स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और न्याय की मांग, नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े दावों पर पुनः जांच की उठी आवाज़
स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और न्याय की मांग, नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े दावों पर पुनः जांच की उठी आवाज़
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
लेखिका रितू शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के सम्मान, ऐतिहासिक तथ्यों की निष्पक्ष जांच तथा सामाजिक न्याय की मांग दोहराई
नई दिल्ली,भारत (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 28 जून 2026)। स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत और उनके परिजनों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर लेखिका रितू शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के अनेक अनदेखे और उपेक्षित पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिवारों को उचित सम्मान और न्याय मिलना आवश्यक है।
रितू शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक दावों और घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्वतंत्रता सेनानी या उनके परिजन के पास महत्वपूर्ण साक्ष्य या जानकारी है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता सेनानी रामबहादुर सक्सेना के परिवार तथा जगदीश सक्सेना के योगदान को उचित सम्मान दिए जाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
रितू शर्मा ने यह भी कहा कि देश के विकास के लिए ईमानदार, कर्मठ और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले लोगों को सम्मान मिलना चाहिए तथा समाज में सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों की उपेक्षा राष्ट्रहित में नहीं है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों से जुड़े लंबित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर उन्हें सम्मान और न्याय प्रदान किया जाए। उनका कहना था कि जब तक स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को उचित सम्मान एवं न्याय नहीं मिलेगा, तब तक स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के प्रति वास्तविक सम्मान अधूरा रहेगा।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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