डी. बी. के. एन. कॉलेज इकाई, नरहन द्वारा प्रेस को दिया गया। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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